crude-sensitive stocks fall: ईरान और इजराइल के बीच नई मिलिट्री तनातनी के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल के बढ़ने से सोमवार को क्रूड-सेंसिटिव कंपनियों के शेयर में गिरावट देखने को मिला। जिससे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई और इनपुट कॉस्ट को लेकर चिंता बढ़ गई। बेरूत पर इज़राइली हमलों के बाद ईरान के इजराइल पर मिसाइल लॉन्च करने के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल लगभग 4 फीसदी बढ़कर $97 प्रति बैरल हो गया, जिससे लड़ाई के जल्द समाधान की उम्मीदें कम हो गई।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों में, HPCL 1.68 फीसदी गिरकर 378.60 रुपये पर पर आ गया, जबकि BPCL 1.83 फीसदी गिरकर 289.60 रुपये पर आ गया।
वहीं दूसरी तरफ पेंट स्टॉक भी दबाव में कारोबार करते नजर आए। दरअसल, क्रूड ऑयल की ऊंची कीमतों से कच्चे माल की कॉस्ट बढ़ सकती है। यहीं कारण है कि एशियन पेंट्स 0.81 फीसदी गिरकर 2,663.30 फीसदी, बर्जर पेंट्स 0.97 फीसदी टूटकर 485.40 रुपये पर ट्रेड करते दिखाई दिए।
इटरनल का शेयर आज 1.64 फीसदी गिरकर 252.30 रुपये पर आ गया। फ्यूल की बढ़ी हुई कीमतें फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स के डिलीवरी इकोनॉमिक्स और मार्जिन पर असर डाल सकती हैं।
इस बीच रॉयटर्स के हवाले से मिली खबर के मुताबिक मॉस्को में ईरान के एंबेसडर ने इशारा किया कि होर्मुज स्ट्रेट खुला रह सकता है लेकिन बदली हुई शर्तों के साथ। एम्बेसडर काज़म जलाली ने रूसी अखबार इज़वेस्टिया को बताया, "बेशक, यह स्ट्रेट खुला रहेगा, लेकिन नई शर्तें ईरानी और ओमानी अधिकारियों द्वारा तय की जाएंगी। उन्होंने कहा, "हम समझते हैं कि ईरान और ओमान इस स्ट्रेट से जुड़ी कुछ सर्विसेज देते हैं। और उन सर्विसेज़ के लिए फीस ली जाएगी।
होर्मुज स्ट्रेट एक जरूरी ग्लोबल शिपिंग रूट है जिससे दुनिया की तेल सप्लाई का लगभग पांचवां हिस्सा आमतौर पर गुजरता है। पानी के रास्ते से ट्रांजिट से जुड़ी कोई भी रुकावट या एक्स्ट्रा कॉस्ट ग्लोबल क्रूड की कीमतों पर और असर डाल सकती है।
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