Daily Voice: सैमको ग्रुप के सीईओ और संस्थापक जिमीत मोदी (Jimeet Modi, CEO & Founder at Samco Group) ने मनीकंट्रोल को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि लार्जकैप (वैल्यू प्ले) में 2025 के लिए प्राइवेट सेक्टर के बैंकों, मीडिया, फार्मा सेक्टर के शेयरों में निवेश किया जा सकता है। उन्होंने कहा हालांकि एफएमसीजी स्टॉक फिलहाल नीचे हैं लेकिन उन्हें बाहर नहीं किया जा सकता हैं। उन्होंने कहा कि अगले कुछ तिमाहियों में इनके स्थिर होने की उम्मीद है। इन्हें पहले ही भारी झटका लग चुका है और इनमें से कुछ शेयर इस समय पांच साल के निचले स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।
उन्होंने कैपिटल गुड्स, रेलवे और इंजीनियरिंग सेक्टर के शेयरों से बचने की सलाह दी। इक्विटी रिसर्च, इनवेस्टमेंट एनालिसिस और टेक्नोलॉजी में 15 साल से अधिक के अनुभव वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट ने कहा, "कैपिटल गुड्स सेक्टर की कई कंपनियां 100 के पीई मल्टीपल पर कारोबार कर रही हैं। रेलवे सेक्टर के शेयरों में भी इस साल जुलाई के बाद अच्छा करेक्शन देखने को मिला है। इंजीनियरिंग सेक्टर के शेयर उच्च पीई मल्टीपल पर कारोबार कर रहे हैं।"
2025 में एसेट एलोकेशन के लिए सबसे अच्छा तरीका क्या है?
उन्होंने कहा कि 2025 में बाजार का प्रदर्शन लगभग 2024 की तरह होने की उम्मीद है। इसलिए रिटेल निवेशकों के लिए, निवेश पर रिटर्न पर फोकस करने की बजाय अपनी पूंजी को संरक्षित करना चाहिए। हम उन्हें 2025 में अपने पोर्टफोलियो में विविधता बनाये रखने के लिहाज से अपने फंड का 50% लार्जकैप शेयरों में, 25% सोने में और 25% डेट में लगाने की सलाह देते हैं। लार्जकैप (वैल्यू प्ले) के लिए प्राइवेट सेक्टर के बैंक, मीडिया, फार्मा सेक्टर के शेयरों में निवेश किया जा सकता है। हालांकि एफएमसीजी स्टॉक फिलहाल नीचे हैं लेकिन निवेश की रेंज से बाहर नहीं हैं। अगले कुछ तिमाहियों में इनके स्थिर होने की उम्मीद है। इन्हें पहले ही भारी झटका लग चुका है और इनमें से कुछ इस समय पांच साल के निचले स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।
चालू वर्ष पर आपकी क्या राय है? क्या आपको उम्मीद है कि 2025 इक्विटी बाजारों के लिए 2024 से बेहतर वर्ष होगा?
जिमीत ने कहा कि मध्यम से लॉन्ग टर्म में भारत की कहानी मजबूत बनी हुई है। 2024 में भारतीय इक्विटी बाजार का प्रदर्शन वैश्विक बाजारों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) से लिक्विडिटी फ्लो से अधिक निकटता से जुड़ा था। घरेलू लिक्विडिटी ने भी समान रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई लेकिन विदेशी फ्लो और विकास किसी भी अन्य चीज की तुलना में बाजार के सेंटीमेंट्स को अधिक प्रभावित करते हैं। अमेरिकी बाजारों में विकास, महंगाई, मंदी की आशंका और अमेरिकी ब्याज दर के मोर्चे पर दिखे एक्शन ने 2024 में भारतीय बाजारों पर असर डाला और 2025 में भी इसका असर जारी रहेगा। भारतीय बाजार वोलैटाइल रहे। लेकिन 2024 में बड़ी गिरावट नहीं देखी गई। लेकिन 2025 में जो होने वाला है, उसे देखते हुए, यह इस साल से बहुत अलग नहीं होगा।
2025 में किन सेक्टसर्स को नजरअंदाज किया जाना चाहिए?
जिमीत के मुताबिक कैपिटल गुड्स सेक्टर की कई कंपनियां 100 के पीई मल्टीपल पर कारोबार कर रही हैं। इस साल जुलाई के बाद रेलवे सेक्टर के शेयरों में भी अच्छा करेक्शन देखा गया। इंजीनियरिंग सेक्टर के शेयर उच्च पीई मल्टीपल पर कारोबार कर रहे हैं। इन सेक्टर के शेयरों में ट्रेडिंग से बचा जा सकता है। इसलिए, निवेश की थीम डिफेंसिव होनी चाहिए, आक्रामक नहीं होनी चाहिए और इसके साथ निवेशकों को सिलेक्टिव भी रहना चाहिए। भले ही बाजार साइडवे कारोबार करता रहे और अनुमान के मुताबिक इसमें गिरावट न दिखे तो चुनिंदा डिफेंसिस सेक्टर प्रदर्शन करना जारी रखेंगे।
इसके साथ ही आक्रामक कीमत वाले आईपीओ से भी बचना चाहिए। यदि आप अलॉटमेंट प्राप्त करने के लिए पर्याप्त भाग्यशाली हैं, तो लिस्टिंग गेन प्राप्त करें और बाहर निकलें। अन्यथा आप निवेश में फंस सकते हैं क्योंकि इसका भाग्य आगे चलकर सेकंडरी मार्केट के प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है।
दिसंबर तिमाही के नतीजों से आपकी क्या उम्मीदें हैं?
इस पर जिमीत मोदी ने कहा कि दिसंबर 2024 को समाप्त होने वाली तीसरी तिमाही के नतीजे दूसरी तिमाही से ज्यादा भिन्न नहीं होंगे। प्रमुख सेक्टर डिमांड में कमी का सामना कर रहे हैं। ऑटोमोबाइल सेक्टर में इन्वेंट्री का ढेर देखा जा रहा है। एफएमसीजी नीचे है। कैपिटल गुड्स धीरे-धीरे सरकारी कैपेक्स की बहाली के साथ आगे बढ़ रहा है। हालांकि इसका प्रभाव Q4 FY25 में इसके प्रदर्शन में देखा जाएगा।
प्राइवेट सेक्टर के बैंक अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं जबकि पीएसयू बैंकों का प्रदर्शन प्रभावशाली नहीं है। फार्मा का प्रदर्शन अच्छा है और आईटी का प्रदर्शन संतोषजनक है। कुल मिलाकर आंकड़ों में उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हो रही है। निफ्टी की प्रॉफिट और सेल्स ग्रोथ तीन साल के निचले स्तर पर है और दिसंबर तिमाही में इसमें ज्यादा अंतर की उम्मीद नहीं है।
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