Daily Voice: बाजार आगे भी हमें आश्चर्यचकित करता रहेगा, बेशक ये आश्चर्य सुखद ही होगा। बाजार अभी थमने के मूड में नहीं हैं। ये बातें, ओमनीसाइंस कैपिटल (OmniScience Capital) के सीईओ और चीफ इन्वेस्टमें स्ट्रैटजिस्ट विकास गुप्ता (Vikas Gupta)ने मनीकंट्रोल से हुई बातचीत में कही हैं। इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि बाजार इस समय जरूरत से ज्यादा निराशावादी रुख दिखा रहा है। लेकिन अर्निंग, कैश फ्लो और रेट कट जैसे मोर्चों पर स्थितियों में सुधार के साथ ही इसमें हमें जोरदार तेजी देखने को मिलेगी।
कैपिटल मार्केट का बीस सालों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले विकास गुप्ता ने इस बातचीत में आगे कहा कि हम निवेश के नजरिए से लार्ज-कैप, मिड-कैप या स्मॉल-कैप किसी की भी उपेक्षा नहीं कर सकते। फॉर्वड अर्निंग बेसिस पर इन सभी का वैल्यूशन अच्छा दिख रहा है। निस्संदेह, मिडकैप शेयर इस समय स्थिति में हैं। लेकिन लार्ज कैप में भी निवेश के शानदार मौके हैं।
ब्याज दरों पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका में CPI और PCE 3 फीसदी के आसपास है। वही, कोर CPI 4.7 फीसदी पर और कोर PCE 4.1 फीसदी पर है। हालांकि ये आंकडें यूएस फेड के 2 के निर्धारित लक्ष्य से ज्यादा हैं। लेकिन इनमें काफी तेजी से गिरावट आ रही है। ऐसे में अमेरिकी फेड के पास ब्याज दरों में बढ़त पर विराम लेने का मौका है। अब फेड दरों में तभी और बढ़ोतरी करेगा जब महंगाई में ज्यादा बढ़ोतरी दिखेगी। फेड की तरफ से दरों में भी कुछ और बढ़ोतरी हो सकती है।
भारत में महंगाई की स्थिति इतनी गंभीर नहीं है। ऐसे में आरबीआई निश्चित रूप से दरों में बढ़ोतरी की जल्दी में नहीं है। वास्तव में आरबीआई ग्रोथ को सपोर्ट देना चाहेगा क्योंकि भारत में महंगाई का जोखिम ज्यादा है। लेकिन फेड की तरफ से दरों में हो रही बढ़त ने आरबीआई के हाथ बांध दिए हैं। अमेरिका में दरों में बढ़ोतरी से आरबीआई के लिए दरों में कटौती करना जोखिम भरा हो गया। क्योंकि अगर अमेरिका में दरों में बढ़त जारी रहने पर आरबीआई अपनी दरें घटाता है तो इससे डॉलर के मुकाबले रुपए में भारी गिरावट आ जाएगी। आरबीआई इस स्थिति से बचना चाहता है। लेकिन आरबीआई की तरफ से हमें जल्दी ही दरों में कटौती देखने को मिल सकती है। भले ये कटौती छोटी हो।
एसएमई सेगमेंट पर आपकी राय देते हुए विकास गुप्ता ने कहा कि एसएमई को आईपीओ बाजार से पूंजी मिल रही है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था और उद्यमियों के लिए अच्छा संकेत है। अगले कुछ सालों में हमें स्मॉल और माइक्रोकैप सेक्टर में तमाम अच्छी कंपनियां आकार लेती दिखेंगी। निवेशकों और फंड मैनेजरों के लिए इनमें पैसे बनाने के अच्छे मौके मिलेंगे।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।