Daily Voice: मनीकंट्रोल के साथ एक इंटरव्यू में राइट रिसर्च की फाउंडर सोनम श्रीवास्तव ने जोर देकर कहा कि टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में वर्तमान स्थिति में अवसर और चुनौतियां दोनों ही हैं। ऐसे में निवेशकों को कंपनियों के फंडामेंटल्स, ब्रॉडर मार्केट की स्थितियों और बनते बिगड़ते ग्लोबल इकोनॉमिक फैक्टर्स के ध्यान में रखते हुए टेक शेयरों पर सतर्क रुख बनाए रखना चाहिए। उनका मानना है कि वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही के बाद टेक शेयरों में कुछ उछाल आ सकता है। इसकी मुख्य वजह ग्लोबल इकोनॉमी में संभावित उछाल होगी। लेकिन टेक शेयरों पर दांव लगाते समय हमें आगे की संभावित चुनौतियों के भी ध्यान में रखना होगा।
खपत से जुड़े कुछ शेयरों और कुछ टेक शेयरों का वैल्यूएशन महंगा
क्वांटिटेटिव और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट का 11 सालों से ज्यादा अनुभव रखने वाले सोनम का कहना है कि कैपेक्स साइकिल में आ रही तेजी को देखते हुए इस समय मैन्यूफैक्चरिंग, बैंकिंग, इंफ्रा और इससे जुड़े सेक्टरों के मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक काफी अच्छे दिख रहे हैं। जबकि खपत से जुड़े कुछ शेयरों और कुछ टेक शेयरों का वैल्यूएशन काफी बढ़ा हुआ नजर आ रहा है।
क्या इक्विटी बाजार अब ओवरबॉट लग रहा है? क्या आपको आने वाले महीनों में इक्विटी बाजारों में किसी बड़े करेक्शन की उम्मीद है? इस पर सोनम ने कहा कि आगे बाजार की चाल कैसी रहेगी ये विभिन्न कारकों पर निर्भर करेगा। इनमें ग्लोबल और घरेलू आर्थिक स्थितियां, केंद्रीय बैंकों की नीति में बदलाव, कॉर्पोरेट प्रदर्शन और निवेशकों का सेंटीमेंट शामिल हैं।
भारत में स्टील कंपनियों के लिए माहौल अच्छा
क्या भारत में स्टील कंपनियों के लिए माहौल अच्छा है? इस सवाल के जवाब में सोनम ने कहा कि भारत में स्टील कंपनियों के लिए माहौल फिलहाल आशाजनक नजर आ रहा है। बुनियादी ढांचे के विकास, शहरीकरण में तेजी और लॉजिस्टिक्स पार्कों पर सरकार के फोकस के चलते स्टील की मांग में बढ़त हुई है। इसके अतिरिक्त, भारत का 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य में स्टील इंडस्ट्री की अहम भूमिका होगी। कमजोर मानसून और आगामी चुनावों जैसी संभावित अल्पकालिक बाधाओं के बावजूद स्टील इंडस्ट्री के लिए ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव है। चीन में हाल की गई दरों में कटौती की घोषणा के चलते मई से ग्लोबल स्टील प्राइस में रिकवरी देखने को मिली है, जो भारतीय स्टील इंडस्ट्री के लिए अच्छा संकेत है। इसके अलावा अगर चीन की प्रोत्साहन नीति से इंडस्ट्रियल मेटल की मांग में बढ़त होती है और चीन में स्टील की कीमतों में बढ़त होती है तो इससे भारतीय स्टील और ऑयरन सेक्टर को भी फायदा हो सकता है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लाएगा बड़े बदलाव
सुर्खियों में चल रहे एआई (artificial intelligence)थीम पर आपकी क्या राय है? इसके जवाब में सोमन ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) थीम निश्चित रूप से गति पकड़ रही है और यह ट्रेंड लंबे समय तक जारी रहने की संभावना है। एआई सिर्फ एक टेक्नोलॉजिकल स्टोरी नहीं है बल्कि यह क्रांतिकारी बदलाव है जो दुनिया भर में तमाम तरह की इंडस्ट्री में बड़े बदलाव करने के लिए तैयार है। हेल्थ केयर से लेकर फाइनेंस, रिटेल और उससे भी आगे हर जगह हमें एआई का असर देखने को मिल रहा।
भारतीय बाजार में बहुत ज्यादा एआई आधारित स्टॉक नहीं हैं। कुल मिलाकर एआई थीम अब लंबे समय तक टिकने वाली है। हालांकि हम अभी इसकी पूरी क्षमता को समझने और उसका दोहन करने की शुरुआती अवस्था में ही हैं। यह सिर्फ टेक कंपनियों को ही नहीं, बल्कि सभी सेक्टरों के भावी विकास और कार्यक्षमता को प्रभावित करने वाला एक प्रमुख घटक होगा।
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