Drought in Maharashtra : महाराष्ट्र में सूखे का संकट अब महंगाई के लिए नई चिंता बढ़ा रहा है,जिसका असर RBI की पॉलिसी पर भी पड़ सकता है। महाराष्ट्र में सूखा घोषित किए जाने से छोटे एग्री लोन की रिकवरी पर रोक लगेगी और बड़े एग्री लोन की रीस्ट्रक्चरिंग होगी। 7.5 हार्स पावर के एग्री पंप पर बिजली माफ होगी। बीज और खाद की रिकवरी पर भी रोक होगी। आखिर महाराष्ट्र के सूखे से किन कंपनियों और बैंकों पर असर पड़ेगा,आइए इसे समझने की कोशिश करते हैं।
बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने 26 सितंबर को राज्य के 358 तहसीलों में से 265 को आधिकारिक तौर पर सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है। राज्य का लगभग 74% हिस्सा सूखा प्रभावित है। महाराष्ट्र सरकार का यह फैसला जून और सितंबर 2026 के बीच बारिश में 18.8% की कमी और लंबे समय तक सूखा रहने के कारण लिया गया है। इस सूखे से राज्य के प्रमुख कृषि क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर खरीफ की फसलें बर्बाद हो गई हैं।
महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले से आज कावेरी सीड्स और बेयर क्रॉपसाइंस के शेयरों में 2 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली है। इसके अलावा रैलिस इंडिया,धानुका,सुमितोमो केमिकल्स,फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज़,श्री रेणुका शुगर्स,महिंद्रा एंड महिंद्र,एस्कॉर्ट्स,हीरो मोटो,बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र,सूर्योदय स्मॉल फ़ाइनेंस बैंक,इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक,डीसीबी बैंक,महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज और अरमान फाइनेंशियल सर्विसेज पर भी इस सूखे का असर देखने को मिल सकता है।
रैलिस इंडिया का महाराष्ट्र में बड़ा एक्सपोजर है। इसे घरेलू बाजार से करीब 79% का रेवेन्यू मिलता है। इसके घरेलू रेवेन्यू में टॉप-3 राज्यों में महाराष्ट्र भी शामिल है। घरेलू बिक्री में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी करीब 12–15% है। उधर धानुका और सुमितोमो केमिकल्स के कल रेवेन्यू में वेस्टर्न इंडिया का योगदान करीब 22–28% है। फिनोलेक्स इंडस्ट्रीज की बात करें तो कंपनी का सबसे बड़ा घरेलू बाजार महाराष्ट्र ही है। कंपनी की PVC पाइप बिक्री वॉल्यूम में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी करीब 30–35% है।
श्री रेणुका शुगर्स पर भी इस सूखे का बड़ा असर देखने को मिल सकता है। घरेलू क्रशिंग कैपेसिटी का 50% से ज्यादा महाराष्ट्र की यूनिट्स से आता है। महिंद्रा एंड महिंद्र और एस्कॉर्ट्स की बात करें तो देश के ट्रैक्टर वॉल्यूम में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी करीब 10–12% है। M&M की मार्केट हिस्सेदारी 40% से ज्यादा है। इसी तरह हीरो मोटो की करीब 50% वॉल्यूम ग्रामीण बिक्री से आती है। कंपनी की घरेलू बिक्री में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी करीब 8–10% है।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र की कुल लोन बुक का करीब 55–60% महाराष्ट्र से। इसकी ब्रांच नेटवर्क में 55% से ज्यादा हिस्सेदारी है। सूर्योदय स्मॉल फ़ाइनेंस बैंक की कुल लोन बुक में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी करीब 28–32% है। इसी तरह इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक के कुल पोर्टफोलियो में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी करीब 12–15% है। तमिलनाडु के बाद महाराष्ट्र इसका दूसरा सबसे बड़ा बाजार है।
DCB बैंक (DEVELOPMENT CREDIT BANK) के कुल लोन बुक में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी करीब 20–25% है। वहीं, महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंशियल सर्विसेज की कुल AUM में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी करीब 12–15% है। जबकि, अरमान फाइनेंशियल सर्विसेज की कुल AUM में महाराष्ट्र की हिस्सेदारी करीब 18–22% है।