शंकर शर्मा और सफीर आनंद का भरोसा सनराइज सेक्टर्स पर बढ़ा, जानिए इसकी क्या है वजह

सफीर आनंद भी उन कंपनियों के पक्ष में खड़े नजर आ रहे हैं जिनको क्लाइमेट ट्रांजिक्शन से फायदा मिलने की संभावना है.

अपडेटेड Feb 02, 2022 पर 4:33 PM
First Global के शंकर शर्मा और जाने माने निवेशक सफीर आनंद का मानना है कि बजट ने निवेशकों के लिए सनराइज सेक्टर में बड़ी संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं

बजट 2022-23 में देश में कार्बन फुट प्रिंट घटाने और जीवाश्म ईंधन (fossil fuels) पर निर्भरता कम करने पर फोकस देखने को मिला है जिसके चलते सनराइज सेक्टर ( वो सेक्टर और कंपनियां जो प्रदूषण घटाने के लिए ग्रीन टेक्नोलॉजी पर निर्भर करती हैं या जो ग्रीन टेक्नोलॉजी के विकास के लिए काम करती हैं) इस तरह की कंपनियों पर इलेक्ट्रिक व्हीकल और रिन्यूएबल एनर्जी से संबंधित कंपनियां शामिल हैं।

निर्मला सीतारमन ने कल के अपने बजट भाषण में कहा था कि "पंचामृत" में प्रतिपादी लोकार्बन डेवलपमेंट की स्ट्रैटजी हमारी सरकार की टिकाऊ विकास के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब है।

First Global के शंकर शर्मा और जाने माने निवेशक सफीर आनंद का मानना है कि बजट ने निवेशकों के लिए सनराइज सेक्टर में बड़ी संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस बजट में ग्रीन टेक्नोलॉजी के विकास और प्रसार के लिए व्यापक संभावनाएं पैदा की नहै।


आइए हम यह देखते हैं कि ये दोनों दिग्गज निवेशक बजट के बाद किस सेक्टर में अपने पैसे लगाना चाहते हैं.

शंकर शर्मा

दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा का कहना है कि वे आगे मजबूत रिटर्न की संभावना देखते हुए लॉर्जकैप कंपनियों की तुलना में स्मॉलकैप कंपनियों पर फोकस करना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि क्लाइमेंट, ट्रांजिशन से फायदे में रहने वाली किसी भी कंपनी पर निवेश के नजरिए से नजर रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका जिस तरीके से पर्यावरण को प्रदूषित करने वाली कंपनियों के प्रति अपना नजरिया कठोर कर रही है उसको देखकर मुझे काफी अचंभा हो रहा है। ऐसे में मेरी उन कंपनियों पर नजर है जो पर्यावरण को साफ सुथरा रखने में सहयोग कर रही हैं। इस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों में काफी बड़ी संभावनाएं नजर आ रही हैं। शंकर शर्मा ने यह बातें मनीकंट्रोल से बजट के पहले पैनल चर्चा में कहीं। उनका यह भी मानना है कि निवेशकों को इस समय इलेक्ट्रिक व्हीकल थीम पर आधारित अच्छे स्टॉक पर फोकस करना चाहिए। आगे इनमें अच्छी कमाई होने की संभावना है।

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सफीर आनंद

सफीर आनंद भी उन कंपनियों के पक्ष में खड़े नजर आ रहे हैं जिनको क्लाइमेट ट्रांजिक्शन से फायदा मिलने की संभावना है। सफीर आनंद ने कहा कि उन्होंने शुगर कंपनियों में निवेश कर रखा है। इसकी वजह यह है कि सरकार जिवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने और कार्बन फुट प्रिंट को कम करने के लिए ट्रांसपोर्टेशन में यूज होने वाले ईंधन में एथेनॉल ब्लेडिंग पर लगातार फोकस बढ़ा रही है। हालांकि सफीर आनंद, शंकर शर्मा के विपरीत स्मॉलकैप कंपनियों की तुलना में लॉर्जकैप कंपनियों को ज्यादा वरीयता देते नजर आ रहे हैं।

ICICI Bank और State Bank of India जैसे लॉर्जकैप शेयर उनकी पसंदीदा लिस्ट में शामिल हैं। उन्होंने मनीकंट्रोल से हुई अपनी बातचीत में कहा कि मैने ICICI Bank और State Bank of India जैसे स्टॉक में अपना पैसा लगा रखा है। इसकी वजह यह है कि इन्होंने अपने एनपीए की सफाई कर ली है और इनके क्रेडिट ग्रोथ में मजबूती देखने को मिल रही है। इस बातचीत में सफीर आनंद ने कहा कि बजट मेरी उम्मीद से बेहतर रहा है। भारत आगे दुनिया के दूसरे देशों से बेहतर प्रदर्शन करता नजर आएगा।

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