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FIIs: विदेशी निवेशक चुपचाप खरीदे रहे PSUs और स्मॉलकैप शेयर, लार्जकैप से बनाई दूरी

शेयर बाजार में सूचीबद्ध 79 सरकारी कंपनियों (PSUs) ने अब तक अपनी मार्च तिमाही के शेयरहोल्डिंग आंकड़े जारी किए हैं। इनमें से 52% कंपनियों में एफआईआई ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। इसी तरह, निफ्टी माइक्रोकैप 250 इंडेक्स की 186 कंपनियों में से 51% में FIIs ने निवेश बढ़ाया है

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Apr 21, 2025 पर 10:40 AM
FIIs: विदेशी निवेशक चुपचाप खरीदे रहे PSUs और स्मॉलकैप शेयर, लार्जकैप से बनाई दूरी
FIIs ने मार्च तिमाही के दौरान ₹1.16 लाख करोड़ से अधिक की शुद्ध बिकवाली की

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) जहां एक ओर लगातार लार्जकैप यानी बड़े शेयरों से पैसे निकाल रहे हैं। दूसरी ओर वे सरकारी कंपनियों (PSU) और स्मॉलकैप यानी छोटे शेयरों में चुपचाप निवेश बढ़ा रहे हैं। यह वही रणनीति है जो अब तक रिटेल निवेशक सफलता के साथ अपनाते रहे हैं। शेयर बाजार में सूचीबद्ध 79 सरकारी कंपनियों (PSUs) ने अब तक अपनी मार्च तिमाही के शेयरहोल्डिंग आंकड़े जारी किए हैं। इनमें से 52% कंपनियों में एफआईआई ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। इसी तरह, निफ्टी माइक्रोकैप 250 इंडेक्स की 186 कंपनियों में से 51% में FIIs ने निवेश बढ़ाया है।

मिड और स्मॉल-कैप शेयरों में भी बढ़ती रुचि

विदेशी निवेशकों ने स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में भी अच्छी रुचि दिखाई है। उन्होंने BSE MidCap की 107 कंपनियों में से 43% में मार्च तिमाही में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। वहीं BSE SmallCap की 730 कंपनियों में से 42% कंपनियों में FIIs ने अपनी शेयर होल्डिंगबढ़ाई है।

एनालिस्ट्स का कहना है कि शेयर बाजार में आई हालिया गिरावट के बाद PSUs और स्मॉलकैप शेयरों का वैल्यूएशन आकर्षक हो गए थे। पुराने आंकड़े भी बताते हैं जब वैल्यूएशन लुभावने होते हैं, तो संस्थागत निवेशक इन शेयरों में हिस्सेदारी बढ़ाते हैं।

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