भारतीय शेयर बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) जहां एक ओर लगातार लार्जकैप यानी बड़े शेयरों से पैसे निकाल रहे हैं। दूसरी ओर वे सरकारी कंपनियों (PSU) और स्मॉलकैप यानी छोटे शेयरों में चुपचाप निवेश बढ़ा रहे हैं। यह वही रणनीति है जो अब तक रिटेल निवेशक सफलता के साथ अपनाते रहे हैं। शेयर बाजार में सूचीबद्ध 79 सरकारी कंपनियों (PSUs) ने अब तक अपनी मार्च तिमाही के शेयरहोल्डिंग आंकड़े जारी किए हैं। इनमें से 52% कंपनियों में एफआईआई ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। इसी तरह, निफ्टी माइक्रोकैप 250 इंडेक्स की 186 कंपनियों में से 51% में FIIs ने निवेश बढ़ाया है।
