फ्यूचर्स-ऑप्शंस सौदों में होने वाली गड़बड़ी को किस तरह रोका जाए, ये जानने-समझने के लिए एक वर्किंग कमिटी बनाई गई थी। इस वर्किंग कमिटी की सिफारिश है कि डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स का मिनिमम लॉट साइज 20 से 30 लाख रुपए के बीच कर दिया जाए। फिलहाल डेरिवेटिव का मिनिमम लॉट 5 लाख रुपए का होता है। इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने मनीकंट्रोल को बताया डेरिवेटिव्स के बेलगाम वॉल्यूम ग्रोथ पर लगाम लगाने के लिए वीकली ऑप्शन की हर एक्सचेंज पर हर हफ्ते सिर्फ एक एक्सपायरी तय करने की सिफारिश की गई है। अभी हर रोज कोई ना कोई एक्सपायरी होती है।
