मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स (MCA) ने नियमों के उल्लंघन मामले में जेनसॉल इंजीनियरिंग (Gensol Engineering) और ब्लूस्मार्ट (BluSmart) के खिलाफ जांच का आदेश दिया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सरकारी अधिकारियों के हवाले से यह खुलासा किया है। इसके चलते आज फिर जेनसॉल इंजीनियरिंग के शेयर टूट गए और लगातार 18वें दिन यह लोअर सर्किट पर आ गया। फिलहाल बीएसई पर यह 5 फीसदी टूटकर 66.97 रुपये के लोअर सर्किट (Gensol Engineering Share Price) पर है जोकि इसका आज का क्लोजिंग प्राइस है। रिकॉर्ड हाई से यह 14 महीने से भी कम समय में यह 95 फीसदी से अधिक टूट चुका है। पिछले साल 20 फरवरी 2024 को यह 1377.10 रुपये के रिकॉर्ड हाई पर था। पिछले साल 24 जून 2024 को यह एक साल के हाई 1125.75 रुपये पर था।
Gensol Engineering अब तीन एजेंसियों की जांच के घेरे में
मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स के आदेश के बाद अब जेनसॉल इंजीनियरिंग तीन एजेंसियों- सेबी, ईडी और अब मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स की जांच के घेरे में है। इसके अलावा इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटैंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) भी जेनसॉल इंजीनियरिंग और ब्लूस्मार्ट मोबिलिटी के बही-खातों की जांच कर रहा है जिसके छह महीने में पूरा होने की उम्मीद है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मंत्रालय ने कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 210 के तहत जांच का आदेश दिया है। इस धारा के तहत जनहित में किसी भी कंपनी की जांच का आदेश दिया जा सकता है।
सेबी ने जांच के बाद आरोप लगाया कि जेनसॉल इंजीनियरिंग के प्रमोटर्स अनमोल और पुनीत जग्गी ने ब्लूस्मार्ट के इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EVs) की खरीद के लिए जो लोन लिया गया था, उसे व्यक्तिगत खर्चों पर खर्च किया। इसमें गुरुग्राम के DLF The Camellias में एक लग्जरी अपार्टमेंट और 26 लाख रुपये के प्रीमियम गोल्फ इक्विपमेंट शामिल थे। BluSmart को वर्ष 2019 में जेनसॉल के ही प्रमोटर्स अनमोल और पुनीत ने शुरू किया था।
जेनसॉल ने वर्ष 2021 से वर्ष 2024 के बीच इरेडा और पीएफसी से कुल 978 करोड़ रुपये के टर्म लोन लिए थे, जिसमें से 664 करोड़ रुपये का इस्तेमाल ब्लूस्मार्ट को 6,400 इलेक्ट्रिक वाहन लीज पर देने के लिए किया जाना था। इसके अलावा जेनसॉल को 20 फीसदी इक्विटी (मार्जिन) कॉन्ट्रिब्यूशन भी देना था, जिससे EV खरीद के लिए कुल निवेश लगभग 830 करोड़ रुपये बनता।
फरवरी में एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने कहा था कि उसने अब तक 4,704 ईवी ले लिए हैं। इसकी ईवी सप्लायर गो-ऑटो ने पुष्टि की कि जेनसोल ने 568 करोड़ रुपये में 4,704 ईवी खरीदे हैं। सेबी का कहना कि 262.13 करोड़ रुपये का डिफरेंस अमाउंट और 568 करोड़ रुपये की वास्तविक राशि अभी भी गायब है, जबकि कंपनी को फाइनेंसिंग की अंतिम किस्त मिले एक साल से अधिक समय बीत चुका है।
सेबी ने दोनों भाईयों को जेनसॉल इंजीनियरिंग में डायरेक्टर का कोई भी पद लेने और सिक्योरिटीज मार्केट में एंट्री से रोक दिया है।इसके बाद ब्लूस्मार्ट ने अपना कारोबार बंद कर दिया है। कंपनी ने 17 अप्रैल को ग्राहकों को जो ईमेल भेजा था, उसमें कंपनी ने बिना कोई वजह बताए ब्लूस्मार्ट ऐप पर बुकिंग अस्थायी रूप से बंद करने के ऐलान की जानकारी दी।