US Market : ग्लोबल बाजारों से नरम संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी हल्की बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। एशियाई बाजार भी मिले-जुले। उधर फेड के दरों पर फैसले से पहले अमेरिकी बाजारों में दबाव दिखा है। कल S&P500 और नैस्डैक गिरकर बंद हुए। हालांकि डाओ संभलने में कामयाब रहा। मंगलवार को डाओ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 203.40 अंक या 0.5 फीसदी बढ़कर 40,743.33 पर बंद हुआ। वहीं, एसएंडपी 500 इंडेक्स 27.10 अंक या 0.5 फीसदी गिरकर 5,436.44 पर आ गया और नैस्डैक कंपोजिट 222.78 अंक या 1.28 फीसदी गिरकर 17,147.42 पर बंद हुआ।
अमेरिकी बाजार कल भी फ्लैट बंद हुए थे। S&P500 और नैस्डेक में गिरावट बढ़ी थी। नैस्डेक ऑल टाइम हाई से 9 फीसदी गिरा था। निवेशकों ने स्मॉल कैप और वैल्यू में निवेश जारी रखा। फेड के फैसले से पहले बाजार में दबाव देखन को मिल रहा है। बाजार की बड़ी IT कंपनियों के नतीजों पर नजर है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक आज ब्याज दरों का एलान करेगै। आज बैंक ऑफ जापान भी दरों पर फैसला लेगा।
ब्रेंट क्रूड ऑयल पिछले नौ सत्रों में से सातवें सत्र में गिरावट के साथ 79 डॉलर के नीचे आ गया है। जो भारत के लिए एक बड़ा पॉजिटिव है। अमेरिका में नौकरी के अवसरों की संख्या में थोड़ा बदलाव आया है। जून में यह 8.184 मिलियन हो गया है। जबकि मई में यह 8.23 मिलियन था। जबकि अनुमान 8 मिलियन का था। नौकरी छोड़ने और काम पर रखने जैसी दोनों दरों में 2020 के बाद से ज्यादा कमी आई है।
एशियाई शेयर बाजार मिलेजुले
बुधवार को एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार देखने को मिल रहा है। निवेशक बैंक ऑफ जापान के ब्याज दर संबंधी निर्णय और चीन के कारोबारी गतिविधि आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। निक्केई 156.41 अंक यानी 0.41 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.12 फीसदी की मामूली बढ़त दिख रही है। वहीं हैंगसैंट 1.5 फीसदी की तेजी के साथ कारोबार कर रहा है। जबकि ताइवान के बाजार में 0.23 फीसदी की कमजोरी दिख रही है। कोस्पी में 0.40 फीसदी की और शांघाई कम्पोजिट में 1.07 फीसदी की तेजी नजर आ रही है।
कच्चे तेल की कीमतों में लगातार चौथे दिन दबाव कायम रहा। इसके दाम 8 हफ्तों के निचले स्तरों पर पहुंच गए हैं। कल ब्रेंट का भाव 78 डॉलर के नीचे फिसल गया। आज ब्रेंट में 79 डॉलर के नीचे कारोबार कर रहा है। WTI में भी 76 डॉलर के नीचे कारोबार हो रहा है। 2024 की पहली छमाही में चीन का इंपोर्ट 11 फीसदी गिरा है। फेड के फैसले से पहले दबाव बना है।