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सरकार का बड़ा फैसला: गन्ने के रस और चीनी से एथेनॉल बनाने पर रोक, समझिए वजह

Sugarcane Ethanol Ban: सरकार ने 2026-27 के लिए गन्ने के रस, चीनी और बी-हैवी शीरे से बने एथेनॉल की खरीद पर रोक लगाई है। मक्का, चावल और खराब अनाज से बने एथेनॉल की खरीद जारी रहेगी। नए नियमों के तहत अलग-अलग स्रोतों से बने एथेनॉल की कीमतें भी तय की गई हैं। समझिए पूरी तस्वीर।

Curated By: Suneel Kumarअपडेटेड Oct 17, 2026 पर 3:17 PM
सरकार का बड़ा फैसला: गन्ने के रस और चीनी से एथेनॉल बनाने पर रोक, समझिए वजह
सरकार ने अलग-अलग कच्चे माल से बने एथेनॉल की बेस कीमत भी तय की है।

Sugarcane Ethanol Ban: केंद्र सरकार ने एथेनॉल खरीदने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब सरकारी तेल कंपनियां गन्ने के रस, चीनी, शुगर सिरप और बी-हैवी शीरे से बने एथेनॉल की खरीद नहीं कर सकेंगी। सरकार ने एथेनॉल बनाने के लिए चीनी के इस्तेमाल को शून्य करने का निर्देश दिया है। यह नियम 1 नवंबर 2026 से शुरू होने वाले नए सप्लाई वर्ष में लागू होगा।

सरकार का मकसद देश में चीनी की उपलब्धता बनाए रखना है। साथ ही, चीनी की कीमतों पर दबाव कम करना भी इस फैसले की वजह है। इसके लिए सरकारी तेल कंपनियों ने करीब 1,100 करोड़ लीटर एथेनॉल खरीदने का टेंडर जारी किया है।

1,100 करोड़ लीटर एथेनॉल खरीदेंगी तेल कंपनियां

इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, मैंगलोर रिफाइनरी और नुमालीगढ़ रिफाइनरी ने मिलकर यह टेंडर जारी किया है। इसके तहत 1 नवंबर 2026 से 31 अक्टूबर 2027 तक एथेनॉल की सप्लाई होनी है।

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