GRM Overseas Share Price: भारतीय बासमती चावल की एक प्रमुख एक्सपोर्टर GRM ओवरसीज 33 प्रमोटर्स और नॉन-प्रमोटर इनवेस्टर्स को प्रिफरेंशियल बेसिस पर शेयर वॉरंट जारी करके 136.5 करोड़ रुपये जुटाएगी। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि उसके बोर्ड ने 150 रुपये के इश्यू प्राइस पर 91,00,000 शेयर वॉरंट के अलॉटमेंट को मंजूरी दे दी है। इसमें प्रति वारंट 148 रुपये का प्रीमियम शामिल है।
हर वॉरंट, अलॉटमेंट के 18 महीनों के अंदर 2 रुपये फेस वैल्यू वाले एक इक्विटी शेयर में कनवर्ट हो सकता है। बोर्ड के इस प्रस्ताव पर रेगुलेटर्स से मंजूरियां लिया जाना अभी बाकी है। शेयरधारकों से मंजूरी कंपनी की असाधारण आम बैठक में ली जाएगी। यह बैठक 13 जुलाई को होने वाली है।
कितनी है GRM Overseas के शेयर की कीमत
GRM Overseas का शेयर 21 जून को हरे निशान में 188.50 रुपये पर क्लोज हुआ। कंपनी का मार्केट कैप 1100 करोड़ रुपये है। पिछले 3 महीनों में शेयर की कीमत 52 प्रतिशत मजबूत हुई है। पिछले 4 वर्षों के अंदर शेयर की कीमत 1615 प्रतिशत चढ़ी है। 4 साल पहले बीएसई पर शेयर का भाव करीब 11 रुपये था। इस भाव पर अगर किसी ने 50000 रुपये का इनवेस्टमेंट किया होगा और शेयर अभी तक अपने पास रखें होंगे तो अमाउंट 8.57 लाख रुपये में कनवर्ट हो गया होगा।
जुटाए जा रहे फंड का कहां होगा इस्तेमाल
कंपनी ने एक बयान में कहा, "जुटाए गए फंड का इस्तेमाल भारत में '10X' ब्रांड के विस्तार के लिए भी किया जाएगा, जिससे कंपनी एक कॉम्प्रिहैन्सिव फूड FMCG प्रोडक्ट कंपनी बन जाएगी। भविष्य में इनऑर्गेनिक ग्रोथ अवसरों का पता लगाने के लिए भी फंड एलोकेट किया जाएगा। इन अवसरों में स्ट्रैटेजिक मर्जर और अधिग्रहण शामिल हैं। परिचालन क्षमताओं में सुधार भी किया जाएगा।" जीआरएम ओवरसीज के चेयरमैन और एमडी अतुल गर्ग ने कहा कि फंड जुटाने से कंपनी की बाजार प्रतिस्पर्धा और प्रोडक्ट रेंज को बढ़ावा मिलेगा।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।