ग्रो (Groww), जीरोधा (Zerodha) और कुछ बड़े रिटेल ब्रोकर्स जल्द ही अपने यूजर्स को BSE और NSE के अलावा MSE (मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज) पर भी शेयरों की खरीद-बिक्री का विकल्प दे सकते हैं। अभी ग्रो और जीरोधा इसे लेकर एमएसई के साथ इंटीग्रेशन की टेस्टिंग कर रहे हैं। मनीकंट्रोल को यह जानकारी सूत्रों के हवाले से मिली है। यह इंटीग्रेशन पूरा होने पर किसी शेयर के लिए एनएसई और बीएसई के साथ एमएसई का भी विकल्प मिल सकता है लेकिन यह इस बात पर निर्भर करेगा कि ब्रोकर अपने प्रोडक्ट में इसे कैसे लागू करता है।
ग्रो और जीरोधा के प्लेटफॉर्म पर आने से एमएसई को सबसे बड़ा फायदा कैश मार्केट में लिक्विडिटी और खुदरा भागीदारी में बढ़ोतरी के रूप में मिलेगा। अभी एमएसई में कैश मार्केट एक्टिविटी बड़े पैमाने पर Zanskar और Jainam जैसे प्रोप्रायटरी ट्रेडिंग फर्म्स और ब्रोकर्स के भरोसे ही है। जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक एमएसई पर कैश मार्केट में हर रोज ₹400-₹500 करोड़ का सीमित कारोबार होता है।
Groww और Zerodha क्यों आए एमएसई में और कब तक होगा इंटीग्रेशन?
ऐसा नहीं है कि ग्रो और जीरोधा पहली बार एमएसई के साथ आए हैं बल्कि इससे पहले भी ये एमएसई में पैसे डाल चुके हैं। एक्सचेंज ने दिसंबर 2024 और अगस्त 2025 में दो किश्तों में ₹1240 करोड़ जुटाए, जिसमें ग्रोथ और जीरोधा ने भी हिस्सा लिया। अब ग्रो और जीरोधा इसे अपने प्लेटफॉर्म में इंटीग्रेट कर रहे हैं और सूत्रों के मुताबिक इसकी टेस्टिंग और ट्रेडिंग प्रोडक्ट्स में जरूरी बदलाव करने में यानी यूजर्स के लिए उपलब्ध होने में लगभग 3–4 महीने लग सकते हैं।
F&O सेगमेंट भी शुरू करने की योजना
एमएसई का प्लान कैश मार्केट से भी आगे का है। यह अपना F&O सेगमेंट भी शुरू करने की तैयारी कर रहा है लेकिन एक्सचेंज की कोशिश पहले कैश मार्केट में पर्याप्त और टिकाऊ वॉल्यूम लाने की है। ऐसे में एफएंडओ सेगमेंट भी आने में तीन से चार महीने लग सकते हैं। एमएसई देश का तीसरा सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है और औपचारिक तौर पर इसने इस साल की शुरुआत में अपना काम शुरू किया।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।