GSP Crop Science IPO Listing: फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों इत्यादि को मारने वाली दवाईयों से लेकर पौधों की ग्रोथ के लिए केमिकल बनाने वाली जीएसपी क्रॉप साइंस के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में प्रीमियम एंट्री हुई। हालांकि इसके आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशखों के लिए आरक्षित हिस्सा तो पूरा भर भी नहीं पाया था। आईपीओ के तहत ₹320 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹332.30 और NSE पर ₹328.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 4% का लिस्टिंग गेन (GSP Crop Science Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹363.60 (GSP Crop Science Share Price) पर पहुंच गया।
मुनाफावसूली के चलते टूटकर यह ₹327.35 तक आ गया। हालांकि निचले स्तर पर रिकवरी के साथ दिन के आखिरी में यह बीएसई पर ₹356.10 पर बंद हुआ यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 11.28% मुनाफे में हैं।
GSP Crop Science IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
जीएसपी क्रॉप का ₹400 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 16-18 मार्च तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.64 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 2.66 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 3.14 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 0.42 गुना भरा था।
जीएसपी क्रॉप साइंस के आईपीओ के तहत ₹240 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 50 लाख शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री होगी। ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए इसके प्रमोटर्स- विलासबेन व्रजमोहन शाह, भावेश व्रजमोहन शाह और कप्पा ट्रस्ट अपनी हिस्सेदारी हल्की की है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले प्रमोटर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹170.00 करोड़ कर्ज हल्का करने और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
GSP Crop Science के बारे में
वर्ष 1985 में बनी जीएसपी क्रॉप साइंस एक एग्रोकेमिकल कंपनी है। यह इंसेक्टिसाइड्स, हर्बिसाइड्स, फंजीसाइड्स और प्लांट ग्रोथ रेगुलेटर्स बनाती है यानी कि यह फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों-फफूंदी को खत्म करने वाले और पौधों की ग्रोथ को बढ़ाने वाले केमिकल्स बनाती है। 10 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक कंपनी को 102 पेटेंट हासिल हो चुके हैं और 108 पेटेंट एप्लीकेशन अभी प्रोसेस से गुजर रहे हैं। सितंबर 2025 तक के आंकड़ों के हिसाब से जीएसपी क्रॉप साइंस के ग्राहक देश के 20 राज्यों में हैं। इसका कारोबार देश के बाहर भी अमेरिका, उरुग्वे, ब्राजील, वियतनाम, सिंगापुर, यूएई और ऑस्ट्रेलिया समेत 37 देशों में फैला हुआ है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹17.57 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹55.54 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹81.42 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना करीब 4% की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹1,301.06 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2025 में कंपनी को ₹81.07 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹847.61 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हो चुका है। सितंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹321.13 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹490.84 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।