Gulf Lloyds IPO Listing: फ्लैट लिस्टिंग के बाद लोअर सर्किट, खुदरा निवेशकों को ₹100 के शेयरों ने दिया तगड़ा शॉक

Gulf Lloyds IPO Listing: गल्फ लॉयड्स का बिजनेस सर्विसेज सेक्टर में फैला हुआ है। अब इसके शेयर लिस्ट हुए हैं। इसके आईपीओ को खुदरा निवेशकों के दम पर अच्छा रिस्पांस मिला था। आईपीओ के तहत सिर्फ नए शेयर जारी हुए हैं। नई एंट्री से पहले चेक करें कंपनी की कारोबारी सेहत कैसी है और आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कैसे करेगी

अपडेटेड Jul 27, 2026 पर 10:11 AM
Gulf Lloyds IPO Listing: गल्फ लॉयड्स का ₹18 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 20-22 जुलाई तक खुला था। आज इसके शेयरों की लिस्टिंग हुई है।

Gulf Lloyds IPO Listing:  थर्ड पार्टी जांच, ऑडिटिंग, सर्टिफिकेशन, टेस्टिंग और ट्रेनिंग सर्विसेज ऑफर करने वाली गल्फ लॉयड्स के शेयरों की आज BSE SME प्लेटफॉर्म पर फ्लैट एंट्री हुई। इसके आईपीओ को खुदरा निवेशकों के दम पर ओवरऑल 10 गुना से अधिक बोली मिली थी। इसके आईपीओ के तहत ₹100 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹100.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर टूट गए। टूटकर यह ₹95.00 (Gulf Lloyds Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 5% घाटे में हैं।

Gulf Lloyds IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

गल्फ लायड्स का ₹18 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 20-22 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 10.85 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 2.86 गुना भरा था और खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित आधे हिस्से को 18.83 गुना बोली मिली थी। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 18,19,200 नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹4.01 करोड़ ऑफिस प्रीमिसेज के कैपिटल एक्सपेंडिचर, ₹3.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹7.15 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।


Gulf Lloyds के बारे में

गल्फ लॉयड्स का बिजनेस सर्विसेज सेक्टर में फैला हुआ है। यह थर्ड पार्टी जांच, ऑडिटिंग, सर्टिफिकेशन, टेस्टिंग और ट्रेनिंग सर्विसेज ऑफर करती है। यह प्रोडक्ट्स, काम और प्रोसेसेज के क्वालिटी और सेफ्टी कंप्लायंस, टेक्निकल स्पेसिफिकेशंस और क्लाइंट की जरूरतों को एवैलुएट करती है। यह कंपनियों को कंप्लॉएंस बढ़ाने, लागत पर नियंत्रण और एफिसिएंसी में सुधार को लेकर मदद करती है। इसका रजिस्टर्ड ऑफिस अहमदाबाद में है और इसने भारत के साथ-साथ अमेरिका, यूएई, चीन, जर्मनी समेत कुछ और देशों में भी प्रोजेक्ट पूरे किए हैं। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 में इसे ₹4.30 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹4.30 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ था। वित्त वर्ष 2026 के आखिरी में इस पर ₹15.68 करोड़ का टोटल कर्ज था तो रिजर्व और सरप्लस में ₹8.71 करोड़ पड़े थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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