आईपीओ बाजार में आज का दिन खास रहा। देश के सबसे बड़े आईपीओ पेटीएम की आज शेयर बाजार पर लिस्टिंग हुई। जिसका सबको ब्रेसबी से इंतजार था लेकिन कंपनी की लिस्टिंग के बाद निवेशकों को निराशा हाथ लगी। दरअसल कंपनी का शेयर अपने 2150 रुपये इश्यू प्राइस के मुकाबले BSE पर 1955 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुआ जबकि NSE पर इसकी लिस्टिंग 1950 रुपये पर हुई। कमजोर लिस्टिंग के बाद भी शेयर में गिरावट थमी नहीं और इस शेयर में लिस्टिंग के दिन ही लोअर सर्किट भी देखने को मिला।
उधर ब्रोकरेज फर्म MACQUARIE ने PAYTM पर अंडरपरफॉर्म रेटिंग के साथ 1200 का लक्ष्य दिया है। MACQUARIE के मुताबिक PAYTM का बिजनेस मॉडल साफ नहीं है। FY30 से ही कंपनी का free cash flow positive हो सकता है। ब्रोकरेज का कहना है कि जिस कारोबार में कंपनी है उसमें आगे काफी तगड़ा मुकाबला है।
लेकिन इन सब बातों के बीच कंपनी के फाउंडर विजय शेखर शर्मा को अपने काम और विजन दोनों पर पूरा भरोसा है। शर्मा का कहना है कि आगे चलते हुए पेटीएम न सिर्फ शानदार काम करेगी बल्कि जोरदार प्रॉफिट भी कमाएगी। सीएनबीसी -आवाज के साथ कंपनी के एमडी और सीईओ विजय शेयर शर्मा और सीएफओ Madhur Deora ने कंपनी के आगे के कारोबार पर विस्तार से चर्चा की।
सीएनबीसी -आवाज के साथ हुई इस खास बातचीत में विजय शेखर शर्मा ने कहा कि Paytm को लिस्ट करने का सपना आज पूरा हुआ है। भारतीय शेयर बाजार में अभी बहुत ग्रोथ बाकी है। हम कंपनी के कारोबार में ग्रोथ को लेकर काफी आश्वस्त है। एक समय ऐसा भी था कि कंपनी Nasdaq पर लिस्टिंग का सोच रही थी क्योंकि कंपनी के पास 10 लाख से ज्यादा शेयर होल्डर आए।
उन्होंने आगे कहा कि ग्राहक और दुकानदार के ज्यादा पेमेंट सर्विस लेने से कंपनी में ग्रोथ आएगी। आगे मर्चेंट के र्पेमेंट सर्विस और ग्राहकों के क्रेडिट में अच्छा कारोबार संभव है। हालांकि कोरोना के दौरान कंपनी के कारोबार पर दबाव रहा है लेकिन इकोनॉमी के अनलॉक होने से कारोबार में फिर ग्रोथ आ रही है जिसको देखते हुए हमें भरोसा है कि अगले 2-4 तिमाहियों में बेहतर ग्रोथ दिखाई देगी।
कंपनी के विस्तार योजना पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि कंज्यूमर से मर्चेंट पेमेंट में कंपनी मार्केट लीडर है। UPI के जरिए पर्सन टू पर्सन बेहतर ग्रोथ रही है क्योंकि पर्सन टू मर्चेंट में सबसे बड़ा खर्च सेल्स एग्जिक्यूटिव का होता है। सेल्स एग्जिक्यूटिव ही मर्चेंट के पास उसे मॉडल समझाता है। इसलिए ग्राहकों को जोड़ने का खर्च एक ही बार होता है। हमें करोड़ों की संख्या में अभी मर्चेंट को जोड़ना बाकी है। हमें यह बताते हुए गर्व है कि कंपनी के प्लेटफॉर्म पर पिछले साल 14 करोड़ ग्राहक थे।
उन्होंने आगे कहा कि पर्सन टू पर्सन के ट्रांजैक्शन के डाटा को कोई भी इस्तेमाल नहीं कर सकता। पर्सन टू पर्सन ट्रांजैक्शन में डाटा बैंकों के पास रहता है। UPI से देश में डिजिटाइडेशन की क्रांति आई है। देश में नोटबंदी के बाद Paytm का इस्तेमाल काफी बढ़ा है। विजय शेखर शर्मा ने इस बातचीत में आगे कहा कि कंपनी मुंबई, दिल्ली जैसे शहरों में भी मर्चेंट को बढ़ाएंगी। सरकार का सभी सेवाओं में डिजिटल पेमेंट पर फोकस बढ़ा है। FasTag जैसी कई और सुविधाएं जल्द शुरू होगी। ऑनलाइन पेंमेंट लोगों के जीवन का हिस्सा बन रही है जिसका फायदा आगे कंपनी को होगा।
कंपनी के लोन ग्रोथ पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि जून 2020 में कंपनी को लोन डिस्ट्रीब्यूशंस की RBI से मंजूरी मिली थी। FY21 में कंपनी ने 13 लाख लोगों को लोन बांटा है। सितंबर तक कंपनी ने 28 लाख लोगों को लोन बांटा है। लोन मांग में आगे बेहतर ग्रोथ की उम्मीद नजर आ रहा है। कस्टमर और पार्टनर के ब्याज से लेंडिंग कारोबार को ग्रोथ मिलेगी।
वहीं कंपनी के सीएफओ Madhur Deora ने इस बातचीत में कहा कि दुनिया के दिग्गज निवेशकों ने कंपनी में पैसा लगाया और कंपनी पर अपना भरोसा जताया है। बड़े निवेश को कंपनी के पेमेंट मॉडल पर पूरा भरोसा है। रिटेल निवेशकों को भी जल्द कंपनी का कारोबार मॉडल समझ आएगा। हमें घरेलू फंड हाउसेज से भी आगे बड़े निवेश की उम्मीद है।
कैसा रहेगा आगे का बिजनेस?
Madhur Deora ने इस बातचीत में आगे कहा कि सालाना आधार पर कंपनी की आय में 62% की ग्रोथ रही है। कॉन्ट्रिब्युशन प्रॉफिट 3 गुना से ज्यादा बढ़ा है। कारोबार में आगे ग्रोथ की बेहतर संभावनाएं है। समय के साथ-साथ मर्चेंट और ग्राहक बढ़ रहे है। सितंबर में GMV सालाना आधार पर दोगुने से अधिक हुआ है। पेमेंट सिस्टम को लेकर लोगों के स्वभाव में तेजी से बदलाव हो रहा है और मर्चेंट भी ग्राहकों के ऑनलाइन पेमेंट के लिए प्रेरित कर रहे है। कंपनी ने ग्राहकों की सुविधा के लिए कई नए विकल्प दिए है।
उन्होंने कहा कि कंपनी प्रतिस्पर्धा से निपटने के लिए कई नई तकनीका का इस्तेमाल कर रही है। कंपनी अपने एप में लगातार नए फीचर्स जोड़ रही है और अपनी तकनीक खुद डेवलप कर रही है।