सरकारी रेल कंपनी इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन यानी IRFC ने दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (DVC) के साथ ₹4,200 करोड़ का टर्म लोन समझौता किया है। इस पैसे का इस्तेमाल झारखंड और पश्चिम बंगाल में रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए किया जाएगा। यह IRFC का रेलवे के अलावा दूसरे सेक्टर में विस्तार की कोशिश का हिस्सा है।
रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर होगा पैसा
इस फंडिंग से DVC कई तरह के सोलर और एनर्जी स्टोरेज प्रोजेक्ट्स पर काम करेगा। इसमें फ्लोटिंग सोलर, ग्राउंड-माउंटेड सोलर और रूफटॉप सोलर प्रोजेक्ट शामिल हैं।
इसके अलावा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम यानी BESS प्रोजेक्ट्स के लिए भी फंडिंग की जाएगी। इन प्रोजेक्ट्स में DVC की मौजूदा जमीन, जलाशयों और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल होगा।
रेलवे से आगे बढ़ रहा है IRFC
IRFC ने कहा कि DVC के साथ यह समझौता उसके कारोबार के विस्तार का हिस्सा है। कंपनी अब रेलवे से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ रिन्यूएबल एनर्जी और दूसरे सेक्टर में भी लॉन्ग टर्म फाइनेंसिंग कर रही है।
कंपनी के फाइनेंसिंग पोर्टफोलियो में अब रिन्यूएबल एनर्जी, पावर, मेट्रो रेल और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टर भी शामिल हैं। हालांकि, इनका संबंध रेलवे इकोसिस्टम और देश की इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरतों से जुड़ा हुआ है।
IRFC के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज कुमार दुबे ने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी, 2030 तक इंडियन रेलवे के नेट जीरो कार्बन एमिशन लक्ष्य के लिए अहम है।
उनके मुताबिक, DVC के साथ यह समझौता क्लीन एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने की दिशा में एक कदम है।
पहले भी मेट्रो प्रोजेक्ट को दिया फंड
IRFC ने इससे पहले L&T Metro Rail (Hyderabad) के साथ ₹13,527 करोड़ का टर्म लोन समझौता किया था। इस रकम का इस्तेमाल हैदराबाद मेट्रो प्रोजेक्ट के कर्ज को रिफाइनेंस करने के लिए किया जाएगा।
IRFC का शेयर 28 सितंबर को NSE पर 1.75% की गिरावट के साथ ₹78.55 पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक ने 36.79% का नेगेटिव रिटर्न दिया है।
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