RBI MPC Meeting Live: 'ब्याज दरों में बढ़ोतरी से सूक्ष्म उद्यमियों पर बढ़ेगा दबाव, ₹25 लाख तक के लोन पर मिले ब्याज सब्सिडी'
भारतीय युवा शक्ति ट्रस्ट (BYST) की संस्थापक और प्रबंधन ट्रस्टी लक्ष्मी वेंकटरमन वेंकटेशन ने आरबीआई मौद्रिक नीति पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगस्त में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.82% होने और खाद्य महंगाई के 5.95% रहने के बीच, रेपो रेट को 5.25% से बढ़ाकर 5.50% करने का आरबीआई का फैसला बढ़ते मूल्य दबाव को नियंत्रित करने और व्यापक आर्थिक स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी संभावना जताई कि FCNR फंड से बढ़ी मनी सप्लाई को देखते हुए केंद्रीय बैंक CRR और SLR में भी 25–50 बीपीएस की बढ़ोतरी पर विचार कर सकता है। हालांकि, बैंकों की ब्याज दरें रेपो रेट से जुड़े होने के कारण इस निर्णय का सीधा असर सूक्ष्म और छोटे उद्यमियों (MSMEs) के बैंक ऋणों, विशेषकर वर्किंग कैपिटल पर पड़ेगा, जो पहले से ही कच्चे माल और ऊर्जा की बढ़ती लागत झेल रहे हैं।
लक्ष्मी वेंकटरमन ने जोर देकर कहा कि मौद्रिक सख्ती के इस दौर में अंतिम स्तर तक लोन की बेहतर उपलब्धता, पर्याप्त कार्यशील पूंजी सहायता और खरीदारों द्वारा समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाना बेहद जरूरी है, ताकि सूक्ष्म उद्यम महंगे अनौपचारिक वित्तीय स्रोतों की ओर न जाएं। पहली पीढ़ी व महिला उद्यमियों के लिए किफायती औपचारिक ऋण और मार्गदर्शन को टिकाऊ उद्यमों के निर्माण के लिए आवश्यक बताते हुए उन्होंने सरकार से एक विशेष सुझाव दिया। उन्होंने मांग की कि ₹25 लाख तक का लोन लेने वाले सूक्ष्म और नैनो उद्यमियों को ब्याज सब्सिडी के माध्यम से राहत दी जानी चाहिए, जिससे उनके अतिरिक्त ब्याज भार की भरपाई हो सके और वे अपने कारोबार को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाए रख सकें।