अमेरिका-ईरान के बीच डील की खबर से इस हफ्ते दुनियाभर के बाजारों में तेजी दिखी। मध्यपूर्व में तनाव घटने की उम्मीद से क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई। लेकिन, ब्रोकरेज फर्म जेफरीज की रिपोर्ट ने इस डील पर संदेह जताया है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि इस डील के टिकने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
डील में ईरान को मिली है कई बड़ी रियायतें
Jefferies के स्ट्रेटेजिस्ट क्रिस्टोफर वुड की एक रिपोर्ट में अमेरिका-ईरान के बीच डील के बारे में कई बातें कही गई हैं। इसमें कहा गया है कि डील को देखने से ऐसा लगता है कि ईरान को बड़ी रियायतें दी गई हैं। उसके फ्रिज किए गए अरबों डॉलर के एसेट्स रिलीज करने की बात कही गई है। बातचीत के लिए तय 60 दिनों की अवधि में उस पर प्रतिबंध हटाने की भी बात कही गई है।
डील अमेरिकी पॉलिसी में बड़े बदलाव का संकेत
इस रिपोर्ट के मुताबिक, अगर यह डील अपने मौजूदा स्वरूप में लागू होती है तो इसका मतलब ईरान को लेकर अमेरिका की पॉलिसी में बड़ा बदलाव आया है। इसका मतलब यह भी है कि मध्यपूर्व को लेकर अमेरिका का पुराना रुख अब कमजोर पड़ रहा है। यह युद्धविराम ऐसे वक्त हुआ है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप राजनीतिक रूप से संवेदनशील दौर से गुजर रहे हैं।
ट्रंप के खिलाफ तेजी से बढ़ा रहा असंतोष
जेफरीज की रिपोर्ट में एक हालिया ओपिनियम पोल का हवाला दिया गया है। इस पोल के मुताबिक अमेरिकी सरकार को लेकर लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। खासकर सरकार की आर्थिक नीतियों को लोग पसंद नहीं कर रहे हैं। इस सर्वे के मुताबिक, ट्रंप को पसंद नहीं करने वाले लोग 60 फीसदी से ज्यादा हैं। इससे पहले ऐसा असंतोष पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन की सरकार के खिलाफ देखा गया था।
इस डील के सफल होने पर जेफरीज को संदेह
इस डील के बारे में चौतरफा उम्मीद के बावजूद जेफरीज को इसके सफल होने को लेकर संदेह है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इसमें पलड़ा ईरान की तरफ झुका हुआ दिख रहा है। अमेरिकी सरकार के सिक्योरिटी डिपार्टमेंट को यह नागवार गुजर सकता है। इससे मध्यपूर्व में पहले से चली आ रही जियोपॉलिटिकल स्थितियों में बदलाव हो सकता है।
टेक्नोलॉजी स्टॉक्स की हाई वैल्यूएशन को लेकर चिंता
इस डील के बाद अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी दिखी। माना गया कि एनर्जी की कीमतों में गिरावट से इनफ्लेशन बढ़ने का खतरा घटेगा। इससे ग्लोबल ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा। इनवेस्टर्स ने साइक्लिकल सेक्टर्स और अमेरिका से बाहर के स्टॉक्स में दिलचस्पी दिखाई। लेकिन, जेफरीज का मानना है कि अभी रिस्क खत्म नहीं हुआ है। खासकर टेक्नोलॉजी स्टॉक्स की हाई वैल्यूएशन को लेकर रिस्क बना हुआ है। आर्टफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियां जिस तरह से निवेश कर रही है, उससे भी चिंता बढ़ी है।
जापान में इंटरेस्ट रेट तीन दशकों में सबसे ज्यादा
ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि कुछ टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में बुलबुला बनता दिख रहा है। स्पेसएक्स से लिंक्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स में ट्रेडिंग वॉल्यूम लॉन्च के कुछ ही दिनों में 8 अरब डॉलर को पार कर गया। उधर, केंद्रीय बैंकों के लिए इनफ्लेशन चिंता का सबब बना हुआ है। बैंक ऑफ जापान ने तीन दशकों से ज्यादा समय में इंटरेस्ट रेट सबसे हाई लेवल पर पहुंचा दिया है। चीन की इकोनॉमी की तस्वीर मिलीजुली दिख रही है। मई में रिटेल सेल्स में बड़ी गिरावट दिखी। प्रॉपर्टी में इनवेस्टमेंट लगातार घट रहा है।