Jio IPO की लिस्टिंग आज, शेयर मिले हैं तो बेचें या रखें? एक्सपर्ट्स ने बताया लॉन्ग टर्म का पूरा प्लान
Jio Platforms IPO listing: जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर आज बुधवार को एक्सचेंज पर लिस्ट होंगे। 30,200 करोड़ रुपये का यह IPO 100 मिनट में फुल हुआ और कुल 22.2 गुना सब्सक्राइब हुआ। एनालिस्ट्स ने अलॉटमेंट पाने वाले निवेशकों को लॉन्ग टर्म के लिए शेयर होल्ड करने की सलाह दी है
JIO के शेयरों पर एक्सपर्ट बुलिश, लॉन्ग टर्म के लिए दी होल्ड की सलाह.
Jio Platforms IPO listing: रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम और डिजिटल सर्विसेज कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms IPO) के शेयर आज, बुधवार को स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होने जा रहे हैं। 30,200 करोड़ रुपये के इस IPO पर निवेशक जिस तरह टूट पड़े, उसने रिकॉर्ड बुक ही बदल दी। अब जिनके हाथ शेयर लगे हैं, उनके मन में एक ही सवाल घूम रहा है कि लिस्टिंग के दिन मुनाफा लेकर निकल जाएं या शेयर अपने पास रखें। चलिए जानते हैं, बड़े एनालिस्ट्स और एक्सपर्ट्स की राय इस शेयर को लेकर क्या है और अगर आप इस शेयर को लॉन्ग टर्म के लिए होल्ड करना चाहते हैं तो उसके लिए आपको क्या रणनीति अपनानी चाहिए।
100 मिनट में फुल हुआ IPO
जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO जैसे ही खुला, बोलियों की बारिश शुरू हो गई। सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों के मुताबिक, खुलने के सिर्फ 100 मिनट के अंदर यह इश्यू पूरा का पूरा सब्सक्राइब हो गया। इतनी तेजी से फुल होने वाला यह भारत के इतिहास का पहला पब्लिक इश्यू बन गया। यानी जितनी देर में कोई एक फिल्म खत्म होती है, उससे पहले ही इस IPO में शेयरों की मांग पूरी हो चुकी थी।
बड़े संस्थागत निवेशकों ने तो और भी जल्दी दिखाई। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB का हिस्सा 5,500 करोड़ रुपये का था और यह पहले 10 मिनट में ही भर गया। बाजार के बड़े खिलाड़ियों का यह भरोसा अपने आप में बहुत कुछ कहता है।
बोली का आखिरी दिन आते-आते तस्वीर और बड़ी हो गई। बोली बंद होने तक IPO कुल 22.2 गुना सब्सक्राइब हुआ। पब्लिक इश्यू और एंकर प्लेसमेंट को मिलाकर कुल मांग 7.4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा पहुंच गई। सोचने वाली बात है कि 30,200 करोड़ रुपये के इश्यू के लिए इतनी भारी रकम दांव पर लगाने को निवेशक तैयार बैठे थे।
आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स में इन्वेस्टमेंट सर्विसेज के हेड ऑफ फंडामेंटल रिसर्च नरेंद्र सोलंकी इस शेयर को लेकर काफी भरोसे में दिखे। उनका कहना है कि भारत के डिजिटल इकोसिस्टम में कंपनी की लीडरशिप वाली पोजिशन, मजबूत मुनाफा, बड़े स्तर पर फैलाया जा सकने वाला टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म और आगे की ग्रोथ की संभावनाएं, ये सब मिलकर इसके वैल्यूएशन को सपोर्ट करते हैं।
वैल्यूएशन की बात करें तो सोलंकी ने बताया कि फाइनल इश्यू प्राइस पर जियो प्लेटफॉर्म्स का वैल्यूएशन FY2026 के प्राइस-टू-अर्निंग्स रेश्यो के हिसाब से 34.3 गुना और FY2026 के एंटरप्राइज वैल्यू-टू-EBITDA रेश्यो के हिसाब से 14.8 गुना बैठता है। इस भाव पर कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 10.3 लाख करोड़ रुपये होता है।
निवेशकों को सीधी सलाह देते हुए सोलंकी ने कहा, 'लिस्टिंग पर निवेशक लॉन्ग टर्म के लिए शेयरों को होल्ड करना जारी रख सकते हैं।'
इस भरोसे के पीछे कंपनी की बाजार में मजबूत पकड़ है। सोलंकी के मुताबिक, भारत के मोबाइल ब्रॉडबैंड बाजार में जियो का दबदबा है। कंपनी के पास 533.3 मिलियन यानी 53.33 करोड़ ग्राहक हैं और वायरलेस ब्रॉडबैंड बाजार में उसकी हिस्सेदारी करीब 49.8 फीसदी है। मतलब, देश में वायरलेस ब्रॉडबैंड इस्तेमाल करने वाले लगभग हर दूसरे ग्राहक का रिश्ता जियो से है।
सोलंकी ने कंपनी की तीन बड़ी ताकतें भी गिनाईं। पहली, उसका अपना बनाया हुआ टेक्नोलॉजी स्टैक। दूसरी, देशभर में फैला बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क। और तीसरी, मजबूत ब्रांड फ्रेंचाइजी। उनके मुताबिक, ये तीनों चीजें कंपनी को मुकाबले में आगे रखती हैं और किसी नए खिलाड़ी के लिए इस बाजार में घुसने की दीवार बहुत ऊंची कर देती हैं।
आगे की ग्रोथ के लिए सोलंकी को कुछ नए दरवाजे भी खुलते दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), एंटरप्राइज डिजिटल सर्विसेज और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड में मौजूद मौके कंपनी को लॉन्ग टर्म में बढ़ने की गुंजाइश देते हैं।
किन खतरों पर रखनी होगी नजर?
हर चमकती चीज के साथ कुछ जोखिम भी जुड़े होते हैं और नरेंद्र सोलंकी ने इन्हें भी छिपाया नहीं। उन्होंने साफ कहा कि कुछ मुद्दे अब भी चिंता की वजह बने हुए हैं।
इनमें सबसे पहला है टेलीकॉम सेक्टर का रेगुलेशन। सरकार के नियमों में कोई भी बदलाव इस कारोबार पर सीधा असर डाल सकता है। दूसरा मुद्दा स्पेक्ट्रम से जुड़ी जरूरतों का है, जो टेलीकॉम कंपनियों के लिए हमेशा बड़ा मसला रहता है। तीसरा खतरा टेक्नोलॉजी में आने वाले अचानक बदलावों का है, यानी ऐसी नई तकनीक जो पूरे खेल का नक्शा बदल दे। और चौथा, साइबर सिक्योरिटी से जुड़े खतरे, जो इतने बड़े डिजिटल कारोबार के लिए हमेशा सिर पर मंडराते रहते हैं। सोलंकी के मुताबिक, ये चारों बातें कंपनी के लिए मुख्य चिंताएं बनी हुई हैं।
7,220 पेटेंट और 51.91% का मार्जिन
कांतिलाल छगनलाल सिक्योरिटीज में रिसर्च एंड बिजनेस डेवलपमेंट के वाइस प्रेसिडेंट महेश एम ओझा ने कंपनी की ताकत को दूसरे एंगल से समझाया। उनका कहना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स का अपना टेक्नोलॉजी स्टैक है, जिसके पीछे 7,220 पेटेंट एप्लिकेशन खड़ी हैं। इसी वजह से कंपनी को बाहर की वेंडर कंपनियों को फीस नहीं चुकानी पड़ती। जब यह खर्च बचता है तो उसका सीधा फायदा मुनाफे में दिखता है। ओझा के मुताबिक, इसी ने कंपनी के 51.91 फीसदी के EBITDA मार्जिन को सहारा दिया है।
महेश एम ओझा ने कंपनी की कैपिटल एलोकेशन स्ट्रैटेजी की भी तारीफ की। उन्होंने बताया कि इस रणनीति की वजह से FY2026 में कंपनी का नेट लेवरेज घटकर 0.36 गुना पर आ गया। उनके मुताबिक, यह इस बात का इशारा है कि कंपनी अब इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी-भरकम खर्च करने वाले दौर से आगे निकलकर ज्यादा फ्री कैश फ्लो कमाने की तरफ बढ़ रही है। आसान शब्दों में कहें तो जो कंपनी अब तक नेटवर्क बिछाने में पैसा झोंक रही थी, वह अब उस नेटवर्क से कमाई निकालने के दौर में आ रही है।
आगे की कमाई कहां से आएगी?
ओझा ने उन रास्तों के बारे में भी बताया, जिनसे आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ आएगी। उनके मुताबिक, पहला रास्ता है टैरिफ बढ़ोतरी। दूसरा, हर व्यक्ति के डेटा इस्तेमाल में लगातार हो रहा इजाफा। लोग जितना ज्यादा वीडियो देख रहे हैं, ऑनलाइन काम कर रहे हैं, उतना ही डेटा की खपत बढ़ रही है।
तीसरा और अहम रास्ता है फिक्स्ड ब्रॉडबैंड का विस्तार। इसमें JioFiber और JioAirFiber जैसी सर्विसेज आती हैं। ओझा ने बताया कि ये सर्विसेज ज्यादा एवरेज रेवेन्यू पर यूजर यानी ARPU वाले ग्राहकों को टारगेट करती हैं। मतलब, इन ग्राहकों से कंपनी को हर महीने ज्यादा कमाई होती है।
इन सब बातों को जोड़ते हुए ओझा ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, 'कंपनी की मजबूत कंपाउंडिंग क्षमता लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएशन के लिए पक्के तौर पर बाय-एंड-होल्ड स्ट्रैटेजी को सही ठहराती है।'
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग सिर्फ इस कंपनी के लिए ही खास नहीं है। उम्मीद है कि इसके बाजार में आते ही रिलायंस ग्रुप कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से भारत का सबसे बड़ा लिस्टेड बिजनेस ग्रुप बन जाएगा। यानी आज जब जियो का शेयर पहली बार स्क्रीन पर चमकेगा, तो उसके साथ पूरे ग्रुप के नाम एक नया तमगा भी जुड़ सकता है।
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