Maharashtra elections : इस साल बाजार की नजर 4 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों पर है। इसमें सबसे ज्यादा फोकस महाराष्ट्र पर है। इस चुनाव का असर केंद्र की राजनीति पर भी होना पक्का है। किनके बीच है मुकाबला और क्यों ये चुनाव हैं अहम, इसपर मैक्वायरी ने एक रिपोर्ट निकाली है। इस रिपोर्ट में क्या कहा गया है इसे बताते हुए सीएनबीसी-आवाज़ के सुमित मेहरोत्रा ने कहा कि महाराष्ट्र चुनाव पर मैक्वायरी ने कहा है कि PM मोदी के लिए महाराष्ट्र को जीतना बेहद जरूरी है।
महाराष्ट्र में महायुति और महाविकास अघाडी के बीच मुकाबला
महाराष्ट्र में महायुति और महाविकास अघाडी के बीच मुकाबला है। महायुति में BJP, शिवसेना और NCP (अजित पवार) गुट शामिल है। जबकि महाविकास अघाडी में कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव) और NCP (शरद पवार) शमिल हैं। महाराष्ट्र चुनाव पर मैक्वायरी ने आगे कहा कि महाराष्ट्र लोकसभा सीटों के हिसाब से दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। महायुति के जीतने से केंद्र में सरकार की स्थिती में सुधार होगा।
महाराष्ट्र जीतना क्यों जरूरी
मैक्वायरी का कहना है कि लोकसभा सीटों के हिसाब से महाराष्ट्र दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। देश की कुल GDP का 13-14 फीसदी हिस्सा महाराष्ट्र से आता है। महाराष्ट्रा की प्रति व्यक्ति आय देश के औसत से 30 फीसदी ज्यादा है। देश के कुल एक्सपोर्ट का 16 फीसदी हिस्सा महाराष्ट्र से आता है। कुल स्टार्टअप में 19 फीसदी हिस्सा महाराष्ट्र का है। MF के कुल AUM का 40 फीसदी हिस्सा महाराष्ट्र से है। सबसे ज्यादा FDI फ्लो महाराष्ट्र में आता है।
चुनावों के चलते राज्य का वित्तीय घाटा निकल सकता है 3 फीसदी के पार
महाराष्ट्र चुनाव पर जारी अपनी रिपोर्ट में मैक्वायरी ने आगे कहा कि चुनावों के चलते राज्य का वित्तीय घाटा 3 फीसदी के पार निकल सकता है लोकलुभावन योजनाओं के चलते वित्तीय घाटा बढ़ सकता है। वित्त वर्ष 2025 के लिए राज्य बजट में 2.6 फीसदी वित्तीय घाटे का अनुमान है। 3 फीसदी वित्तीय घाटा हासिल करने के लिए कैपेक्स में कमी हो सकती है।