एक्सिस म्यूचुअल फंड में पीएमएस और एआईएफ के हेड हितेश जावेरी का कहना है कि पिछले आम चुनावों की तुलना में इस बार बीजेपी को कम सीटें मिलने के कारण डिफेंस और रेलवे में बड़े रिफॉर्म की गति थोड़ी धीमी हो सकती है। जावेरी का मानना है कि डिफेंस कंपनियों का वैल्यूएशन बहुत अधिक है, लेकिन मजबूत और बढ़ती ऑर्डर बुक इस वैल्युएशन को उचित ठहराती है।
सुधार की गति पड़ सकती है धीमी
बाजार पर बात करते हुए हितेश ने कहा कि अब नई सरकार बन गई है। इस बार विपक्ष मजबूत हो गया है। इससे सुधारों की गति प्रभावित हो सकती है। पहले, साहसिक कदम आसानी से उठाए जाते थे, लेकिन अब इस बात की चिंता है कि साहसिक सुधार शायद न हों। कंपनियां और व्यवसायी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और आत्मविश्वास के साथ अपनी विकास योजनाओं को लागू कर रहे हैं। पूंजी भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने लिस्टेड बाजार में अपनी हिस्सेदारी कम करते हुए हाई वैल्यूएशन दिया, जिसे बाजार आसानी से पचा रहा है। म्यूचुअल फंड में अभूतपूर्व निवेश आ रहा है।
हितेश का कहना है कि कई सेक्टरों में वैल्यूएशन पहले की तरह सस्ते नहीं है। इससे फंड मैनेजरों को नए विकल्प खोजने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मजबूत आर्थिक विकास को देखते हुए, विदेशी धन, जो बाहर जा रहा था, उसके वापस आने की उम्मीद है। कई प्राइवेट इक्विटी पोर्टफोलियो आईपीओ की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिससे मौजूदा लिस्टेड शेयरों पर दबाव कम हो जाएगा और अधिक कंपनियां बाजार में निवेश के लिए उपलब्ध होंगी।
बैंक और NBFC शेयर लग रहे हैं अच्छे
हितेश को निवेश के नजरिए से निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों के बैंक और NBFC शेयर अच्छे लग रहे हैं। ऑटोमोटिव OEM, ऑटो एंसिलरी, FMCG (अगर मानसून अच्छा रहा), फार्मा, रिटेल, ई-कॉमर्स, एसेट मैनेजमेंट और स्पेशियलिटी केमिकल कंपनियां भी उनको अच्छी लग रही हैं। उनका कहना है कि NBFC कंपनियां विशेष रूप से उन क्षेत्रों तक पहुंच रखती हैं जहां संगठित बैंकों की पहुंच नहीं होती। ऐसे में NBFC शेयरों में आगे तेजी की उम्मीद है।
आवास निर्माण से जुड़ा हर सेक्टर में दिखेगी तेजी
आप हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर को किस तरह देखते हैं? इस सवाल के जवाब में हितेश ने कहा कि समय के साथ परिवारों के छोटे-छोटे यूनिट में बंटने की स्वाभाविक प्रगति से घरों की मांग बढ़ रही है। भारत में, बेहतर आवास की मांग बढ़ रही है। ऐसे में आवास निर्माण से जुड़ा हर सेक्टर अच्छा चल रहा है। रियल एस्टेट, हाउसिंग फाइनेंस, फास्ट-मूविंग इलेक्ट्रिकल गुड्स और घरेलू सामान और पेंट जैसे शेयरों में अच्छी संभावना है। हालांकि शेयरों का चुनाव कंपनी की गुणवत्ता, प्रबंधन, वैल्युएशन और विकास क्षमता पर निर्भर करता है।
खपत से जुड़े शेयरों में देखने को मिलेगी तेजी
खपत से जुड़े शेयरों और हॉस्पिटल शेयर पर बात करते हुए हितेश ने कहा कि प्रति व्यक्ति डिस्पोजेबल आय में बढ़त के साथ-साथ खर्च करने की बढ़ती क्षमता के कारण खपत से जुड़े शेयरों में तेजी देखने को मिलेगी। ऑटोमोबाइल, FMCG और दूसरी कटेगरी में प्रीमियमाइजेशन के रुझान देखने को मिल रहे हैं। बढ़ती समृद्धि के साथ लोगों में महंगे प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ रही। यहां तक कि शराब कंपनियों को भी इसका फायदा मिल रहा है। अस्पतालों और डायग्नोस्टिक्स में प्रति व्यक्ति उपयोग स्तर काफी कम है। भारत में प्रति 1000 लोगों पर, पर कैपिटा बेड दुनिया में सबसे कम में से एक है। हमारी चिकित्सा लागत कम है। इसलिए आगे इसमें भी ग्रोथ की काफी संभावना है।
बजट से बाजार पर नहीं होगा कोई खास असर
बजट से पहले किसी को अपने पोर्टफोलियो को किस तरह से तैयार करना चाहिए? इसके जवाब में हितेश जावेरी ने कहा कि पिछले दशक में बजट ने बाजार में कोई नाटकीय बदलाव नहीं किया है।
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