इस हफ्ते लगभग ₹20 लाख करोड़ का मार्केट कैप हुआ साफ, जानिए क्या अगले हफ्ते हो सकती है इसकी रिकवरी

वीकली बेसिस पर देखें तो 25 साल में पहली बार मार्केट लगातार 8 हफ्ते तक गिरा है। इस हफ्ते निफ्टी 3% से ज़्यादा गिरा है। यह 6 महीनों में सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है। इस हफ्ते BSE-लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप लगभग ₹20 लाख करोड़ घट गया IT को छोड़कर सभी इंडेक्स में गिरावट रही

अपडेटेड Oct 01, 2026 पर 5:55 PM
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टेक्निकल नज़रिए से देखें तो निफ्टी अभी भी अपने 20-डे और 50-डे EMA के नीचे ट्रेड कर रहा है। RSI और गिरकर 25 से नीचे आ गया है,जो बेयरिश रुख दिखाता है

1 अक्टूबर को काफी उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। यह लगातार चौथा सेशन था जब इनमें गिरावट रही और निफ्टी 22,400 के आसपास बंद हुआ। रुपये की गिरती कीमत, US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और FII की लगातार बिकवाली ने बाजार के सेंटीमेंट पर असर डाला,जिससे निफ्टी इंट्राडे में गिरकर 22,217.30 के निचले स्तर पर आ गया। हालांकि,IT शेयरों में खरीदारी के दम पर बाजार ने दिन के निचले स्तर से जोरदार रिकवरी की जिससे नुकसान को सीमित करने में मदद मिली। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 570.59 अंक या 0.79 प्रतिशत गिरकर 71,909.70 पर और निफ्टी 198.50 अंक या 0.88 प्रतिशत गिरकर 22,421.95 पर बंद हुआ।

25 साल में पहली बार मार्केट लगातार 8वें हफ्ते गिरा

वीकली बेसिस पर देखें तो 25 साल में पहली बार मार्केट लगातार 8 हफ्ते तक गिरा है। इस हफ्ते निफ्टी 3% से ज़्यादा गिरा है। यह 6 महीनों में सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है। इस हफ्ते BSE-लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप लगभग ₹20 लाख करोड़ घट गया IT को छोड़कर सभी इंडेक्स में गिरावट रही। हॉस्पिटल और ऑटो इंडेक्स में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई। इस हफ्ते सेंसेक्स 3%, निफ्टी बैंक 2% और मिडकैप इंडेक्स लगभग 4% नीचे गिरा।


बाज़ार में मंदी का माहौल हुआ और मज़बूत 

रेलिगेयर ब्रोकिंग के एसवीपी रिसर्च, अजीत मिश्रा का कहना है कि गुरुवार को बाजार में फिर से भारी बिकवाली का दबाव देखने को मिला। कमजोर शुरुआत के बाद,शुरुआती घंटों में बेंचमार्क इंडेक्स एक सीमित दायरे में रहे,लेकिन दोपहर में तेज बिकवाली हुई। निफ्टी अपने अहम सपोर्ट जोन 22,400–22,600 के नीचे आ गया,जबकि सेंसेक्स ने सेशन के दौरान अप्रैल 2026 के निचले स्तर को तोड़ दिया। आखिर में दोनों इंडेक्स 22,421.95 और 71,909.70 पर बंद हुए।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो चौतरफा बिकवाली दिखी। सितंबर की बिक्री के आंकड़े आने के बाद ऑटो शेयरों पर काफी दबाव रहा। इसके बाद मेटल,रियल्टी और FMCG शेयरों में भी गिरावट आई। जबकि IT शेयरों में बढ़त के साथ कारोबार बंद हुआ। मिड और स्मॉल कैप इंडेक्स में भी तेज गिरावट रही। इनमें लगभग एक प्रतिशत की गिरावट आई।

विदेशी निवेशकों की तरफ से लगातार हो रही बिकवाली और US ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी का असर बाजार के मूड पर दिखा, जिससे निवेशकों ने जोखिम लेने से परहेज किया। कच्चे तेल की कीमतों में फिर से आई तेजी और लगातार विदेशी बिकवाली के बीच भारतीय रुपये में कमजोरी ने भी दबाव को और बढ़ा दिया।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी अपने अहम लॉन्ग-टर्म सपोर्ट लेवल यानी 22,600 और 22,400 के आसपास 200 वीक SMA और EMA से साफ़ तौर पर नीचे आ गया और 22,180 के लेवल (जो अप्रैल 2026 का निचला स्तर था) की ओर बढ़ गया,जिससे बाज़ार में मंदी का माहौल और मज़बूत हुआ है।

22,000–22,200 का जोन अगले अहम सपोर्ट जोन के तौर पर काम कर सकता है,जबकि 22,500–22,600 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस बन सकता है। इसके बाद 22,800 पर अगला बड़ा रेजिस्टेंस रहेगा। इंडेक्स में गिरावट का दौर जारी रहने और उतार-चढ़ाव बढ़ने के कारण नियर टर्म के लिए सतर्क रहने की जरूरत है और चुनिंदा शेयरों में ही मौके तलाशने की सलाह है।

मौजूदा बेयरिश स्ट्रक्चर बरकरार 

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का कहना है कि गुरुवार को निफ्टी में पूरे सेशन के दौरान भारी गिरावट देखी गई। हालांकि,आखिरी घंटे में थोड़ी रिकवरी हुई,जिससे इंडेक्स अपने इंट्राडे निचले स्तर से लगभग 195 अंक ऊपर चढ़ने में कामयाब रहा। इस रिकवरी के बावजूद, निफ्टी 0.88% की गिरावट के साथ बंद हुआ। बेंचमार्क इंडेक्स लगातार आठवें हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुआ,जो 2001 के बाद से इसकी सबसे लंबी गिरावट का दौर है। डेली चार्ट पर,निफ्टी ने निचले विक (wick) के साथ एक बेयरिश बॉडी वाली कैंडल बनाई है,जो निचले स्तरों पर थोड़ी खरीदारी का संकेत है। हालांकि, जब तक मज़बूत और लगातार खरीदारी नहीं होती,तब तक ओवरऑल ट्रेंड बेयरिश ही रहेगा।

टेक्निकल नज़रिए से देखें तो निफ्टी अभी भी अपने 20-डे और 50-डे EMA के नीचे ट्रेड कर रहा है। RSI और गिरकर 25 से नीचे आ गया है,जो बेयरिश रुख दिखाता है। जबकि MACD ज़ीरो लाइन के नीचे लगातार नीचे की ओर झुका हुआ है। ADX में बढ़ोतरी यह बताती है कि बेयरिश ट्रेंड की मजबूती अभी भी बनी हुई है। इसलिए,मौजूदा बेयरिश स्ट्रक्चर बरकरार है।

आगे 22250–22220 का जोन (जो आज के निचले स्तर के आसपास है) तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर इस जोन के नीचे कोई बड़ी गिरावट आती है तो 22130 के स्तर तक और बिकवाली का दबाव बन सकता है। ऊपर की तरफ, 22600–22620 का जोन सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर इस जोन के ऊपर बढ़त बनी रहती है तो 22750 के स्तर तक वापसी (पुलबैक)हो सकती है। हालांकि,जब तक टिकाऊ खरीदारी का सपोर्ट नहीं दिखता, तब तक बड़ा ट्रेंड कमजोर ही रहेगा।

बैंक निफ्टी व्यू

बैंक निफ्टी पर अपनी राय साझा करते हुए सुदीप शाह ने कहा कि इसमें लगभग 1,020 पॉइंट्स के दायरे में ट्रेड हुआ। इससे पता चलता है कि इसमें काफी उतार-चढ़ाव (वोलाटिलिटी) है। डेली चार्ट पर इंडेक्स ने एक 'हाई-वेव कैंडल'बनाई है,जिसकी बॉडी छोटी है और दोनों तरफ लंबी विक्स (wicks) हैं। यह मौजूदा लेवल पर बाजार की अनिश्चितता को दिखाता है। पोजीशनल नजरिए से जब तक लगातार खरीदारी (follow-up buying) नहीं होती,तब तक इसका स्ट्रक्चर कमजोर बना रहेगा। बैंक निफ्टी 0.33% गिरकर बंद हुआ। इससे निकट भविष्य में सतर्क रहने का संकेत मिलता है। आगे चलकर,54100–54000 का लेवल सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह इस दायरे से नीचे जाता है तो बिकवाली का दबाव 53500 तक बढ़ सकता है। ऊपर की तरफ 55100–55200 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस (hurdle) का काम कर सकता है।

 

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