Market cues : निफ्टी में 23500–23600 के ऊपर मजबूत और टिकाऊ क्लोजिंग होने तक जारी रहेगा कंसोलीडेशन
Market cues :मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक निफ्टी 50 23,500–23,600 के जोन के ऊपर मज़बूत और टिकाऊ क्लोजिंग नहीं देता, तब तक रेंज-बाउंड ट्रेडिंग जारी रह सकती है। इसके बाद 23,800–24,000 की ओर ऊपर जाने की संभावना बढ़ सकती है। तब तक इसके लिए तत्काल सपोर्ट 23,100 पर है,जिसके नीचे पर 23,000 का लेवल अगला सपोर्ट होगा
Market cues : मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX 8.53 प्रतिशत गिरकर 15.57 पर आ गया और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे चला गया। यह बुल्स के लिए राहत का संकेत है
Market cues : 9 जून को बैंकिंग सेक्टर के सपोर्ट से निफ्टी में 0.50 फीसदी की रैली देखने को मिली। जबकि पिछले सेशन में इसमें 1 फीसदी की गिरावट आई थी। कुल मिलाकर,ट्रेंड अभी भी कमजोर है क्योंकि इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है। हालांकि,सपोर्ट लेवल के पास बुलिश रिवर्सल-टाइप पैटर्न बनने से रिकवरी देखने को मिली। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक निफ्टी 50 23,500–23,600 के जोन के ऊपर मज़बूत और टिकाऊ क्लोजिंग नहीं देता, तब तक रेंज-बाउंड ट्रेडिंग जारी रह सकती है। इसके बाद 23,800–24,000 की ओर ऊपर जाने की संभावना बढ़ सकती है। तब तक इसके लिए तत्काल सपोर्ट 23,100 पर है,जिसके नीचे पर 23,000 का लेवल अगला सपोर्ट होगा।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित रेजिस्टेंस : 23,275, 23,317 और 23,384
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,142, 23,100 और 23,034
स्पेशल फॉर्मेशन : निफ्टी ने कल एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई है जिसकी निचली शैडो लंबी है। यह निचले स्तरों पर खरीदारी आने का संकेत है। यह डेली टाइमफ्रेम पर'ड्रैगनफ्लाई डोजी'जैसे पैटर्न जैसा भी दिखता है,जिसे आमतौर पर बुलिश रिवर्सल का संकेत माना जाता है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है,और वे भी नीचे की ओर जा रहे हैं। RSI बढ़कर 39.58 हो गया,लेकिन अपनी रेफरेंस लाइन से नीचे ही रहा,जबकि MACD नीचे की ओर बढ़ता रहा और सिग्नल लाइन से नीचे बना रहा। हालांकि,हिस्टोग्राम में कमजोरी कम हुई। ये सभी बातें मोमेंटम में संभावित सुधार का संकेत देती हैं,हालांकि ओवरऑल ट्रेंड अभी भी सावधानी वाला बना हुआ है।
बैंक निफ्टी
पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,329, 55,583 और 55,994
पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 54,507, 54,253 और 53,842
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 55,809, 57,195
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 53,687, 52,798
स्पेशल फॉर्मेशन : निफ्टी बैंक ने निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन किया और 2.09 प्रतिशत की बढ़त हासिल की। कल इसमें डेली चार्ट पर एक लंबी बुलिश कैंडल बनी। औसत से अधिक वॉल्यूम के दम पर इंडेक्स ने पिछले हफ्ते के हाई के साथ-साथ अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज को भी पार कर लिया। RSI बढ़कर 55.48 पर पहुंच गया और इसमें बुलिश क्रॉसओवर देखा गया,जबकि MACD सिग्नल लाइन के ऊपर बना रहा और हिस्टोग्राम में हरे रंग की बार्स बढ़ती रहीं। ये सभी बातें बुलिश मोमेंटम के मज़बूत होने और मार्केट सेंटीमेंट में सुधार का संकेत देती हैं।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
इंडिया VIX
मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाला India VIX 8.53 प्रतिशत गिरकर 15.57 पर आ गया और सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे चला गया। यह बुल्स के लिए राहत का संकेत है। हालांकि,बुल्स के लिए ज्यादा मज़बूत स्थिति में आने और और ज्यादा भरोसा हासिल करने के लिए 15 के लेवल से नीचे आना जरूरी है।
पुट कॉल रेशियो
बाजार का मूड दिखाने वाला Nifty का पुट-कॉल रेश्यो 9 जून को पिछले सेशन के 0.78 से बढ़कर 1.06 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं,जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: एम्बर एंटरप्राइजेज इंडिया,केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
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