Market cues : 23800 के ऊपर टिके रहने पर निफ्टी में 24500 का लेवल मुमकिन, 23800 के नीचे जाने पर बढ़ सकती है गिरावट

Trade setup for today : कंसोलिडेशन के दौर में निफ्टी को 23,800 के सपोर्ट जोन (10-दिन और 50-दिन के EMA) को बनाए रखने की जरूरत है। अगर यह लेवल टूटता है,तो इंडेक्स के 23,700–23,600 तक गिरने की संभावना बढ़ सकती है

अपडेटेड Jun 22, 2026 पर 9:00 AM
Trade Setup : मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX 2.35 प्रतिशत बढ़कर 12.97 पर पहुंचने के बावजूद निचले स्तर पर बना रहा। यह इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी नीचे ट्रेड करता रहा

Trade setup for today : 19 जून को निफ्टी में 0.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ बाजार की लगातार पांच दिनों की बढ़त का सिलसिला टूट गया। प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद,इंडेक्स अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से काफी ऊपर बना रहा। इसने MACD में बुलिश क्रॉसओवर भी बनाए रखा,हालांकि RSI में थोड़ी नरमी आई। वहीं,शुक्रवार को बढ़त के बावजूद इंडिया VIX निचले स्तर पर ही बना रहा। बाजार जानकारों के मुताबिक,कंसोलिडेशन के दौर में निफ्टी को 23,800 के सपोर्ट जोन (10-दिन और 50-दिन के EMA) को बनाए रखने की जरूरत है। अगर यह लेवल टूटता है,तो इंडेक्स के 23,700–23,600 तक गिरने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि,अगर इंडेक्स 23,800 के ऊपर बना रहता है,तो यह 24,200–24,300 और उसके बाद 24,500 की ओर बढ़ सकता है,जो एक अहम रेजिस्टेंस लेवल है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल


पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,932, 23,898 और 23,842

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,043, 24,077 और 24,133

गैप-डाउन ओपनिंग के बाद,डेली चार्ट पर निफ्टी 50 ने निचले शैडो वाली एक छोटी बॉडी वाली बुलिश कैंडल बनाई। इससे पता चलता है कि ऊंचे स्तरों से थोड़ी गिरावट आई है,लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारी में भी दिलचस्पी दिखी है। हालांकि,अगले सेशन में इंडेक्स 100-दिन के EMA के ऊपर नहीं टिक पाया,लेकिन यह अपने शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर बना रहा और ये दोनों ही ऊपर की ओर बढ़ रहे थे। 10-दिन का EMA भी 50-दिन के EMA के ऊपर जाने की कगार पर है। RSI में थोड़ी नरमी आई लेकिन यह अपनी रेफरेंस लाइन से ऊपर बना रहा,जबकि MACD ज़ीरो लाइन और सिग्नल लाइन दोनों के ऊपर रहा,हालांकि हरे हिस्टोग्राम बार में मोमेंटम में कुछ कमी दिखी। ये सभी बातें बताती हैं कि थोड़े समय के कंसोलिडेशन के बावजूद ओवरऑल ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,782, 57,862 और 57,992

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,522, 57,441 और 57,311

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,772, 56,012

बैंक निफ्टी की लगातार छह दिनों की बढ़त का सिलसिला टूट गया और प्रॉफ़िट बुकिंग के कारण इसमें 0.5% की गिरावट आई,लेकिन यह पिछले दिन के निचले स्तर को बनाए रखने में कामयाब रहा। डेली टाइमफ़्रेम पर बैंकिंग इंडेक्स ने छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जिसमें नीचे की तरफ़ एक छोटी शैडो थी। यह हल्की गिरावट (करेक्शन)का संकेत है,जबकि कुल मिलाकर ट्रेंड अभी भी बुल्स के पक्ष में है। इंडेक्स अप्रैल के स्विंग हाई और फरवरी के हाई से अप्रैल के लो तक आए करेक्शन के 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल से ऊपर बना रहा। यह सभी अहम मूविंग एवरेज से भी ऊपर रहा,जो ऊपर की ओर बढ़ रहे थे। RSI गिरकर 67.81 पर आ गया, लेकिन अपनी सिग्नल लाइन से काफी ऊपर बना रहा,जबकि MACD ने अपना बुलिश क्रॉसओवर बनाए रखा,हालांकि हरे हिस्टोग्राम बार थोड़े हल्के पड़ गए। ये सभी बातें बताती हैं कि कुछ प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद,ओवरऑल बुलिश ट्रेंड बना हुआ है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

लगातार 23 सेशन तक नेट बायर बने रहने के बाद,19 जून को घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) नेट सेलर बन गए और उन्होंने ₹1,159 करोड़ के शेयर बेचे। इसके उलट,विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) नेट बायर बनकर उभरे और उन्होंने ₹4,859 करोड़ के शेयर खरीदे,जिससे विदेशी निवेशकों की फिर से दिलचस्पी का संकेत मिलता है।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाला इंडिया VIX 2.35 प्रतिशत बढ़कर 12.97 पर पहुंचने के बावजूद निचले स्तर पर बना रहा। यह इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी नीचे ट्रेड करता रहा। मार्केट में तेज़ी के नज़रिए को बनाए रखने के लिए इसके 14 के स्तर से नीचे बने रहना जरूरी है।

पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 19 जून को पिछले सेशन के 1.12 से गिरकर 0.91 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

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F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

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