21 जून को खत्म हुए हप्ते में नई ऊंचाइयों को छूने के बावजूद व्यापक सूचकांकों ने मिलाजुलाप्रदर्शन किया। मिलेजुले ग्लोबल संकेतों, मानसून की धीमी प्रगति, आगामी केंद्रीय बजट को लेकर जुड़ी उम्मीदों और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की खरीदारी के कारण वोलैटिलिटी के बीच बेंचमार्क भी मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई स्मॉल-कैप इंडेक्स में 1.5 फीसदी की बढ़त हुई, जबकि मिड-कैप और लार्ज-कैप इंडेक्स स्थिर रहे। बीएसई स्मॉल-कैप इंडेक्स में 1.5 फीसदी की बढ़त हुई, जबकि मिड-कैप और लार्ज-कैप इंडेक्स सपाट रहे।
बीते हफ्ते बीएसई सेंसेक्स 217.13 अंक या 0.28 फीसदी बढ़कर 77,209.90 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 35.5 अंक या 0.15 फीसदी बढ़कर 23,501.10 पर बंद हुआ। 19 जून को बीएसई सेंसेक्स ने 77851.63 का नया रिकॉर्ड हाई बनाया, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स ने 21 जून को 23,667.10 का रिकॉर्ड हाई हिट किया।
गए हफ्ते बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.5 फीसदी की बढ़त हुई। मॉस्चिप टेक्नोलॉजीज, भंसाली इंजीनियरिंग पॉलीमर्स, हेस्टर बायोसाइंसेज, सी. ई. इन्फो सिस्टम्स (मैपमाईइंडिया), ह्यूबैक कलरेंट्स इंडिया, राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स, पंजाब केमिकल्स एंड क्रॉप प्रोटेक्शन, नेशनल फर्टिलाइजर्स, शक्ति पंप्स (इंडिया) और चंबल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स जैसे स्मॉलकैप शेयरों में 20-40 फीसदी की तेजी देखने को मिली।
दूसरी ओर, लांसर कंटेनर्स लाइन्स, सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रुवरीज, केमप्लास्ट सनमार, केएनआर कंस्ट्रक्शन्स, जेडएफ कमर्शियल व्हीकल कंट्रोल सिस्टम्स इंडिया, कामधेनु वेंचर्स, गरवारे हाई-टेक फिल्म्स, पीटीसी इंडस्ट्रीज के शेयरों में 8-11 फीसदी तक की गिरावट आई।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के सिद्धार्थ खेमका का कहना है शॉर्ट टर्म में बाजार स्थिर रहने और उच्च स्तरों पर कंसोलीडेशन होने की संभावना है। बजट एलानों के प्रति संवेदनशील शेयरों में एक्शन देखने को मिल सकता है। उर्वरक, गेमिंग और तेल और गैस जैसे सेक्टर वीकेंड में होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक के परिणाम पर रिएक्ट करेंगे। ग्लोबल स्तर पर निवेशक अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस पीएमआई डेटा के साथ-साथ अमेरिकी में मौजूदा घरों की बिक्री के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।
अमोल अठावले, वीपी-टेक्निकल रिसर्च, कोटक सिक्योरिटीज का कहना है कि जब तक बाजार 23650/77500 से नीचे कारोबार कर रहा है, तब तक कमजोर का ट्रेंड बना रहेगा और बाजार नीचे की तरफ 23300/76700 के स्तर को फिर से छू सकता है। इसके आगे भी गिरावट जारी रह सकती है, जो बाजार को 23175/76100 तक खींच सकती है। दूसरी तरफ, 23650/77500 बुल्स के लिए तत्काल ब्रेकआउट लेवल होगा। यह बाधा पार होने के बाद बाजार 23800-24000/78000-78500 तक बढ़ सकता है।
अमोल ने आगे कहा कि बैंक निफ्टी में 51000 का स्तर ट्रेंड फॉलोइंग ट्रेडर्स के लिए काफी अहम सपोर्ट ज़ोन होगा। इससे ऊपर, यह 52700-53000 तक बढ़ सकता है। दूसरी तरफ, 51000 से नीचे जाने पर ट्रेडर्स लॉन्ग पोजीशन से बाहर निकलना पसंद कर सकते हैं।
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