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Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 30 सितंबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook :जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि घरेलू इक्विटी मार्केट को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, US ट्रेजरी यील्ड का दो दशक के उच्चतम स्तर के करीब बने रहना और FII की लगातार बिकवाली से रुपये पर दबाव है। IPO के ज़रिए रिकॉर्ड स्तर पर फंड जुटाने से भी मार्केट में लिक्विडिटी कम हो रही है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Sep 29, 2026 पर 4:12 PM
Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 30 सितंबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल
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Market Outlook:भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स 29 सितंबर को लगातार दूसरे सेशन में गिरावट के साथ बंद हुए हैं। आज निफ्टी 22,700 के आसपास रहा। मार्केट बंद होने पर सेंसेक्स 242.65 अंक या 0.33 प्रतिशत गिरकर 72,529.07 पर और निफ्टी 64.05 अंक या 0.28 प्रतिशत गिरकर 22,716.20 पर बंद हुआ। लगभग 1871 शेयरों में बढ़त हुई, 2321 शेयरों में गिरावट आई और 164 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। टाइटन कंपनी, एटरनल, HCL टेक्नोलॉजीज, HDFC लाइफ और इंफोसिस निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। जबकि डॉ. रेड्डीज लैब्स, NTPC, टाटा स्टील, अडानी एंटरप्राइजेज और अडानी पोर्ट्स में बढ़त देखी गई।

सेक्टरों की बात करें तो मीडिया, मेटल और फार्मा को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। ऑटो, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.6 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि घरेलू इक्विटी मार्केट को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, US ट्रेजरी यील्ड का दो दशक के उच्चतम स्तर के करीब बने रहना और FII की लगातार बिकवाली से रुपये पर दबाव है। IPO के ज़रिए रिकॉर्ड स्तर पर फंड जुटाने से भी मार्केट में लिक्विडिटी कम हो रही है। साल के आखिर में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना और ग्लोबल स्तर पर सख्त मौद्रिक नीति के माहौल के कारण निवेशकों का जोखिम लेने का उत्साह कम बना हुआ है।

हालांकि जियोपॉलिटिकल तनाव निकट भविष्य में मार्केट के सेंटीमेंट को प्रभावित करते रहेंगे,लेकिन अब मार्केट का फोकस धीरे-धीरे Q2 की अर्निंग्स पर जा रहा है, जिसके लिए उम्मीदें Q1 की तुलना में कम हैं। अगर US ईरान संघर्ष में बड़ी कमी आती है, तो जोखिम लेने की इच्छा बढ़ने के कारण मार्केट में जबरदस्त रिलीफ रैली आ सकती है। तब तक,निवेशकों के चुनिंदा शेयरों पर फोकस करने की संभावना है। ऐसे में निवेशक ब्रॉडर मार्केट एक्सपोज़र के बजाय फंडामेंटल्स और कमाई की स्पष्टता को प्राथमिकता देंगे।

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