स्थानीय शेयर बाजार की दिशा इस सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के प्रमुख ब्याज दर पर फैसले, पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से तय होगी। विश्लेषकों का कहना है कि इसके अलावा निवेशक कंपनियों के तिमाही नतीजों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर भी नजर रखेंगे। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 2,034.87 अंक या 2.67 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी 616.15 अंक या 2.59 प्रतिशत मजबूत हुआ। शुक्रवार, 31 जुलाई को सेंसेक्स 166.49 अंकों की बढ़त के साथ 78,094.64 पर और निफ्टी 66.45 अंक चढ़कर 24,383.60 पर बंद हुआ था।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) अजीत मिश्रा का कहना है कि इस सप्ताह कई तरह की गतिविधियां होनी हैं। इनमें 3-5 अगस्त को होने वाली RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की मीटिंग महत्वपूर्ण है। मौद्रिक नीति समिति ने इस साल जून की बैठक में रेपो रेट में लगातार तीसरी बार कोई बदलाव न करते हुए इसे 5.25 प्रतिशत पर स्थिर छोड़ दिया था।
आगे कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानि कि अप्रैल-जून 2026 के नतीजों का दौर जारी है। कई बड़ी और मझोली कंपनियां नए शुरू हो रहे सप्ताह में अपने परिणाम घोषित करेंगी। वैश्विक स्तर पर अमेरिका-ईरान तनाव और प्रमुख समुद्री मार्गों से कच्चे तेल की आपूर्ति की स्थिति भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
4 महीने बाद विदेशी निवेशक बने बायर
आंकड़ों के अनुसार, लगातार 4 महीनों तक बिकवाली के बाद विदेशी निवेशकों ने जुलाई में भारतीय शेयर बाजार में वापसी की। उन्होंने 20,200 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। यह निवेश आकर्षक वैल्यूएशंस, कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों और वैश्विक परिस्थितियों में सुधार के चलते आया। इससे पहले विदेशी निवेशकों ने लगातार 4 महीनों तक भारतीय बाजार से बड़ी राशि निकाली थी। जून में उन्होंने 49,340 करोड़ रुपये, मई में 32,963 करोड़ रुपये, अप्रैल में 60,847 करोड़ रुपये और मार्च में रिकॉर्ड 1.17 लाख करोड़ रुपये की सेलिंग की थी। फरवरी में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में 22,615 करोड़ रुपये का निवेश किया था। वर्ष 2026 में अब तक विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से कुल 2.54 लाख करोड़ रुपये निकाल चुके हैं।
इस हफ्ते DLF, एयरटेल, ONGC समेत कई कंपनियों के रिजल्ट
इस सप्ताह DLF, भारती एयरटेल, ONGC, हीरो मोटोकॉर्प, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) और भारतीय स्टेट बैंक समेत लगभग 90 कंपनियों के तिमाही नतीजे जारी होने वाले हैं। ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. का कहना है, “निवेशकों का ध्यान इस सप्ताह पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर रहेगा। अमेरिका-ईरान तनाव के किसी भी तरह बढ़ने से इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक निवेशक धारणा पर पड़ेगा।”
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के वेल्थ मैनेजमेंट के हेड (रिसर्च) सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, “मजबूत घरेलू आर्थिक संकेतकों और बेहतर तिमाही नतीजों के बल पर भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुख बना रह सकता है। निवेशक RBI के नीतिगत फैसले, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के PMI (परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स) आंकड़ों के साथ-साथ कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर नजर रखेंगे।”
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