Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए बाजार, जानिए 8 सितंबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल
Market Outlook : सोमवार के सेशन में ज़्यादातर एशियाई इक्विटी मार्केट में रिकवरी के बावजूद भारतीय इक्विटी मार्केट गिरावट के साथ बंद हुए। US-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और US ब्याज दरों को लेकर नई चिंताओं ने मार्केट के सेंटीमेंट पर असर डाला
Market Outlook : तकनीकी तौर पर गैप-डाउन ओपनिंग के बाद मार्केट को ऊपरी लेवल पर लगातार बिकवाली का दबाव झेलना पड़ रहा है। डेली चार्ट पर बेयरिश कैंडल और इंट्राडे चार्ट पर लोअर टॉप बनने से संकेत मिलता है कि मौजूदा लेवल से और कमजोरी आ सकती है
Market Outlook : भारतीय इक्विटी इंडेक्स शुक्रवार की रिकवरी को बनाए नहीं रख पाए और 7 सितंबर को गिरावट के साथ बंद हुए। हेल्थकेयर सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर में बिकवाली के दबाव के कारण निफ्टी 23,800 के स्तर से नीचे फिसल गया। ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों के बीच बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ खुले और जैसे-जैसे ट्रेडिंग बढ़ी गिरावट और बढ़ गई,जिससे निफ्टी 23,750 और सेंसेक्स 76,000 के लेवल से नीचे आ गया। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों के सेंटीमेंट पर असर डाला और मार्केट पर दबाव बनाए रखा।
कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 382.62 अंक या 0.50 प्रतिशत गिरकर 76,132.81 पर और निफ्टी 118.55 अंक या 0.50 प्रतिशत गिरकर 23,779.15 पर बंद हुआ। ब्रॉडर मार्केट में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.5% गिर गया,जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स सपाट स्तर बंद हुआ।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल
HST वेल्थ के फाउंडर और CEO, हरिसेल्वन राधाकृष्णन का कहना है कि सोमवार के सेशन में ज़्यादातर एशियाई इक्विटी मार्केट में रिकवरी के बावजूद भारतीय इक्विटी मार्केट गिरावट के साथ बंद हुए। US-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और US ब्याज दरों को लेकर नई चिंताओं ने मार्केट के सेंटीमेंट पर असर डाला। इंडिया VIX 5.62% बढ़ा, जो निवेशकों की बढ़ती सावधानी और निकट भविष्य में मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीदों को दिखाता है।
टेक्निकल नज़रिए से देखें तो निफ्टी 23,900 के जोन के ऊपर टिकने में नाकाम रहने के बाद 23,800 के स्तर से नीचे बंद हुआ। यह निकट अवधि के मोमेंटम में कमजोरी को दर्शाता है। निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 23,700–23,750 पर है।अगर यह इस जोन से नीचे जाता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स 23,500 के स्तर तक गिर सकता है। ऊपर की ओर 23,900 पहला रेजिस्टेंस है,इसके बाद 24,000–24,100 पर बड़ा रेजिस्टेंस है। शॉर्ट-टर्म टेक्निकल आउटलुक को बेहतर बनाने के लिए इंडेक्स को इस जोन को फिर से हासिल करना होगा।
आज की गिरावट ने शुक्रवार की रिकवरी की कोशिश को काफी हद तक खत्म कर दिया है। इससे मौजूदा कमजोरी का रुख और मजबूत हुआ है। हालांकि, जब तक निफ्टी 23,700 के ऊपर बना हुआ है और बैंक निफ्टी 57,000 के स्तर को बनाए हुए है,तब तक किसी बड़े टेक्निकल ब्रेकडाउन का डर नहीं है। जब तक निफ्टी 23,900–24,000 के जोन को फिर से हासिल नहीं कर लेता,तब तक किसी भी उछाल को लगातार रिकवरी की शुरुआत के बजाय उछाल पर बिकवाली के मौके के तौर पर देखा जाएगा।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स और लार्ज-कैप स्टॉक्स पर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की घटनाओं का असर दिख रहा है। जबकि मिड और स्मॉल कैप में अलग ट्रेंड दिख रहा है। मज़बूत अर्निंग्स के दम पर स्मॉल-कैप और कुछ चुनिंदा मिड-कैप स्टॉक्स में तेज़ी है। 2025 के आखिर और 2026 की शुरुआत में हुई बिकवाली के बाद 'वैल्यू बाइंग'(कम कीमत पर अच्छे शेयर खरीदना) बढ़ी है,जिससे इनके वैल्यूएशन आकर्षक हो गए हैं। इनके कॉर्पोरेट कमाई में गिरावट के बजाय अब बढ़ोतरी (अपग्रेड) दिख रही है। जिससे इन शेयरों में निवेशकों की रुचि बढ़ी है।
हालांकि,छोटे-मझोले शेयरों की तेजी अब खिंचती जा रही है। इससे बाजार अब सप्लाई-चेन में रुकावट और कमजोर हाई-फ़्रीक्वेंसी मैक्रोइकॉनॉमिक इंडिकेटर्स के जोखिम के लेकर सतर्क दिख रहा है। पहली तिमाही (Q1) में,मज़बूत कंज्यूमर डिमांड और टैक्स में कटौती से हुए फ़ायदों के कारण इनपुट लागत बढ़ने का कॉर्पोरेट कमाई पर बहुत कम असर पड़ा,जिससे प्रोडक्ट और सर्विस की कीमतें बढ़ाने में मदद मिली। आगे चलकर, इस बात का जोखिम बढ़ रहा है कि ये मददगार कारक कमज़ोर पड़ सकते हैं,जिससे अर्निंग ई की उम्मीदें घट सकती हैं और ब्रॉडर मार्केट की तेजी पर खतरा बढ़ सकता है।
बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आज भारतीय बाज़ार में गिरावट रही। सेंसेक्स लगभग 383 अंक गिरकर 76,132 पर बंद हुआ,जबकि निफ्टी भी 119 अंक गिरकर बंद हुआ।
बाजार के मूड पर दो मुख्य ग्लोबल वजहों का असर पड़ा। पहला,स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के पास अमेरिका और ईरान के बीच नए तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत $96 प्रति बैरल के करीब पहुंच गईं। दूसरा,उम्मीद से बेहतर अमेरिकी पेरोल डेटा ने इस चिंता को बढ़ा दिया कि फेडरल रिज़र्व सितंबर की बैठक में सख़्त रुख अपना सकता है।
गिरावट में IT शेयरों का सबसे ज़्यादा योगदान रहा,निफ्टी IT इंडेक्स 2% से ज़्यादा गिरा। इन्फोसिस,टेक महिंद्रा,HCLTech और LTIMindtree गिरने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल थे। PSU बैंक और रियल्टी शेयरों में भी कमजोरी रही। फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में मजबूती दिखी।
HDFC बैंक को RBI की FCNR(B) स्वैप विंडो से फ़ायदा हुआ,जिससे 11.5–12 अरब डॉलर का फंड जुटाने का अनुमान है। इससे त्योहारों के मौसम में लोन देने के लिए लिक्विडिटी और फंडिंग में मदद मिलेगी।
अगस्त में ऑटो रिटेल सेक्टर का प्रदर्शन अच्छा रहा,रजिस्ट्रेशन सालाना आधार पर 17.5% बढ़कर 24.23 लाख यूनिट हो गया। शहरी मांग के मुकाबले ग्रामीण मांग ज़्यादा मज़बूत रही,जिससे खपत का कुल आउटलुक बेहतर हुआ। एशियन पेंट्स ने लियो पुरी को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया है और 23 जनवरी,2027 से उन्हें चेयरमैन नियुक्त करेगी।
बाजार की आगे की दिशा मुख्य रूप से क्रूड की कीमतों और दिग्गज शेयरों की चाल पर निर्भर करेगी। मज़बूत घरेलू खपत एक अच्छा पॉजिटिव फैक्टर है।
कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च,श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में ऊपरी स्तरों पर प्रॉफिट बुकिंग जारी रही। निफ्टी 119 अंक गिरकर बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स में 383 अंकों की गिरावट आई। सेक्टरों की बात करें तो कुछ चुनिंदा फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में इंट्राडे खरीदारी देखी गई,जबकि मीडिया और IT इंडेक्स में सबसे ज़्यादा गिरावट रही। मीडिया इंडेक्स में 3 प्रतिशत और IT इंडेक्स में 2.28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
तकनीकी तौर पर गैप-डाउन ओपनिंग के बाद मार्केट को ऊपरी लेवल पर लगातार बिकवाली का दबाव झेलना पड़ रहा है। डेली चार्ट पर बेयरिश कैंडल और इंट्राडे चार्ट पर लोअर टॉप बनने से संकेत मिलता है कि मौजूदा लेवल से और कमजोरी आ सकती है।
डे ट्रेडर्स के लिए 23,850 का लेवल एक अहम रेजिस्टेंस जोन का काम करेगा। इसके नीचे,करेक्शन वेव जारी रहने की संभावना है। नीचे की तरफ,निफ्टी 23,670-23,600 तक गिर सकता है। वहीं दूसरी ओर 23,850 के ऊपर टिकने पर पुलबैक 23,950-24,000 तक जारी रह सकता है।
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