Stock markets : 4 जुलाई को उतार-चढ़ाव भरे कारोबारी सत्र में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुए हैं। सेंसेक्स 62.87 अंक या 0.08 फीसदी बढ़कर 80,049.67 पर और निफ्टी 15.70 अंक या 0.06 फीसदी बढ़कर 24,302.20 पर बंद हुआ है। आज करीब 1901 शेयरों में तेजी आई है।1550 शेयरों में गिरावट देखने को मिली है। वही, 62 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
निफ्टी में सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों एचसीएल टेक्नोलॉजीज, आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा, इंफोसिस और टाटा मोटर्स के नाम शामिल हैं। जबकि निफ्टी के सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, विप्रो, टेक महिंद्रा और अदानी एंटरप्राइजेज रहे।
सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो आईटी और हेल्थकेयर इंडेक्सों में 1-1 फीसदी की तेजी आई है। जबकि ऑटो और रियल्टी में 0.5-0.5 फीसदी की तेजी आई है। हालांकि, मीडिया इंडेक्स में 0.4 फीसदी की गिरावट आई है। उधर बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.6-0.6 फीसदी की तेजी आई है।
5 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल
प्रोग्रेसिव शेयर्स के निदेशक आदित्य गग्गर का कहना है कि शुरुआती कारोबारी सत्र से ही इंडेक्स ने अपनी बढ़त खो दी और कारोबारी सत्र के अंत में 15.65 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 24,302.15 के स्तर पर बंद हुआ। फार्मा सेक्टर में आज तेजी लौटती दिखी। ये इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यादा की बढ़त के साथ आईटी के बाद सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बना। दूसरी तरफ, मीडिया और एफएमसीजी शेयरों पर दबाव देखने को मिला है।
आज बाजार में छोटे-मझोले शेयरों में ज्यादा रुचि देखने को मिली। इसके चलते मिड और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.45 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई। ऐसा लग रहा है कि पिछले कुछ दिनों से इंडेक्स को ऊपरी स्तरों पर टिके रहने में मुश्किल हो रही है और आरएसआई में बियरिश डाइवर्जेंस, गति के कमजोर पड़ने का संकेत दे रहा है। निफ्टी के लिए 24,150 पर तत्काल सपोर्ट है। जबकि ऊपरी स्तरों पर इसके लिए 24,400 के स्तर पर रजिस्टेंस दिख रहा है।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के अजीत मिश्रा का कहना है कि बाजार ने आज एक सीमित दायरे में कारोबार करते हुए लगभग बिना किसी बदलाव के क्लोजिंग की। बुधवार की बढ़त के बाद बाजार आज ठहरता नजर आया। निफ्टी 24,500 के अपने तात्कालिक लक्ष्य के करीब पहुंच गया है और थोड़ा ओवर एक्सटेंडेड दिखाई दे रहा है। ऐसे में इंडेक्स में नई लॉन्ग पोजीशन बनाने के पहले कुछ मुनाफा जेब में रखने और संभावित गिरावट के इंतजार करने में ही समझदारी होगी। इस समय किसी गिरावट या कंसोलीडेशन में क्वालिटी छोटे-मझोले शेयरों में दांव लगाने की सलाह होगी।
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