Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 13 अक्टूबर को कैसी रह सकती है इसकी चाल
Market Outlook : निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, आईटीसी, एलएंडटी, हिंडाल्को और एचयूएल शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, बजाज ऑटो, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, बीएसई लिमिटेड और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स शामिल रहे
Market Outlook : मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल का कहना है कि इस हफ्ते बेंचमार्क इंडेक्स में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। निफ्टी के लिए 22,000–22,200 के लेवल पर सपोर्ट है
Market Outlook : 12 अक्टूबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 22,400 के नीचे सेटल हुआ। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 547.65 अंक यानी 0.76 प्रतिशत गिरकर 71,924.68 पर और निफ्टी 157.10 अंक यानी 0.70 प्रतिशत गिरकर 22,363.35 पर बंद हुआ। आज लगभग 2187 शेयरों में बढ़त हुई, 2066 शेयरों में गिरावट आई और 235 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में टेक महिंद्रा, आईटीसी, एलएंडटी, हिंडाल्को और एचयूएल शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, बजाज ऑटो, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, बीएसई लिमिटेड और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स शामिल रहे।
सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी मीडिया इंडेक्स में 4.6%, ऑटो इंडेक्स में 0.9%, रियल्टी इंडेक्स में 1% और फार्मा इंडेक्स में 0.3% की बढ़त हुई, जबकि निफ्टी आईटी, मेटल, प्राइवेट बैंक, पीएसयू बैंक और एफएमसीजी इंडेक्स में 0.4-1% की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स सपाट बंद हुआ, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.4 प्रतिशत की बढ़त हुई।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि आज भारतीय बाजार शुरुआती बढ़त को बनाए नहीं रख पाए। 10-साल के बॉन्ड यील्ड का तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचना और बाहरी अनिश्चितताओं के कारण FII की लगातार बिकवाली से बाजार का मूड खराब हो गया।
RBI द्वारा ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की डॉलर की जरूरतों के लिए एक स्पेशल विंडो खोलने और हेजिंग नियमों को कड़ा करने के बाद रुपये में सुधार हुआ, जिससे करेंसी पर दबाव कम करने में मदद मिली।
RBI द्वारा अतिरिक्त लिक्विडिटी को सोखने के लिए रोजाना CRR बनाए रखने की जरूरत को बढ़ाने के बाद बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट आई। वहीं, निवेशक और मॉनेटरी टाइटनिंग की गुंजाइश का अंदाजा लगाने के लिए घरेलू CPI महंगाई के आंकड़ों पर नजरें बनाए हुए हैं।
मिडिल ईस्ट की स्थिति अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है। सऊदी और क्षेत्रीय एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हूथी हमलों के जारी रहने से सप्लाई में रुकावट और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। विदेशी फंड की बिकवाली के कारण लार्ज-कैप शेयरों पर दबाव बना रहा,जबकि Q2FY27 में बेहतर नतीजों की उम्मीद में मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया।
PL कैपिटल में चीफ बिजनेस ऑफिसर,एडवाइज़री एंड डीलिंग विक्रम कसाट का कहना है कि सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली हुई। सेंसेक्स अपने दिन के उच्चतम स्तर से 1,200 अंक से ज़्यादा गिर गया और निफ्टी 22,350 के नीचे आ गया। आज शुक्रवार की रिकवरी के बाद आई शुरुआती बढ़त खत्म हो गई। 10-साल के सरकारी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, FII की लगातार निकासी, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कमजोर ग्लोबल संकेतों ने निवेशकों का मूड खराब कर दिया। प्रॉफिट-बुकिंग ने उतार-चढ़ाव को और बढ़ा दिया है। मीडिया, ऑटो, रियल्टी और मेटल शेयरों ने कुछ हद तक मजबूती दिखाई, जबकि PSU बैंक, IT, FMCG और प्राइवेट बैंक दबाव में रहे। हालांकि रुपये में रिकवरी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से कुछ राहत मिली है, लेकिन बॉन्ड यील्ड में बढ़त और महंगाई की चिंताएं अभी भी जोखिम बनी हुई हैं। इस समय निवेशकों को मज़बूत फंडामेंटल वाली कंपनियों को प्राथमिकता देनी चाहिए और जब तक कंपनियों की अर्निंग की स्थिति और बाजार का दायरा बेहतर न हो जाए,तब तक नए निवेश को किश्तों में करना चाहिए।
HDFC सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट, नागराज शेट्टी का कहना है कि शुक्रवार को हुई अच्छी रिकवरी के बाद, सोमवार को निफ़्टी ने अपनी अधिकांश बढ़त गंवा दी और 157 अंक नीचे बंद हुआ। डेली चार्ट पर एक लंबी 'बेयर कैंडल' बनी है, जिसने शुक्रवार की लंबी 'बुल कैंडल' को पूरी तरह कवर कर लिया है। टेक्निकल नज़रिए से देखें तो बाजार की यह चाल दिखाती है कि सपोर्ट से हालिया रिकवरी में मजबूती की कमी है और बाजार अब शॉर्ट टर्म में 22,180 के हालिया 'स्विंग लो' तक वापस जा सकता है।
निफ्टी का ट्रेंड कमज़ोर बना हुआ है। अगर यह 22,200 के अहम लेवल से नीचे गिरता है तो शॉर्ट टर्म में इसमें 21,700 के लेवल तक तेज गिरावट आ सकती है। हालांकि,अगर बाज़ार में कोई उछाल आता है तो उसे 22,600 के लेवल के आसपास मजबूत 'ओवरहेड रेजिस्टेंस'का सामना करना पड़ सकता है।
मोनार्क नेटवर्थ कैपिटल का कहना है कि इस हफ्ते बेंचमार्क इंडेक्स में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। निफ्टी के लिए 22,000–22,200 के लेवल पर सपोर्ट और 23,000–23,200 के लेवल पर रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।
इस हफ्ते निफ्टी बैंक की चाल भी निफ्टी की तरह ही रहने की उम्मीद है। इसके लिए 53,800–54,300 पर सपोर्ट और 56,700–57,200 पर रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।
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