PL कैपिटल में चीफ बिजनेस ऑफिसर,एडवाइज़री एंड डीलिंग विक्रम कसाट का कहना है कि सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली हुई। सेंसेक्स अपने दिन के उच्चतम स्तर से 1,200 अंक से ज़्यादा गिर गया और निफ्टी 22,350 के नीचे आ गया। आज शुक्रवार की रिकवरी के बाद आई शुरुआती बढ़त खत्म हो गई। 10-साल के सरकारी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी, FII की लगातार निकासी, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कमजोर ग्लोबल संकेतों ने निवेशकों का मूड खराब कर दिया। प्रॉफिट-बुकिंग ने उतार-चढ़ाव को और बढ़ा दिया है। मीडिया, ऑटो, रियल्टी और मेटल शेयरों ने कुछ हद तक मजबूती दिखाई, जबकि PSU बैंक, IT, FMCG और प्राइवेट बैंक दबाव में रहे। हालांकि रुपये में रिकवरी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से कुछ राहत मिली है, लेकिन बॉन्ड यील्ड में बढ़त और महंगाई की चिंताएं अभी भी जोखिम बनी हुई हैं। इस समय निवेशकों को मज़बूत फंडामेंटल वाली कंपनियों को प्राथमिकता देनी चाहिए और जब तक कंपनियों की अर्निंग की स्थिति और बाजार का दायरा बेहतर न हो जाए,तब तक नए निवेश को किश्तों में करना चाहिए।