Market Outlook : 28 अक्टूबर को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 22,700 के स्तर के आसपास बंद हुआ। IT और तेल-गैस शेयरों में हुई बिकवाली ने बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव बनाया। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले की सतर्कता और सऊदी अरब की एक रिफाइनरी पर हमले के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतों का 115 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बने रहना, निवेशकों के सेंटीमेंट पर और भारी पड़ा। कारोबारी सेशन के अंत में सेंसेक्स 352.64 अंक या 0.48 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73,246.03 पर और निफ्टी 50.90 अंक या 0.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,698.85 पर बंद हुआ।
ब्रॉडर मार्केट ने बेंचमार्क इंडेक्सों से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत बढ़ा, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.9 प्रतिशत की तेजी आई। निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में इंफोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, ओएनजीसी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और भारती एयरटेल शामिल रहे। जबकि सबसे ज्यादा बढ़त वाले शेयरों में अपोलो हॉस्पिटल्स, एलएंडटी, ट्रेंट, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस और इंटरग्लोब एविएशन शामिल रहे।
सेक्टरों की बात करें तो इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और ऑयल एंड गैस में 2-2% की गिरावट आई, जबकि रियल्टी, एनर्जी और FMCG में 0.5-0.5% की गिरावट रही। वहीं दूसरी ओर ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल, मीडिया और फार्मा में 1-1% की तेजी देखने को मिली।
LKP सिक्योरिटीज में टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि डेली चार्ट पर निफ्टी एक दायरे में बना हुआ है और 22,400–22,800 के बड़े दायरे के भीतर कंसोलिडेट कर रहा है। 22,500 पर एक अहम सपोर्ट है,जहां बार-बार अच्छी खरीदारी देखने को मिलती है। वहीं, 22,800 एक मजबूत रेजिस्टेंस की तरह काम कर रहा है। आज के सेशन में इंडेक्स 22,700 के स्तर को बनाए रखने में नाकाम रहा।
इन स्तरों से एक स्पष्ट ब्रेकआउट आने पर ही अगली बड़ी चाल देखने को मिलेगी। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, US 10-ईयर यील्ड के 5% से ऊपर जाने और इंडिया VIX के 15 के स्तर से ऊपर जाने से मार्केट पर दबाव है। ऐसे में ट्रेडर्स को सतर्क रहना चाहिए और अपनी रणनीतियों को मौजूदा बड़े ट्रेंड के मुताबिक ही रखना चाहिए।
HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट,नागराज शेट्टी का कहना है कि मंगलवार को लगभग 22800 के अहम रेजिस्टेंस के पास से नीचे आने के बाद बुधवार को निफ्टी में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला और यह 50 अंक गिरकर बंद हुआ। डेली चार्ट पर एक छोटी हरी कैंडल बनी है, जिसमें ऊपर और नीचे की ओर लंबी शैडो है। तकनीकी रूप से,यह मार्केट एक्शन रेजिस्टेंस के पास बाजार में भारी उतार-चढ़ाव का संकेत देता है,साथ ही निचले स्तरों से रिकवरी भी देखने को मिली है। हाल के स्विंग लो बढ़ते क्रम में रहे हैं, जो नियर टर्म में 22800 से ऊपर के स्तर तक पहुंचने के एक और प्रयास का संकेत दे रहे हैं।
हालांकि बुधवार को निफ्टी में गिरावट आई,लेकिन इसका बड़ा रुझान अभी भी पॉजिटिव बना हुआ है। निफ्टी की रेंज 22500-22800 के बीच रहने की उम्मीद है। इसलिए, 22800 के स्तर के ऊपर एक साफ उछाल आने पर बाजार में फिर से खरीदारी देखने को मिल सकती है। वहीं, अगर यहां से कोई कमजोरी आती है तो 22500 के स्तर के आसपास इसे सपोर्ट मिल सकता है।
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