Market Technicals: मंदी का रुझान धीरे-धीरे हो रहा कम, निफ्टी में खुल सकता है 24000 की तरफ रैली का रास्ता

Market Technicals: मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि ट्रेंड बदलने के लिए Nifty 50 में मजबूत फॉलो-अप बाइंग की जरूरत है और इसे 23,600-23,700 के जोन के ऊपर वापस आकर टिके रहना होगा। ऐसा होने पर 24,000 की तरफ रैली का रास्ता खुल सकता है

अपडेटेड Sep 22, 2026 पर 7:08 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
Market Technicals: पिछले आठ ट्रेडिंग सेशन से बैंक निफ्टी लगभग 1,300 अंकों की सीमित रेंज में कंसोलिडेट हो रहा है। इंडेक्स अपने अहम शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है

Market Technicals : 21 सितंबर को लगातार चौथे सेशन में बाजार में तेजी रही और मार्केट को हफ्ते की अच्छी शुरुआत मिली। मोमेंटम इंडिकेटर्स से भी पता चलता है कि मंदी का दौर अब कमजोर पड़ रहा है। इंडेक्स ने इंट्राडे में 10-डे EMA को टेस्ट किया,जो अब सपाट होता दिख रहा है। हालांकि,मार्केट का बड़ा स्ट्रक्चर अभी भी मंदड़ियोंके पक्ष में है,क्योंकि इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है। साथ ही 20, 50, 100 और 200-डे EMA अभी भी नीचे की ओर झुके हुए हैं।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि ट्रेंड बदलने के लिए Nifty 50 में मजबूत फॉलो-अप बाइंग की जरूरत है और इसे 23,600-23,700 के जोन के ऊपर वापस आकर टिके रहना होगा। ऐसा होने पर 24,000 की तरफ रैली का रास्ता खुल सकता है। हालांकि,लगातार चार सेशन में बढ़त के बाद निफ्टी के लिए सबसे नजदीकी सपोर्ट बढ़कर 23,300 पर आ गया है,जो सोमवार के निचले स्तर के आसपास है। इसके बाद बड़ा सपोर्ट 23,100-23,000 के जोन में है।

Nifty 50 की शुरुआत हल्की कमजोरी के साथ सपाट रही,लेकिन जल्द ही इसमें तेज़ी आई और सेशन आगे बढ़ने के साथ यह और मज़बूत हुआ। सेशन के आखिरी हिस्से में इसने 23,467 का इंट्राडे हाई छुआ। इसके बाद थोड़ी प्रॉफिट बुकिंग आई और अंत में यह 68 अंक या 0.29 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,414 पर बंद हुआ।


डेली चार्ट पर निफ्टी ने एक बुलिश कैंडल बनाई जिसमें ऊपर की तरफ एक छोटी सी विक (wick) थी। इसने पिछले मंगलवार की लंबी रेड कैंडल के दायरे में लगातार तीसरे सेशन में भी'हायर हाई-हायर लो'का पैटर्न बनाए रखा। यह सीमित दायरे में ट्रेडिंग के बीच पॉजिटिव संकेत है। हालांकि,'लोअर हाई-लोअर लो'का बड़ा स्ट्रक्चर अभी भी बना हुआ है।

RSI बढ़कर 37.54 हो गया और अपनी सिग्नल लाइन से ऊपर निकल गया,लेकिन 50 के स्तर से नीचे ही रहा। MACD भी ऊपर गया लेकिन रेफरेंस लाइन से नीचे रहा, जबकि लाल हिस्टोग्राम बार लगातार चौथे सेशन में छोटा हुआ। ये इंडिकेटर दिखाते हैं कि मंदी का रुझान धीरे-धीरे कम हो रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट ने भी बाजार को सहारा दिया,हालांकि ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स $100 प्रति बैरल के स्तर से थोड़ा ऊपर ही बने रहे।

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी का कहना है कि निफ्टी ने 15 सितंबर की लंबी 'बेयर कैंडल'के मिड-पॉइंट (लगभग 23,300 के लेवल)वाली दीवार को पार कर लिया है। यह शॉर्ट टर्म के लिए एक पॉजिटिव संकेत है। अब अगला लेवल जिस पर नज़र रखनी है,वह लगभग 23,600 है। यह उस लंबी'बेयर कैंडल'का ऊपरी हिस्सा है और'पोलैरिटी में बदलाव'(change in polarity) के हिसाब से एक रेजिस्टेंस भी है। उन्होंने आगे कहा कि अगर यहां से कोई गिरावट आती है तो इस हफ़्ते 23,200 के लेवल के आसपास सपोर्ट मिल सकता है।

वीकली ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि 23,400 और 23,300 के स्ट्राइक,जहां सबसे ज्यादा'पुट ओपन इंटरेस्ट'है,निफ्टी 50 के लिए तत्काल सपोर्ट का काम कर सकते हैं। इसके बाद 23,000 स्ट्राइक आती है,जहां दूसरा सबसे ज़्यादा 'पुट ओपन इंटरेस्ट'है,जिससे यह एक अहम सपोर्ट लेवल बन जाता है।

दूसरी ओर 23,500 स्ट्राइक,जिसमें सबसे ज़्यादा'कॉल ओपन इंटरेस्ट'है,इंडेक्स के लिए सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस का काम कर सकती है। इसके बाद 23,600 और 23,700 स्ट्राइक आती हैं,जिनमें इसके बाद सबसे ज़्यादा 'कॉल ओपन इंटरेस्ट'है और ये अगले रेजिस्टेंस का काम कर सकती हैं।

कल इंडिया VIX में 1.43 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 11.22 पर आ गया,जिससे बुल्स को और राहत मिली। यह लगातार चौथे सेशन में भी नीचे की ओर रहा। यह सभी अहम मूविंग एवरेज से काफी नीचे बना रहा,जो मार्केट में ज्यादा स्थिरता और कम अनिश्चितता का संकेत है।

बैंक निफ्टी

बैंकिंग इंडेक्स में लगातार दूसरे दिन भी बढ़त जारी रही,लेकिन इसे ऊपरी स्तरों पर इसे दबाव का सामना करना पड़ा। इंट्राडे में 10-डे EMA को छूने के बाद भी,यह लगातार तीसरे दिन क्लोजिंग बेसिस पर उससे नीचे ही बंद हुआ। सोमवार को इंडेक्स 112 अंक या 0.20 प्रतिशत बढ़कर 56,471 पर बंद हुआ। डेली टाइमफ्रेम पर,बैंक निफ्टी ने 15 सितंबर की लंबी लाल कैंडल के अंदर एक बुलिश कैंडल बनाई,जिसमें ऊपर की तरफ एक साफ़ विक (wick)थी। यह रेंज-बाउंड ट्रेडिंग के बीच पॉज़िटिव संकेत है।

पिछले आठ ट्रेडिंग सेशन से बैंक निफ्टी लगभग 1,300 अंकों की सीमित रेंज में कंसोलिडेट हो रहा है। इंडेक्स अपने अहम शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ट्रेड कर रहा है। हालांकि,लगातार कंसोलिडेशन के कारण ये मूविंग एवरेज फ्लैट हो गए हैं,जो किसी खास दिशा में मोमेंटम की कमी को दिखाते हैं।

मोमेंटम इंडिकेटर्स से भी मंदी के रुझान में कमी के संकेत दिखे। RSI बढ़कर 44.62 पर पहुंच गया और अपनी सिग्नल लाइन से ऊपर निकल गया। MACD ऊपर तो गया लेकिन सिग्नल लाइन से नीचे ही रहा,जबकि हिस्टोग्राम में कमजोरी लगातार चौथे सेशन में कम हुई। ये इंडिकेटर्स बताते हैं कि मंदी का रुझान धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का कहना है कि 56,800-57,000 का जोन, जो 20 और 50-दिन के EMA के आसपास है, इंडेक्स के लिए एक अहम रेजिस्टेंस एरिया के तौर पर काम कर सकता है। 57,000 के ऊपर एक मजबूत चाल रैली के एक नए दौर की शुरुआत कर सकती है और शॉर्ट टर्म में 57,500 की ओर बढ़ने का रास्ता खोल सकती है।

वहीं, नीचे की तरफ 56,000-55,900 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया बना रहेगा। जब तक इंडेक्स इस सपोर्ट बैंड के ऊपर बना रहता है,तब तक मौजूदा कंसोलिडेशन के जारी रहने की संभावना है। हालांकि,उन्होंने यह भी कहा कि 55,900 के नीचे जाने से शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर कमजोर हो सकता है और सेलिंग प्रेशर बढ़ सकता है।

 

Market View : कल बढ़त लेकर बंद हुआ बाजार, अमित सेठ के जानिए आज कैसी रह सकती है इसकी चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।