Market Technicals : 23 सितंबर को भारतीय बाज़ार बढ़त के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स पिछले सेशन के मुकाबले 299 अंक बढ़कर लगभग 74,828 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 118 अंक बढ़कर 23,446 पर बंद हुआ। यह रिकवरी हर सेक्टर में देखी गई। निफ्टी 23,400 के स्तर के ऊपर टिका रहा। SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड और वाइस प्रेसिडेंट सुदीप शाह ने कहा कि बुधवार को बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी हल्की बढ़त के साथ खुला और पूरे सेशन के दौरान ऊपर की ओर ट्रेड करता रहा। लगातार खरीदारी का रुझान बना रहा। इंडेक्स निचले स्तरों से रिकवर होते हुए 0.50% की बढ़त के साथ बंद हुआ। निफ्टी ने पिछले पांच ट्रेडिंग सेशन में लगभग 325 अंक की रिकवरी की है, जो निचले स्तरों पर लगातार खरीदारी आने का संकेत मिलता है। डेली चार्ट पर, इंडेक्स ने एक बुलिश कैंडल बनाई जिसमें ऊपर की तरफ एक छोटी विक (wick) थी, जो यह बताती है कि सेशन के ज़्यादातर समय खरीदार एक्टिव रहे।
टेक्निकल नज़रिए से देखें तो निचले स्तरों से रिकवरी के बाद डेली RSI 40 के लेवल के आस-पास बना हुआ है, जो मोमेंटम में धीरे-धीरे सुधार का संकेत है। वहीं, MACD लाइन निचले स्तरों पर फ्लैट हो रही है। इससे पता चलता है कि जारी रिकवरी के दौरान बिकवाली का मोमेंटम कमजोर पड़ रहा है। हालांकि, निफ्टी अभी भी अपने 20-दिन और 50-दिन के EMA के नीचे ट्रेड कर रहा है, जिससे बाज़ार का ओवरऑल स्ट्रक्चर अभी भी सावधानी वाला बना हुआ है। ट्रेंड में किसी बड़े बदलाव की पुष्टि के लिए इन अहम मूविंग एवरेज के ऊपर बने रहना जरूरी होगा।
निफ्टी के शेयरों में हिंडाल्को और बजाज फाइनेंस सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयर रहे, जबकि HCL टेक्नोलॉजीज़ और टाइटन सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयर रहे। सेक्टर के हिसाब से देखें तो निफ्टी मेटल और निफ्टी FMCG में खरीदारी का रुझान दिखा, जबकि निफ्टी IT पर दबाव बना रहा।
बाज़ार का ओवरऑल रुझान अच्छा रहा। निफ्टी स्मॉलकैप 100 ने निफ्टी मिडकैप 100 से बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.70% की बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.90% की तेजी आई। मार्केट ब्रेथ पॉजिटिव रहा निफ्टी 500 में शामिल शेयरों में से 349 शेयरों में बढ़त और 148 शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
आगे निफ्टी के लिए 23300–23270 का ज़ोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। अगर निफ्टी 23270 के नीचे बना रहता है तो 23150 के लेवल तक और बिकवाली का दबाव बन सकता है। ऊपर की तरफ, 23600–23620 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस ज़ोन का काम कर सकता है। अगर निफ्टी 23620 के ऊपर बना रहता है तो शॉर्ट कवरिंग हो सकती है और पुलबैक 23750 के लेवल तक बढ़ सकता है।
बैंक निफ्टी ने बिना लोअर विक (lower wick) वाली एक पॉजिटिव कैंडल बनाई, जिससे पता चलता है कि सेशन की शुरुआत से ही लगातार खरीदारी हो रही थी और यह 0.59% ऊपर बंद हुआ। हालांकि, इंडेक्स पिछले नौ सेशन से एक सीमित दायरे (sideways band) में ट्रेड कर रहा है, जो मौजूदा लेवल पर अनिश्चितता को दिखाता है। अगली दिशा तय करने के लिए किसी भी तरफ एक निर्णायक ब्रेकआउट (decisive breakout) बहुत जरूरी होगा।
आगे 56000–55900 का ज़ोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम करेगा। अगर यह लगातार 55900 के नीचे बना रहता है तो बिकवाली का दबाव फिर से बढ़ सकता है और इंडेक्स 55500 के लेवल तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ, 57000-57100 का लेवल तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर यह लगातार 57100 के ऊपर बना रहता है तो एक नई तेजी आ सकती है और इंडेक्स 57600 के लेवल तक जा सकता है।
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