Market Trend : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स आज सपाट ट्रेड कर रहे हैं। निफ्टी 23,450 के आसपास है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार, वी के विजयकुमार का कहना है कि निफ्टी के 23500 के रेजिस्टेंस लेवल से नीचे आने के कारण मार्केट की स्थिति कमजोर हो गई है। तकनीकी रूप से मार्केट में और गिरावट की आशंका है। फंडामेंटल मैक्रो ट्रेंड्स भी बिगड़ते जा रहे हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमत $101 के पार चली गई है और अमेरिका में 10-ईयर बॉन्ड यील्ड बढ़कर 4.83% हो गई है। इस महीने फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना बढ़ गई है, जिससे मार्केट में चिंताएं भी बढ़ रही हैं।
मिडिल ईस्ट में जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ रहा है और मार्केट ट्रंप की इस बात पर ध्यान नहीं दे रहा है कि चुनाव (US मिड-टर्म) के तुरंत बाद युद्ध खत्म हो जाएगा।
भले ही भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (forex reserves) ठीक-ठाक है और करंट अकाउंट डेफिसिट (current account deficit) कंट्रोल में है, लेकिन अगर कच्चे तेल की कीमत लंबे समय तक $100 से ऊपर बनी रहती है, तो इसका असर इस साल भारत की GDP ग्रोथ और कॉर्पोरेट अर्निंग्स पर भी पड़ेगा।
इससे जिन सेक्टर पर असर पड़ने की संभावना है वे एनर्जी पर निर्भर सेक्टर हैं। इसमें एविएशन, पेंट्स, एडहेसिव्स, टायर्स और केमिकल्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। ऐसे माहौल में FMCG जैसे डिफेंसिव सेक्टर और फार्मास्यूटिकल्स और हेल्थकेयर जैसे सेक्टर, जिनकी डिमांड पर कीमतों का ज़्यादा असर नहीं पड़ता मज़बूत बने रहेंगे।
डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनियों जैसे ग्रोथ सेक्टर मज़बूत स्थिति में बने हुए हैं। भले ही बैंकिंग स्टॉक्स, खासकर बड़े प्राइवेट सेक्टर के स्टॉक्स, तकनीकी रूप से कमज़ोर हों, लेकिन वे फंडामेंटली मज़बूत हैं। लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स के लिए इस सेगमेंट में रिस्क-रिवॉर्ड रेश्यो अच्छा है।
मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए मंत्री फिनमार्ट (Mantri FinMart) के अरुण कुमार मंत्री ने कहा कि बाजार के नजरिए से अभी तक पूरा हफ्ता काफी खराब रहा है। बाजार में कभी-कभी उछाल देखने को मिलता है लेकिन फिर यह दिन के निचले स्तर के करीब बंद होता है। 23600 के आसपास एक छोटा सपोर्ट था। इसको भी निफ्टी तोड़ चुका है। बाजार हालिया तेजी के 50% रिट्रेसमेंट रेशियो को भी तोड़ चुका है। अब निफ्टी के लिए 23,200 के आसपास के नेक्स्ट सपोर्ट है। आज या कल में निफ्टी इस सपोर्ट के पास भी आता नजर आ सकता है। आज या कल में निफ्टी में 23,150-23,200 के लेवल नजर आ सकते हैं। ओवरऑल ट्रेंड डाउन है। इसलिए जब तक 23,800 का लेवल नहीं निकलता, तब तक सेल ऑन राइस की स्ट्रेटजी रखें । नीचे में इमीडिएट तौर पर 23,200 तक के टारगेट आ सकते हैं।
अरुण कुमार मंत्री का बैंक निफ्टी पर भी इसी तरह का नजरिया है। कल इसकी क्लोजिंग 56,300 के आसपास के आसपास हुई। इसमें भी ब्रेकडाउन का फ्रेश राउंड नजर आया है। इसमें आज के सत्र में 55,800 से 56,000 तक के लेवल्स देखने को मिल सकते हैं। निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों में ही बियरिश ट्रेंड है। पर जहां तक मिड कैप स्माल कैप की बात है वहां पर मोमेंटम अच्छा है। ऐसे में अगर कोई स्टॉक में ट्रेडिंग करता है तो उनके लिए माहौल अभी भी काफी अच्छा नजर आ रहा है। पर जो निफ्टी-बैंक निफ्टी में लॉन्ग ट्रेडर्स है उनके लिए दिक्कत लग रही है।
अरुण कुमार मंत्री के पसंदीदा शेयर
अरुण कुमार मंत्री ने कहा कि मेटल्स में काफी अच्छा मोमेंटम देखने को मिल रहा है। जिस हिसाब से डॉलर इंडेक्स गिर रहा है और मेटल्स के प्राइसेस ऊपर जा रहे हैं उसे देखते हुए हिंडाल्को में खरीदारी की सलाह रहेगी। पूरे एलुमिनियम स्टॉक्स में मोमेंटम पॉजिटिव है। हिंडाल्को में 1020 रुपए के आसपास, 1004 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 1049 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी करें।
इसके अलावा अदाणी ग्रुप में भी अच्छा मोमेंटम है। ऐसे में अदाणी ग्रीन में खरीदारी की सलाह होगी। इसमें 1312 रुपए के आसपास, 1294 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 1345 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी करें।
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