Market View : मार्केट आउटलुक पर चर्चा के लिए कोटक महिंद्रा लाइफ इंश्योरेंस के इक्विटी हेड हेमंत कानावाला जुड़े हैं। इनके पास कैपिटल मार्केट का 24 वर्षों से अधिक का अनुभव है। ये कोटक महिंद्रा ग्रुप के साथ करीब 2 दशक से जुड़े हुए हैं। मौजूदा बाजार में किन सेक्टर्स और थीम्स पर इनकी नजर है इस बात करते हुए हेमंत कानावाला ने कहा कि बाजार पर उनका नजरिया काफी पॉजिटिव है। पिछले 2 सालों में हमें बहुत सारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। लेकिन हमारी सरकार ने इनसे बहुत अच्छी तरह से निपटा है। पश्चिम एशिया संकट को भी सरकार ने अच्छे से मैनेज किया है। तेल की कीमतें बढ़ने पर सरकार ने कई दूसरे देशों से तेल की खरीदारी की। शुरू में लगा था कि तेल संकट से बड़ी परेशानी हो सकती है। लेकिन सरकार ने इसे काफी अच्छे तरीके से मैनेज किया है।
बाजार में कमजोर मॉनसून और तेल की कीमतों में बढ़त को लेकर बड़ी चिंता है। इससे महंगाई बढ़ने का डर है। लेकिन इन दोनों फ्रंट पर सरकार की चुनौतियों से निपटने की अच्छी तैयारी है। महंगाई थोड़ी बढ़ी है लेकिन अभी भी कम्पर्ट लेवल के अंदर है। इससे सरकार और आरबीआई को अपने ग्रोथ के एजेंडों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। हालांकि, ये चुनौतियां रहेंगी। इससे बाजार में वोलैटिलिटी रहेगी। लेकिन ऐसी स्थिति में भी निवेशक मीडियम टर्म के लिहाज से अपना निवेश बढ़ा सकते हैं।
आईटी सेक्टर पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि इस सेक्टर को लेकर जो चिंताएं थी उनका अभी तक कोई ठोस जवाब नहीं मिला है। लेकिन आईटी शेयरों के वैल्युएशन काफी सस्ते हो गए हैं। इंफोसिस और टीसीएस जैसी दिग्गज कंपनियों के भाव तो 2017 के पिछले बॉटम के आसपास आ गए है। ऐसे में वैल्यू बाइंग करने वाले निवेश इन शेयरों में खरीदारी कर रहे हैं। लेकिन अभी तक हमें इस सेक्टर में किसी टर्नएराउंड और रेवेन्यू में बढ़त के कोई संकेत नहीं मिले हैं। ऐसे में इस सेक्टर को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। IT सेक्टर में ग्रोथ वाली कंपनियों पर ही फोकस रहेगा। हालांकि, वैल्यू इन्वेस्टर चाहें तो बॉटम पर खरीदारी कर सकते हैं।
ऑटो सेक्टर पर बात करते हुए हेमंत कानावाला ने आगे कहा कि ऑटो की घरेलू डिमांड काफी मजबूत है। आगे ऑटो सेक्टर के एक्सपोर्ट भी बढ़ेंगे। ऐसे में ऑटो और ऑटो एंसिलियरी पर कंस्ट्रक्टिव नजरिया है। EV के चलते ऑटो एंसिलियरी की ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। ऑटो और ऑटो एंसिलियरी का फ्यूचर अच्छा है।
एएफएमसीजी शेयरों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस सेक्टर में पश्चिम एशिया संकट के चलते मार्जिन पर थोड़ा दबाव दिखा है। लेकिन डिमांड पर बहुत खराब असर नहीं पड़ा है। देश में लोगों की आय बढ़ने के साथ ही निवेशकों का रुझान स्टेपल एफएमसीजी कंपनियों के तरफ से डिस्क्रीशनरी खर्च वाली एफएमसीजी कंपनियों की ओर बढ़ेगा।
बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर पर अपनी राय साझा करते हुए उन्हों ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से क्रेडिट और डिपॉजिट ग्रोथ में बढ़त देखने को मिल रही है। इसका फायदा बैंक और एनबीएफसी शेयरों दोनों को मिलेगा।
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