Investment Mantra : कोटक म्यूचुअल फंड ने अपनी अगस्त महीने की फैक्टशीट जारी की है ये हमे ये बताती है कि इस उतार-चढ़ाव वाले मार्केट में फंड मैनेजर्स कहां दांव लगा रहे हैं। स्मॉल और मिडकैप को लेकर उनकी क्या स्ट्रैटेजी है और कहां उनको रिस्क नजर आ रहा हैं। हमारे साथ हैं मिराए कोटक महिंद्रा AMC के फंड मैनेजर रोहित टंडन। उनसे सझेंगे कोई शेयर मोमेंटम स्टॉक कब बनाता है? उनके पोर्टफोलियो का रिस्क मैनेजमेंट कैसा है और कोटक एक्टिव मोमेंटम फंड (Kotak Active Momentum Fund) का क्राइटेरिया क्या है?
कोटक एक्टिव मोमेंटम फंड के बारे में बताते हुए रोहित टंडन ने कहा कि अच्छे नतीजे वाले शेयरों में निवेश किया जाता है। बाजार के नए मौकों को भुनाने के लिए समय-समय पर इसकी समीक्षा की जाती है। कई सेक्टर्स में डायवर्सिफिकेशन के जरिए रिस्क कम करने का लक्ष्य होता है। शेयर चुनने और एग्जिट के लिए रूल्स-बेस्ड फ्रेमवर्क बनाया गया है।
कोटक महिंद्रा मोमेंटम फंड
कोटक महिंद्रा मोमेंटम फंड की सेक्टोरल होल्डिंग पर नजर डालें तो इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट में 11.6 फीसदी, बैंक में 9.78 फीसदी, ऑटोमोबाइल्स में 7.39 फीसदी, फाइनेंस में 7.34 फीसदी, फार्मा में 6.56 फीसदी, ऑटो कंपोनेट में 5.63 फीसदी। केमिकल एंड पेट्रोकेमिकल्स में 4.70 फीसदी, नॉन फेरस में 4.64 फीसदी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 4.23 फीसदी, हेल्थकेयर सर्विसेज में 4.11 फीसदी और अन्य में 34.02 फीसदी निवेश है।
कोटक महिंद्रा मोमेंटम फंड में लार्जकैप का 37.33 फीसदी, मिडकैप में 56.95 फीसदी, स्मॉलकैप में 2.16 फीसदी और Debt & मनी मार्केट में 3.56 फीसदी हिस्सा है।
रोहित टंडन ने आगे कहा कि कोटक महिंद्रा मोमेंटम फंड का फोकस अर्निंग मोमेंटम पर है। जिन शेयरों के फंडामेंटल और अर्निंग सुधरे हैं उन्हें फंड में शामिल करते हैं। प्राइस मोमेंटम की जगह अर्निंग्स मोमेंटम पर फोकस रहता है। मॉडल में अर्निंग, सेल्स, ऑपरेटिंग प्रॉफिट पर फोकस रहता है। गवर्नेंस की दिक्कतें और कम लिक्विडिटी वाले शेयरों से दूर रहते हैं। फंड में करीब 50 शेयरों में एक्सपोजर है। यह फंड काफी डायवर्सिफाइड है, करीब 50 शेयरों का एक्सपोजर है। 5 साल के नजरिए से निवेश करना बेहतर है। हर 3 महीने में फंड की रीबैलेंसिंग करते हैं। मटेरियल, कैपिटल गुड्स पर ओवरवेट हैं। वहीं, IT और फाइनेंशियल पर अंडरवेट हैं।
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