Parag Parikh Flexi Cap Fund : अंतर्राष्ट्रीय इक्विटीज में सबसे ज्यादा होल्डिंग रखने वाला पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड नए निवेश के लिए 15 मार्च को फिर से खुल गया है।
Parag Parikh Flexi Cap Fund : अंतर्राष्ट्रीय इक्विटीज में सबसे ज्यादा होल्डिंग रखने वाला पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड नए निवेश के लिए 15 मार्च को फिर से खुल गया है।
फंड ने अपने कॉर्पस का 25-30 फीसदी विदेशी इक्विटीज में निवेश किया है और बाकी घरेलू इक्विटी मार्केट में है। इनवेस्टर्स को निवेश में अंतर्राष्ट्रीय विविधता देने के चलते यह खासा लोकप्रिय है।
हालांकि म्यूचुअल फंड्स (mutual funds) विदेश में निवेश की सीमा पूरी हो गई है, इसलिए फंड अब सिर्फ घरेलू बाजारों में निवेश कर सकेगा।
क्या है स्कीम
पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड 2013 में लॉन्च हुआ था। हाल तक एसेट मैनेजमेंट कंपनी की सिर्फ यही स्कीम स्थिर है।
उससे पहले फंड 152 करोड़ रुपये की एसेट का प्रबंधन करता है। आज यह 20,000 करोड़ रुपये की प्रबंधन करता है, जिससे उसकी लोकप्रियता का पता चलता है।
फंड ने सात साल में 14 फीसदी, पांच साल की अवधि में 17.3 फीसदी और तीन साल की अवधि में 24.4 फीसदी का रिटर्न दिया है, जिससे उसके अच्छे प्रदर्शन का पता चलता है।
उसके मजबूत प्रदर्शन में फंड की यूएस स्टॉक्स में होल्डिंग्स का अच्छा योगदान रहा है। पराग पारिख म्यूचुअल फंड को जब भी अच्छे वैल्युएशन पर अच्छी गुणवत्ता वाली कंपनियां नजर आती हैं तो वह वैल्यू इनवेस्टिंग के सिद्धांत का पालन करता है।
कैसे मिला फायदा
प्लान रुपी इनेस्टमेंट सर्विसेज के फाउंडर अमोल जोशी ने कहा, “उसकी वेबसाइट पर स्पष्ट उल्लेख है कि फंड कम से कम पांच साल की अवधि के साथ इनवेस्टर्स के लिए काम करता है। फंड अब घरेलू बाजार में निवेश के अवसर खंगालेगा।” उन्होंने कहा, जब भी ओवरसीज इनवेस्टमेंट की लिमिट बढ़ती है तो फंड अपने अंतर्राष्ट्रीय निवेश में बदलाव कर सकता है। हालांकि, रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते लिमिट में बढ़ोतरी में देरी हो रही है।
क्या करें निवेशक?
पराग पारिख म्यूचुअल फंड के चेयरमैन और सीईओ नील पराग पारिख कहते हैं कि फंड ने बाजार की गिरावट का फायदा उठाने के लिए एक नई स्कीम लाने पर विचार किया, लेकिन उसका टैक्स सेवर फंड (tax-saver fund) पहले से ही टिकाऊ है और इस साल जुलाई में इसको तीन साल हो जाएंगे। पारिख कहते हैं कि एक अन्य भारतीय बाजार पर केंद्रित स्कीम एक डुप्लीकेशन जैसा होगा। वह कहते हैं कि एक अन्य विकल्प पराग पारिख फ्लेक्सी कैप फंड को रिओपन करना था।
वह कहते हैं, “यदि फ्लेक्सी कैप फंड का एयूएम यहां से बढ़कर दोगुना यानी 20,000 करोड़ रुपये से 40,000 करोड़ रुपये हो जाएगा तो वह फंड का अंतर्राष्ट्रीय निवेश 29-30 फीसदी से घटाकर 14-15 फीसदी रह जाएगा।”
फाइनेंशिय प्लानर्स कहते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय विविधता अहम है, लेकिन इनवेस्टर्स को सिर्फ इसलिए अपना निवेश बंद नहीं करना चाहिए क्योंकि यह कुछ समय के लिए विदेशी बाजारों में निवेश नहीं करेगी।
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