Mutual Funds Schemes Performance | लार्ज-कैप की 82 फीसदी स्कीमों ने दिए बेंचमार्क से कम रिटर्न : SPIVA Report

31 दिसंबर, 2021 को खत्म साल में आधा से ज्यादा लार्ज-कैप इक्विटी स्कीमों का रिटर्न एसएंडपी बीएसई 100 इंडेक्स (S&P BSE 100 Index) से कम रहा है

अपडेटेड Apr 15, 2022 पर 10:08 AM
मिड और स्मॉल-कैप स्कीमों ने भी अपने इनवेस्टर्स को निराश किया है। एक साल में ऐसी 50 फीसदी स्कीमों का प्रदर्शन बेंचमार्क (S&P BSE 400 MidSmallCap Index) के मुकाबले कम रहा।

म्यूचुअल फंड्स की इक्विटी स्कीमें (Equity Schemes of Mutual Fund) रिटर्न देने में पिछड़ रही हैं। कई इक्विटी स्कीमों ने अपने बेंचमार्क से कम रिटर्न दिए हैं। S&P Indices Versus Active Funds (SPIVA) India Scorecard (2021) से यह जानकारी मिली है। 31 दिसंबर, 2021 को खत्म साल में आधा से ज्यादा लार्ज-कैप इक्विटी स्कीमों का रिटर्न एसएंडपी बीएसई 100 इंडेक्स (S&P BSE 100 Index) से कम रहा है।

पांच साल में 82 फीसदी लार्ज-कैप इक्विटी स्कीमें रिटर्न देने में एसएंडपी बीएसई 100 इंडेक्स से पिछड़ गईं। SPIVA ने इक्विटी लिंक्ड सेविंग्स स्कीमों (ELSS) के परफॉर्मेंस का भी विश्लेषण किया है। उसने बताया है कि एक साल में एक्विटवली मैनेज्ड 26.8 फीसदी ईएलएसएस स्कीम का प्रदर्शन बीएसई 100 इंडेक्स के मुकाबले कमजोर रहा। अगर 5 साल में देखें तो 79 फीसदी ईएसएसएस ने बीएसई 100 इंडेक्स से कम रिटर्न दिए हैं। ELSS म्यूचुअल फंड्स की उन स्कीमों को कहते हैं, जिनमें इनवेस्टमेंट पर टैक्स-छूट मिलती है। यह स्कीम इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत टैक्स-छूट वाले निवेश के विकल्पों में शामिल हैं।

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मिड और स्मॉल-कैप स्कीमों ने अपने इनवेस्टर्स को और ज्यादा निराश किया है। एक साल में ऐसी 50 फीसदी स्कीमों का प्रदर्शन बेंचमार्क (S&P BSE 400 MidSmallCap Index) के मुकाबले कम रहा। पांच साल में 58 फीसदी स्कीमों ने बीएसई 400 मिडस्मॉलकैप इंडेक्स के मुकाबले कम रिटर्न दिए।

SPIVA स्कोरबोर्ड के लिए परफॉर्मेंस के कैलकुलेशन के लिए सिर्फ ज्यादा एसेट वाली एमएफ स्कीमों को शामिल किया गया है। अगर किसी रेगुलर प्लान का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) उसके डायरेक्ट प्लान के मुकाबले ज्यादा है तो रेगुलर प्लान के परफॉर्मेंस पर विचार किया गया है। इसी तरह अगर डायरेक्ट प्लान का एयूएम रेगुलर प्लान से ज्यादा है तो डायरेक्ट प्लान के परफॉर्मेंस पर विचार किया गया है।

म्यूचुअल फंड्स एनालिस्ट्स का कहना है कि बेंचमार्क सूचकांकों से रिटर्न की तुलना करने से बेहतर है कि म्यूचु्ल फंड स्कीमों के रोलिंग रिटर्न को देखा जाए। इनवेस्टर्स को यह बात ध्यान में रखनी होगी कि सभी स्कीमें उस बेचमार्क का इस्तेमाल नहीं करती, जो एसपीआईवीए करता है। कई लार्ज-कैप इक्विटी स्कीमें निफ्टी 50 इंडेक्स को बतौर बेंचमार्क इस्तेमाल करती हैं। ईएलएसएस एनएसई 500 जैसे व्यापक दायरे वाले इंडेक्स को बतौर बेंचमार्क इस्तेमाल करती हैं।

म्यूचुअल फंड्स स्कीमों का स्कोरबोर्ड 2020 के मुकाबले अच्छा है। इस स्टडी से पता चला है कि लार्ज-कैप की 50 फीसदी स्कीमों का प्रदर्शन एसएंडपी बीएसई 100 इंडेक्स से कमजोर रहा। 2020 में 80 फीसदी ऐसी स्कीमों का प्रदर्शन बेंचमार्क के मुकाबले कमजोर रहा था।

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