पिछले दो साल में बैलेंस्टड एडवॉन्टेज फंड (Balanced Advantage Funds) की लोकप्रियता बढ़ी है। पिछले साल दिसंबर में इन फंड्स में 3,793 करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट आया। यह इक्विटी-ओरिएंटेड (Equity-Oriented) और हाइब्रिड फंड्स (Hybrid Funds) में दूसरा सबसे ज्यादा था। साल 2021 में बैलेंड्स्ट एडवॉन्टेज फंड्स (BAF) का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 71,587 करोड़ रुपये बढ़ गया। यह सभी इक्विटी और हाइब्रिड फंड्स में एयूएम (AUM) में सबसे ज्यादा ग्रोथ है।
जब स्टॉक मार्केट चढ़ता है तब बीएएफ शेयर बेचते (मुनाफावसूली) हैं, जिससे आपको नुकसान की गुंजाइश कम हो जाती है। जब स्टॉक मार्केट गिरता है तो बीएएफ शेयर खरीदते हैं। हालांकि, सभी बीएएफ की स्ट्रैटेजी एक जैसी नहीं होती है। शेयर बेचने के मामले में उनमें समानता हो सकती है, लेकिन इसके रास्ते अलग-अलग हैं। इसका असर उनके परफॉर्मेंस पर पड़ता है। जब पिछले साल अक्टूबर से दिसंबर के दौरान स्टॉक मार्केट्स में गिरावट आई तो एचडीएफसी बैलेंस्ड एडवॉन्टेज फंड में 8.3 फीसदी तक की गिरावट आई।
इस दौरान इन्वेस्को डायनेमिक इक्विटी फंड और एडलवाइज बैलेंस्ड एडवॉन्टेज फंड में करीब 5-5 फीसदी की गिरावट आई। आईटीआई बैलेंस्ड एडवॉन्टेज फंड और डीएसपी डायनेमिक एसेट एलोकेशन फंड में से दोनों में 3 फीसदी से कम गिरावट आई। अक्टूबर 2021 और जनवरी 2022 के बीच तीन बेस्ट परफॉर्मेंस फंड्स की औसत गिरावट करीब 1.5 फीसदी थी। सबसे नीचे के तीन फंड्स करीब 4 फीसदी गिरे।
मनीकंट्रोल के एनालिसिस से पता चलता है कि 2021 में इक्विटी एलोकेशन के आधार पर मुख्य रूप से चार तरह के बैलेंस्ड एडवॉन्टेज फंड्स हैं। कोटक बैलेंस्ड एडवॉन्टेज फंड और डीडीएफ ने लगातार अपना 30 फीसदी पैसा शेयरों में बनाए रखा है। आईडीएफसी बैलेंस्ड एडवॉन्टेज फंड और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल बैलेंस्ड फंड ने अपना 40 फीसदी पैसा शेयरों में रखा है। दो स्कीम्स एडलवाइज और एचडीएफसी बीएएफ ने अपना 60 से 70 फीसदी पैसा शेयरों में रखा है।
चौथे लॉट में निप्पॉन इंडिया बैलेंस्ड एडवॉन्टेज फंड और एक्सिस बैलेंस्ड एडवॉन्टेज फंड जैसे बीएएफ आते हैं। इनमें पूरे 2021 के दौरान काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
मुख्य रूप से बैलेंस्ड एडवॉन्टेज फंड्स (BAF) तीन तरह की स्ट्रैटेजी अपनाते हैं। इनमें से एक स्ट्रेटेजी प्रो-साइक्लिकल है। रूपी विद रूषभ इन्वेस्टमेंट सर्विसेज के फाउंडर रूषभ देसाई ने कहा, "यह ऊंचे में खरीदता है और ज्यादा ऊंचे स्तर पर बेचता है। यह बुल रन की शुरुआत में ज्यादा शेयर खरीदता है और पीक पर बेच देता है।" एडलवाइज इसका सही उदाहरण है। जब शेयर बाजार चढ़ता है तो एडलवाइज का एलोकेशन भी बढ़ जाता है।
दूसरी स्ट्रैटेजी सबसे पॉपुलर है, जो काउंटर-साइक्लिकल है। इस स्ट्रैटेजी को अपनाने वाले बीएएफ स्टॉक मार्केट पीक पर होने पर शेयर बेच देते हैं और जब बाजार गिरने लगता है तो खरीदते हैं। देसाई ने कहा, "दूसरे बीएएफ के मुकाबले इनमें उतार-चढ़ाव कम दिखता है और ये मीडियम रिस्क लेने वालों के लिए हैं।" आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल बीएएफ इसका सही उदाहरण है। इस फंड का एयूएम 38,000 करोड़ रुपये है।
तीसरी स्ट्रैटेजी में हाई इक्विटी एलोकेशन आता है, चाहे स्टॉक मार्केट का लेवल जो भी हो। एचडीएफसी बीएएफ का इक्विटी एलोकेशन लंबे समय तक 65 फीसदी से ज्यादा रहा है। लेकिन, सितंबर 2021 से इसका इक्विटी एलोकेशन 60 फीसदी से नीचे आ गया। इसके बावजूद यह इक्विटी-ओरिएंटेज फंड (कम से कम 65 फीसदी इक्विटी एलोकेशन) कैटेगरी में आता है।
क्या बीएएफ आपके पोर्टफोलियो के लिए सही है?
चूंकि बीएएफ का मकसद गिरावट में आपको नुकसान से बचाना और तेजी में आपका मुनाफा बढ़ाना है, जिसके चलते बीएफ में आम तौर पर गिरावट की स्थिति में सेंसेक्स के मुकाबले कम गिरावट आती है। इसका प्रदर्शन डेट फंड्स से अच्छा होता है, क्योंकि बीएएफ हाइब्रिड फंड्स हैं। ये शेयर और बॉन्ड दोनों में इन्वेस्ट करते हैं। इसलिए आप अपने पोर्टफोलियो में बीएएफ को शामिल कर सकते हैं।