Nestle India Q2 results: नेट प्रॉफिट 36% बढ़कर ₹1,010 करोड़, अच्छे नतीजों के बाद क्यों गिरा शेयर?

Nestle India Q2 results: सितंबर तिमाही में नेस्ले का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 35.9 फीसदी बढ़कर 1,009.6 करोड़ रुपये रहा। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 20.3 फीसदी बढ़कर 6,788.3 करोड़ रुपये रहा। इसके बावजूद शेयर में गिरावट आई

अपडेटेड Oct 15, 2026 पर 1:33 PM
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Nestle India का शेयर नतीजों के बाद एक समय करीब 7 फीसदी तक गिर गया था। बाद में यह कुछ हद तक संभलने में सफल रहा।

Nestle India Q2 results: नेस्ले इंडिया ने सितंबर तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। इस दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 35.9 फीसदी बढ़कर 1,009.6 करोड़ रुपये रहा। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 20.3 फीसदी बढ़कर 6,788.3 करोड़ रुपये रहा। लेकिन, नतीजों के बाद कंपनी के शेयरों में तेज गिरावट दिखी।

एक समय 7 फीसदी तक गिरा था शेयर 

Nestle India का शेयर नतीजों के बाद एक समय करीब 7 फीसदी तक गिर गया था। बाद में यह कुछ हद तक संभलने में सफल रहा। इसकी वजह कंपनी के मैनेजमेंट की कमेंट्री है। मैनेजमेंट ने कहा है कि कंपनी को बढ़ते इनफ्लेशन खासकर फूड इनफ्लेशन और कमोडिटी की कीमतों में उछाल से दबाव का सामना करना पड़ रहा है।


स्टैंडएलोन प्रॉफिट में 36 फीसदी उछाल 

नेस्ले इंडिया का स्टैंडएलोन नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 36.2 फीसदी बढ़कर 1,026.8 करोड़ रुपये रहा, जबकि ऑपरेशंस से रेवेन्यू 20.3 फीसदी बढ़कर 6,788.3 करोड़ रुपये रहा। स्टैंडएलोन प्रॉफिट सीएनबीसी-टीवी18 के पोल में एनालिस्ट्स के 1,018 करोड़ रुपये के अनुमान से ज्यादा रहा।

सभी प्रोडक्ट्स ग्रुप में सितंबर तिमाही में अच्छी ग्रोथ

नेस्ले इंडिया के चेयरमैन एवं मैनेजिंग ड़ायरेक्टर मनीष तिवारी ने कहा कि सभी प्रोडक्ट्स ग्रुप में अच्छी ग्रोथ रही। वॉल्यूम में डबल डिजिट ग्रोथ से इसे अच्छा सपोर्ट मिला। कंपनी की कुल सेल्स 20.5 फीसदी बढ़कर 6,782.2 करोड़ रुपये रही। घरेलू बाजार में सेल्स में 20.4 फीसदी इजाफा हुआ।

बढ़ते फूड इनफ्लेशन ने बढ़ाया कंपनी पर दबाव 

सितंबर तिमाही में कंपनी का EBITDA मार्जिन 23.8 फीसदी रहा। हालांकि, एडवर्टाइजिंग और मार्केटिंग पर कंपनी का खर्च 46 फीसदी बढ़ गया। इसकी वजह यह है कि कंपनी ने अपने ब्रांड्स पर निवेश बढ़ाया है। तिवारी ने कहा, "बढ़ता इनफ्लेशन खासकर फूड इनफ्लेशन एक सच्चाई है। कमोडिटी की बढ़ती कॉस्ट से निपटने के लिए कंपनी इनोवेशन, प्रोडक्टविटी बढ़ाने और ऑपरेशनल एफिशियंसीज पर फोकस करेगी।"

कॉफी और गेहूं की कीमतें सीमित दायरे में रहने का अनुमान

कंपनी ने कमोडिटी ऑउटलुक के बारे में कहा है कि कॉफी और गेहूं की कीमतें सीमित दायरे में रहने की उम्मीद है। चीनी और खाद्य तेल की कीमतें हाई लेवल पर बनी हुई हैं। मौसम को लेकर चिंता की वजह से कोकोआ की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। दूध की कीमतों में भी सीजनल तेजी दिखी है। लेकिन, आगे सप्लाई बढ़ने पर कीमतों में नरमी आने की उम्मीद है।

ई-कॉमर्स बिजनेस की ग्रोथ स्ट्रॉन्ग 

कंपनी ने कहा है कि उसके ई-कॉमर्स बिजनेस की ग्रोथ स्ट्रॉन्ग रही। इसमें क्विक कॉमर्स का बड़ा हाथ रहा। कई प्रमुख कैटेगरी में ऑर्गेनाइज्ड रिटेल में भी स्ट्रॉन्ग ग्रोथ देखने को मिली। कंपनी को आउट-ऑफ होम बिजनेस को इनोवेशन और प्रीमियममाइजेशन का सपोर्ट मिला।

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बीते एक साल में 7% चढ़ा शेयर 

कंपनी के मैगी नूडल्स की स्ट्रॉन्ग डिमांड है। इसके अलावा किटकैट, मंच जैसे चॉकलेट और नैस्केफे कॉफी की बाजार में अच्छी हिस्सेदारी है। नेस्ले का शेयर 15 अक्तूबर को 1:30 बजे 5.41 फीसदी गिरकर 1,308 रुपये पर चल रहा था। बीते एक साल में यह शेयर 7 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।

 

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