न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी (एनआईएसीएल) और आईएफसीआई के शेयर 2 सितंबर को बाजार खुलते ही रॉकेट बन गए। इसकी वजह यह चर्चा है कि एनएसई के आईपीओ में सब्सक्रिप्शन की शुरुआत इसी महीने हो सकती है। खबरों में बताया गया है कि एनएसई का आईपीओ सितंबर में लॉन्च हो सकता है। हालांकि, अभी इस खबर की पुष्टि नहीं हुई है।
IFCI का शेयर 11 फीसदी तक चढ़ गया था
इस खबर से उन कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त खरीदारी शुरू हो गई, जिनकी NSE में हिस्सेदारी है। IFCI का शेयर 1 बजे 10:14 फीसदी चढ़कर 96.13 रुपये पर चल रहा था। New India Assurance Company का शेयर 5.90 फीसदी के उछाल के साथ 197 रुपये पर चल रहा था। यह तेजी तब है, जब शेयर बाजारों पर दबाव दिखा।
NSE का आईपीओ देश का सबसे बड़ा आईपीओ होगा
IFCI सरकार की कंपनी है। यह एक एनबीएफसी है। इसकी स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL) में 52 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसकी NSE में 4.4 फीसदी हिस्सेदारी है। न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी की NSE में 1.42 फीसदी हिस्सेदारी है। एनएसई का आईपीओ देश का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा।
NSE के आईपीओ में एसबीआई बेचेगा हिस्सेदारी
NSE के 30,000 करोड़ रुपये के आईपीओ में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और उसकी सब्सिडियरी SBI Capital Markets का 1 फीसदी तक हिस्सेदारी बेचने का प्लान है। एसबीआई के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने एक इंटरव्यू में कहा था कि एसबीआई एनएसई के आईपीओ में पार्टिसिपेट करेगा। वह एक्सचेंज में अपनी 0.65 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगा।
एसबीआई की एनएसई में 3.23 फीसदी हिस्सेदारी
SBI की NSE में 3.23 फीसदी हिस्सेदारी है। एसबीआई कैपिटल मार्केट्स की एनएसई में 4.33 फीसदी हिस्सेदारी है। ब्लूमबर्ग की खबर के मुताबिक, एनएसई ने संभावित निवेशकों के साथ मीटिंग्स में अपने शेयरों की मार्केटिंग 2,000-2,100 रुपये प्रति शेयर की कीमत पर की है। मार्केट कैपिटलाइजेशन के लिहाज से एनएसई दुनिया का छठा सबसे बड़ा एक्सचेंज होगा।
31,500 करोड़ का हो सकता है एनएसई का आईपीओ
करीब 55 अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर एनएसई आईपीओ में 6 फीसदी हिस्सेदारी बेचती है तो इश्यू का साइज 31,500 करोड़ रुपये रह सकता है। यह ह्यूंडई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ से ज्यादा है। Hyundai का आईपीओ 2024 में आया था। यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ है।
ट्रेडिंग वॉल्यूम के मामले में बीएसई से आगे है एनएसई
NSE का मुकाबला बीएसई से है। बीएसई एशिया का सबसे पुराना एक्सचेंज है। लेकिन, ट्रेडिंग वॉल्यूम के लिहाज से यह एनएसई से काफी पीछे है। बीएसई के शेयर पहले से एनएसई में सूचीबद्ध हैं। 2 सितंबर को बीएसई के शेयरों पर दबाव दिखा। 1:20 बजे शेयर का भाव 2.83 फीसदी गिरकर 3,150 रुपये पर चल रहा था।