New IPO: मार्केट रेगुलेट सेबी (SEBI) ने दो दवा कंपनियों के आईपीओ को मंजूरी दे दी है, जिसमें इनोवा कैपटैब लिमिटेड (Innova Captab) और ब्लू जेट हेल्थकेयर (Blue Jet Healthcare) शामिल है। दोनों फर्मों ने पिछले साल जून और सितंबर के बीच सेबी के पास अपने आईपीओ कागजात दाखिल किए थे। इन्हें 9-11 जनवरी के दौरान ऑब्जर्वेशन लेटर प्राप्त हुए हैं। आईपीओ लाने से पहले किसी भी कंपनी के लिए ऑब्जर्वेशन लेटर हासिल करना जरूरी होता है। दोनों कंपनियों के शेयर बीएसई और एनएसई पर लिस्ट होंगे। आइए जानते हैं कि इन दोनों कंपनियों का प्लान क्या है।
ड्राफ्ट पेपर्स के अनुसार, इस आईपीओ के तहत इनोवा कैपटैब 400 करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर जारी करेगी। इसमें से 180.5 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज के भुगतान के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, 29.5 करोड़ रुपये का इस्तेमाल इसकी सब्सिडियरी UML द्वारा लिए गए कर्ज के भुगतान के लिए और 90 करोड़ रुपये का उपयोग वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए किए जाएंगे।
इसके अलावा, कंपनी 96 लाख इक्विटी शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत करने जा रही है। OFS के हिस्से के रूप में तीन प्रमोटरों - मनोज कुमार लोहारीवाला, विनय कुमार लोहारीवाला और ज्ञान प्रकाश अग्रवाल द्वारा शेयरों की बिक्री की जाएगी। तीनों प्रमोटर 32-32 लाख शेयर बेचेंगे। इनोवा कैपटैब भारत में एक इंटीग्रेटेड फार्मास्युटिकल कंपनी है जिसकी मौजूदगी रिसर्च एंड डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग, ड्रग डिस्ट्रिब्यूशन और मार्केटिंग और एक्सपोर्ट में है।
फार्मास्युटिकल सामग्री बनाने वाली कंपनी ब्लू जेट हेल्थकेयर का आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) पर बेस्ड होगा, इसका मतलब है कि कंपनी को इससे कोई आय प्राप्त नहीं होगी। कंपनी ने पिछले साल सितंबर में आईपीओ के लिए आवेदन किया था। OFS के हिस्से के रूप में प्रमोटर अक्षय बंसारीलाल अरोड़ा और शिवेन अक्षय अरोड़ा द्वारा 21,683,178 इक्विटी शेयरों की बिक्री की जाएगी। मुंबई स्थित यह कंपनी इनोवेटर फार्मास्युटिकल कंपनियों के लिए खास प्रोडक्ट्स बनाने का काम करती है।
इस कंपनी की शुरुआत स्व. श्री बीएल अरोड़ा द्वारा जेट केमिकल्स के रूप में साल 1968 में की गई थी। ब्लू जेट हेल्थकेयर को इसके एग्जीक्यूटिव चेयरमैन अक्षय बंसारीलाल अरोड़ा द्वारा प्रमोट किया गया है। कंपनी "ब्लू जेट" ब्रांड नाम के तहत काम करती है। कंपनी का बिजनेस मॉडल कॉम्प्लेक्स केमिस्ट्री कैटेगरी के कोलैबरेशन, डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस्ड है। पिछले 5 दशकों में, इसने 100 से अधिक प्रोडक्ट्स का विकास किया है और 40 से अधिक प्रोडक्ट्स को कमर्शियलाइज किया है।