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Nifty IT worst in 15 years: 15 साल में निफ्टी आईटी की सबसे कमजोर छमाही, इन 5 बातों से तय होगी आगे की चाल

Nifty IT worst in 15 Years: इस साल की पहली छमाही में निफ्टी आईटी 15 साल में सबसे अधिक स्पीड से नीचे गिरा। परेशान करने वाली बात ये है कि इस तेज गिरावट के बावजूद वैल्यूएशन अभी भी महंगा ही है। जानिए ऐसा कैसे है और एक्सपर्ट्स का रुझान क्या है और आईटी सेक्टर के लिए पांच अहम ट्रिगर क्या हैं

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Jul 02, 2026 पर 9:23 AM
Nifty IT worst in 15 years: 15 साल में निफ्टी आईटी की सबसे कमजोर छमाही, इन 5 बातों से तय होगी आगे की चाल
शेयर धड़ाम होते हैं तो आमतौर पर वैल्यूएशन सस्ता होता है लेकिन इस बार आईटी शेयरों की भारी गिरावट भी इसके वैल्यूएशन को कम नहीं कर पाई है।

Nifty IT worst in 15 years: दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयरों के मूवमेंट को ट्रैक करने वाले निफ्टी आईटी के लिए यह साल काफी बुरा साबित हुआ। इस साल के पहले छह महीने में निफ्टी आईटी 31% टूटा। इतनी भारी गिरावट इससे पहले साल 2001 में हुई थी जब यह 44% फिसला था। फिलहाल यह तीन साल के निचले स्तर पर है। इस दौरान अधिकतर लार्जकैप आईटी कंपनियों के शेयर 30%-35% तक टूट चुके हैं तो बुधवार को 17% की गिरावट के बाद केपीआईटी टेक का शेयर इस साल अब तक 50% से अधिक गिर चुका है।

गिरावट के बावजूद वैल्यूएशन अभी भी महंगा

शेयर धड़ाम होते हैं तो आमतौर पर वैल्यूएशन सस्ता होता है लेकिन इस बार आईटी शेयरों की भारी गिरावट भी इसके वैल्यूएशन को कम नहीं कर पाई है। हालांकि अधिकतर आईटी कंपनियों का वैल्यूएशन घटकर वित्त वर्ष 2028 की अनुमानित कमाई के मुकाबले लगभग 13 गुना (13x P/E) पर आ गया है, जो उनके पिछले 10 वर्षों के औसत 15 से 20 गुना के मुकाबले काफी कम है लेकिन इसके बावजूद भारतीय आईटी कंपनियों के शेयर अब भी अपने वैश्विक प्रतिस्पर्धियों की तुलना में काफी महंगे हैं।

गोल्डमैन सैक्स के अनुसार भारतीय आईटी कंपनियां अगले 12 महीनों की अनुमानित कमाई के मुकाबले 14 गुना P/E पर ट्रेड कर रही हैं जोकि उनके 10-वर्ष के औसत से 25% और 5-वर्ष के औसत से 35% कम है लेकिन दूसरी तरफ एसेंचर (Accenture), कॉग्निजेंट (Cognizant) और केपजेमिनी (Capgemini) जैसी वैश्विक आईटी कंपनियों का औसत Forward P/E केवल 8 गुना है। इसका मतलब है कि भारतीय आईटी कंपनियां अभी भी अपने वैश्विक प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले लगभग 90% प्रीमियम पर ट्रेड कर रही हैं, जबकि आमतौर पर पहले यह प्रीमियम महज 20% से 30% के बीच रहता था।

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