Corona वाले साल भी Nifty ग्रीन, लेकिन अब 10 साल बाद लाल की कगार पर, इस साल टूटा 14%, अब चार्ट पर ये लेवल करें मार्क

Nifty Outlook: कोरोना महामारी वाले साल को मिलाकर लगातार 10 वर्षों तक ग्रीन रहने के बाद इस साल 2026 में आठ वजहों से निफ्टी अब तक 14% से अधिक टूट गया। अब इस साल बस एक तिमाही ही बची है तो अगर निफ्टी रिकवर नहीं हो पाता है तो 10 वर्षों की रैली पर ब्रेक लग सकता है। जानिए निफ्टी को इस साल किन आंधियों से गुजरना पड़ा और इसके लिए अहम लेवल्स क्या हैं

अपडेटेड Oct 04, 2026 पर 10:33 AM
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Nifty के लिए पिछले 10 साल के सालाना सफर की बात करें तो सबसे अधिक बढ़त 2016 में दिखी थी। यहां तक कि कोरोना महामारी से प्रभावित वर्ष 2020 में भी निफ्टी ने दमदार मजबूती हासिल की थी।

Nifty Outlook: देश की 50 दिग्गज लिस्टेड कंपनियों के शेयरों को ट्रैक करने वाला एनएसई का इंडेक्स Nifty 50 इस साल लाल होने की कगार पर है। पिछले 10 साल से यह लगातार बढ़त के साथ ग्रीन जोन में बंद हो रहा है लेकिन इस बार इसकी रैली थमती दिख रही है। इस साल अभी तीन महीने बचे हैं और अभी तक की स्थिति के हिसाब से यानी 1 अक्टूबर तक निफ्टी 14.97% कमजोर हो चुका है यानी कि निफ्टी को अपनी ग्रीन रैली बनाए रखने के लिए जोरदार रिकवरी दिखानी होगी।

एक कारोबारी दिन पहले शुक्रवार 1 अक्टूबर को यह 0.88% की गिरावट के साथ 22421.95 पर बंद हुआ था। इस साल की शुरुआत में 5 जनवरी 2026 को यह इंट्रा-डे में 26,373.20 के रिकॉर्ड हाई तक पहुंचा था तो क्लोजिंग बेसिस पर 2 जनवरी 2026 को यह 26,328.55 के रिकॉर्ड हाई पर बंद हुआ था।

10 साल में कब कितनी बढ़त के साथ बंद हुआ Nifty


निफ्टी के लिए पिछले 10 साल के सालाना सफर की बात करें तो सबसे अधिक बढ़त 2016 में दिखी थी। यहां तक कि कोरोना महामारी से प्रभावित वर्ष 2020 में भी निफ्टी ने दमदार मजबूती हासिल की थी। यहां पिछले 10 साल की रैली का ट्रैक रिकॉर्ड दिया जा रहा है-

वर्ष निफ्टी उठा-पटक
2015 (-)4.06%
2016 3.01%
2017 28.65%
2018 3.15%
2019 12.02%
2020 14.90%
2021 24.12%
2022 4.33%
2023 20.03%
2024 8.80%
2025 10.51%
2027 (-)14.97% (1 अक्टूबर तक)

आखिर क्यों टूट रहा निफ्टी

इस साल निफ्टी जनवरी से सितंबर तक सिर्फ अप्रैल, जून और जुलाई महीने में मजबूत हुआ और अक्टूबर भी शुरुआत कमजोर हुई। इस साल अब तक यह 14.97% कमजोर हुआ है जिसमें से 11.31% की कमजोरी तो मार्च महीने में आई थी। निफ्टी को इस साल कई आंधियों से जूझना पड़ा जैसे कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध, कच्चे तेल में उबाल, टैरिफ वार, महंगाई की तेज रफ्तार, सख्त मौद्रिक नीतियां, बॉन्ड यील्ड में उछाल, विदेशी निवेशकों की ताबड़तोड़ बिकवाली और सेल ऑन राइज स्ट्रैटेजी।

अहम लेवल्स

लेवल  टाइप  इसलिए है अहम
22,217 तात्कालिक सपोर्ट 1 अक्टूबर का इंट्रा-डे लो
22,182 मजबूत सपोर्ट अप्रैल 2026 का निचला स्तर/ 52-हफ्ते के निचले स्तर के आस-पास
22,000 अगला सपोर्ट मनोवैज्ञानिक स्तर
21,750 अगला सपोर्ट अप्रैल 2025 का निचला स्तर
22,600–22,800 तात्कालिक रेजिस्टेंस हाल-फिलहाल की टेक एनालिसिस में रेजिस्टेंस जोन
23,000 अहम रेजिस्टेंस 22,800–23,000 जोन का अपर एंड

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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