नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड (NSE) का शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा अप्रैल-जून 2026 तिमाही में 6.7 प्रतिशत बढ़ गया। ऐसा बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव के कारण ट्रेडिंग एक्टिविटी बढ़ने की वजह से हुआ। इससे ऑपरेटिंग इनकम बेहतर हुई और ट्रांजेक्शन चार्ज से रेवेन्यू बढ़ा। अपनी वेबसाइट पर जारी एक बयान में NSE ने कहा कि उसके शुद्ध मुनाफे का आंकड़ा 3,120 करोड़ रुपये रहा, जबकि जून 2025 तिमाही में यह 2,924 करोड़ रुपये था।
जून 2026 तिमाही में एक्सचेंज की कुल इनकम में भी सालाना आधार पर 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इनकम 5,252 करोड़ रुपये हो गई, जबकि एक साल पहले यह 4,798 करोड़ रुपये थी। ट्रेडिंग ऑपरेशंस से रेवेन्यू 4,100 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले के मुकाबले 12.8 प्रतिशत ज्यादा है।ट्रांजेक्शन चार्जेस से रेवेन्यू बढ़कर 3,623 करोड़ रुपये हो गया, जो जून 2025 तिमाही में 3,154 करोड़ रुपये था। ट्रांजेक्शन चार्जेस से रेवेन्यू NSE की इनकम का सबसे बड़ा सोर्स है।
डेटा कनेक्टिविटी चार्जेस से रेवेन्यू 258 करोड़ रुपये, डेटा फीड और टर्मिनल सर्विसेज से रेवेन्यू 150 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। जून 2026 तिमाही में NSE के खर्च बढ़कर 1,129 करोड़ रुपये के हो गए। एक साल पहले ये 1,053 करोड़ रुपये के थे। एक्सचेंज ने तिमाही के दौरान कई तरह के टैक्स और चार्जेस को मिलाकर सरकार के खजाने में 20,579 करोड़ रुपये का योगदान दिया।
NSE के 3 अरब डॉलर या 300 अरब रुपये के IPO को सितंबर में लॉन्च करने का लक्ष्य है। हालांकि साइज, वैल्यूएशन और टाइमिंग जैसी डिटेल बदल भी सकती हैं। NSE के IPO का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। एक्सचेंज जून 2026 में IPO का ड्राफ्ट जमा कर चुका है। इस पर कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी की मंजूरी का इंतजार है। इस IPO में केवल ऑफर फॉर सेल रहेगा। NSE के मौजूदा शेयरधारक 14.89 करोड़ शेयर यानि कंपनी का लगभग 6% हिस्से को बिक्री के लिए रखेंगे।
OFS में टेमासेक होल्डिंग्स पीटीई., LIC, SBI और SBI कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड शेयर बेच सकते हैं। SBI का 2.475 करोड़ शेयर बेचने का प्लान है। बैंक ऑफ बड़ौदा करीब 2,197 करोड़ रुपये के शेयर बेच सकता है।
देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है NSE
NSE, बाजार हिस्सेदारी के मामले में देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। NSE के शेयरधारकों में घरेलू वित्तीय संस्थान, बीमा कंपनियां, विदेशी निवेशक और व्यक्तिगत निवेशक शामिल हैं। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) 10.72 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ NSE की सबसे बड़ी शेयरधारक है। वहीं भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और उसकी सब्सिडियरी SBI कैपिटल मार्केट्स की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 7.5 प्रतिशत है। विदेशी निवेशकों में टेमासेक की सब्सिडियरी अरांदा इन्वेस्टमेंट्स और कनाडा पेंशन प्लान इनवेस्टमेंट बोर्ड (CPPIB) की भी अच्छी खासी हिस्सेदारी है।
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