OFSS Share Price : पेरेंट कंपनी ओरेकल कॉर्प की दिक्कतें बढ़ने से OFSS (Oracle Financial Services Software) के शेयरों में तेज गिरावट आई है। यह शेयर करीब 7 फीसदी गिरावट के साथ वायदा का टॉप लूजर बना है। फिलहाल यह 830.00 रुपए यानी 6.98 फीसदी की गिरावट के साथ 11066 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा है। आज का इसका दिन का हाई 11,787 रुपए और दिन का लो 11,049 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 12,540 रुपए और 52 वीक लो 6,234.50 रुपए है। स्टॉक का ट्रेडिंग वॉल्यूम 398,178 शेयर के आसपास और मार्केट कैप 96,401 करोड़ रुपए है।
शुक्रवार को फाइनेंशियल टाइम्स ने जानकारी दी कि न्यू मैक्सिको में ओरेकल के लीज़ पर लिए गए डेटा सेंटर से जुड़े लगभग 18 अरब डॉलर के लोन पर दबाव बना है। यह न्यू मैक्सिको के प्रोजेक्ट जुपिटर से जुड़ा है लोन है। इन लोन की कीमत सिंडिकेट बैंकों (जिनमें सैंटेंडर और जेफरीज़ शामिल हैं)द्वारा डॉलर के मुकाबले 89 से 91 सेंट आंकी गई है। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार यह खबर ऐसे समय में आई है जब इस प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध बढ़ रहा है। लोगों को डर है कि इससे पानी की सप्लाई और हवा की क्वालिटी पर बुरा असर पड़ सकता है, जिससे Oracle का बड़ा AI इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने का काम रुक सकता है। Doña Ana काउंटी में 1,400 एकड़ का "प्रोजेक्ट जुपिटर"कैंपस OpenAI को AI कंप्यूटिंग क्षमता देने के लिए Oracle के साथ हुए बड़े समझौते का हिस्सा है।
बताते चलें कि भारतीय यूनिट में ओरेकल की हिस्सेदारी की कीमत 70,000 करोड़ रुपये (7.3 अरब डॉलर)है।
मीडिया में आई खबरों के मुताबिक,कंस्ट्रक्शन शुरू करने के लिए इस प्रोजेक्ट ने पिछले साल के आखिर में बैंकों के एक ग्रुप से 18 अरब डॉलर का लोन लिया था। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार,ओरेकल के बढ़ते कर्ज और घटती क्रेडिट-योग्यता की चिंताओं के चलते निवेशकों के एक बड़े समूह की कर्ज बेचने की कोशिशें रुक गई हैं।
जुलाई में S&P द्वारा रेटिंग घटाए जाने के बाद,Oracle की कॉर्पोरेट क्रेडिट रेटिंग'जंक'रेटिंग से बस एक पायदान ऊपर है। फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार बैंकों को अब अपनी बैलेंस शीट पर Oracle से जुड़े प्रोजेक्ट का उससे कहीं ज़्यादा कर्ज रखना पड़ रहा है,जितना उन्होंने शुरू में सोचा था। ओरेकल AI इंफ्रास्ट्रक्चर में अपने विस्तार के लिए खर्च बढ़ा रहा है,जबकि उस पर बढ़ता कर्ज निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक,शुरुआत में 'प्रोजेक्ट जुपिटर'को 2.2 गीगावाट की गैस टर्बाइनों से चलाने की योजना थी, लेकिन राज्य के लैंड ऑफिस ने डेटा सेंटर तक नैचुरल गैस पाइपलाइन बिछाने की मंज़ूरी देने से इनकार कर दिया।