Patanjali Foods Share Price : सोमवार, 21 सितंबर को भी पतंजलि फूड्स के शेयरों की हालिया तेजी जारी है। आज इसमें 6 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली है। कंपनी के मैनेजमेंट ने FY27 में ग्रोथ की संभावनाओं (खासकर FMCG और खाने के तेल के सेक्टर में) को लेकर उम्मीद जताई है और साथ ही मजबूत फ्री कैश फ्लो का अनुमान भी लगाया है। शुरूआती कारोबार में यह शेयर 6.5 प्रतिशत बढ़कर 390.75 रुपये पर पहुंच गया। जिससे पिछले चार सेशन में इसकी कुल बढ़त लगभग 15 प्रतिशत हो गई है। इस रिकवरी के बावजूद,पतंजलि फूड्स में 2026 में अब तक लगभग 30 प्रतिशत की गिरावट आई है,जबकि निफ्टी 50 में इसी अवधि में 10.7 प्रतिशत की गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन लगभग 42,300 करोड़ रुपये है।
FY27 में FMCG बिज़नेस में 18-20% ग्रोथ की उम्मीद
पतंजलि फूड्स के CEO संजीव अस्थाना ने CNBC-TV18 के साथ हुई बातचीत में कहा कि कंपनी को उम्मीद है कि FY27 में उसका FMCG बिजनेस 18-20 प्रतिशत बढ़ेगा,जबकि फूड्स बिजनेस के 8-10 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। खाने के तेल के बिजनेस में 4 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी की उम्मीद है। अस्थाना ने कहा कि कंपनी को FY27 के अपने लक्ष्य पूरे करने का भरोसा है और उम्मीद है कि इस अवधि में कंपनी 700-800 करोड़ रुपये का फ्री कैश फ्लो जेनरेट करेगी।
कंज्यूमर डिमांड को लेकर मैनेजमेंट की राय मिलीजुली
कंज्यूमर डिमांड को लेकर मैनेजमेंट की राय मिली-जुली है। अस्थाना ने कहा कि शहरी इलाकों में डिमांड मजबूत बनी हुई है और फेस्टिव सीज़न के अच्छे रहने की उम्मीद है। लेकिन खराब मॉनसून की वजह से कंपनी ग्रामीण इलाकों में डिमांड को लेकर उतने उत्साहित नहीं है। खाने के तेल की सप्लाई की स्थिति भी एक चिंता का विषय है। अस्थाना के मुताबिक,भारत में सूरजमुखी तेल का 90 फीसदी से ज्यादा इंपोर्ट अभी अटका हुआ है,जिससे सप्लाई एक बड़ी समस्या बन गई है।
अस्थाना ने यह भी कहा कि कंपनी के फ़ूड बिजनेस से जुड़ा कोई रेगुलेटरी मुद्दा नहीं है और प्रमोटरों की 38 प्रतिशत हिस्सेदारी के बदले कोई लोन नहीं लिया गया है।
जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन
जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन के बाद मैनेजमेंट ने नया आउटलुक जारी किया है। Q1 FY27 में पतंजलि फूड्स का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 86% बढ़कर 335.7 करोड़ रुपये हो गया,जबकि कंपनी की कामकाजी आय 29% बढ़कर 11,337.5 करोड़ रुपये रही। EBITDA 69% बढ़कर 543.3 करोड़ रुपये हो गया और EBITDA मार्जिन एक साल पहले के 3.7% से बढ़कर 4.8% पर रह। जून तिमाही कंपनी की लगातार चौथी तिमाही थी जिसमें रिकॉर्ड रेवेन्यू दर्ज किया गया।
कानूनी राहत मिलने से भी आया जोश
हाल ही में स्टॉक में आई तेजी के साथ-साथ पतंजलि ग्रुप को कानूनी राहत भी मिली है। दिल्ली हाई कोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद से जुड़े इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल के सात आदेशों को रद्द कर दिया है और प्रक्रिया में पाई गई कमियों और ट्रिब्यूनल द्वारा मामलों को संभालने के तरीके की आलोचना की है।