निफ्टी 50 की 5,000 अंकों की हालिया बढ़त में सिर्फ10 स्टॉक्स का रहा अहम योगदान

शेयर बाजार का निफ्टी 50 सूचकांक महज 220 सेशन में 25,000 के आंकड़े को पार कर गया। 11 सितंबर 2023 को यह सूचकांक 20,000 के स्तर पर पहुंचा था। पिछले 220 सेशन में 5,000 अंकों की बढ़ोतरी में सिर्फ 10 स्टॉक ने 50 पर्सेंट योगदान किया है। सितंबर 2023 से अब तक इस सूचकांक में तकरीबन 50 पर्सेंट की बढ़ोतरी देखने को मिली है

अपडेटेड Aug 01, 2024 पर 4:05 PM
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जानकारों के मुताबिक, फेडरल रिजर्व से कुछ अहम संकेत मिल रहे हैं।

शेयर बाजार का निफ्टी 50 सूचकांक महज 220 सेशन में 25,000 के आंकड़े को पार कर गया। 11 सितंबर 2023 को यह सूचकांक 20,000 के स्तर पर पहुंचा था। पिछले 220 सेशन में 5,000 अंकों की बढ़ोतरी में सिर्फ 10 स्टॉक ने 50 पर्सेंट योगदान किया है। सितंबर 2023 से अब तक इस सूचकांक में तकरीबन 50 पर्सेंट की बढ़ोतरी देखने को मिली है। इस दौरान सूचकांक की तेजी में मुख्य तौर पर भारती एयरटेल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, ONGC, टाटा मोटर्स, ICICI बैंक, NTPC, महिंद्रा एंड महिंद्रा और इंफोसिस शामिल हैं।

इन 10 स्टॉक के मार्केट कैप में 23.29 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जो निफ्टी के मार्केट कैप में कुल बढ़ोतरी का 53 पर्सेंट है। सूचकांक की तेजी में भारती एयरटेल और रिलायंस इंडस्ट्रीज का योगदान 8-8 पर्सेंट रहा। बाकी 8 स्टॉक का योगदान 36.6 पर्सेंट रहा। सिर्फ 4 स्टॉक- बजाज फाइनेंस, एशियन पेंट्स, HDFC बैंक और इंडसइंड बैंक ने इस तेजी में हिस्सा नहीं लिया। बहरहाल, संबंधित अवधि में निफ्टी 50 सूचकांक के बाकी 36 स्टॉक में 1-3 पर्सेंट की बढ़ोतरी रही।

मार्केट एनालिस्ट अजय बग्गा का कहना था, 'भारतीय शेयर बाजार में अच्छा समय चल रहा है और 1 अगस्त को निफ्टी 25,000 के लेवल को पार कर गया। शेयर बाजार में नई दिलचस्पी देखने को मिल रही है। निवेशकों को सलाह है कि वे गिरावट पर खरीदारी करें, नियमित तौर पर निवेश करें और बाजार में बने रहें।' जानकारों के मुताबिक, फेडरल रिजर्व की बैठक से कुछ अहम संकेत मिल रहे हैं- सितंबर में ब्याज दर में कटौती हो सकती है। साथ ही, इनफ्लेशन कंट्रोल के साथ-साथ अब बेरोजगारी और ग्रोथ पर भी फोकस होगा।


आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट मेहुल कोठारी का कहना है कि 25,000 अंकों की रिकॉर्ड ऊंचाई बाजार में सेंटीमेंट मजबूत होने की तरफ इशारा करता है। साथ ही, इनवेस्टर्स का भरोसा भी बना हुआ है। उनके मुताबिक, जिस तेजी से सूचकांक 25,000 के स्तर पर पहुंचा है, उसमें ट्रेडर्स के लिए प्रॉफिट बुकिंग भी बेहतर विकल्प हो सकता है। उन्होंने कहा कि चूंकि बाजार में काफी तेजी देखने को मिली है, लिहादा मौजूदा रैली में उतार-चढ़ाव या कंसॉलिडेशन देखने को मिल सकता है।

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